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…. भक्तों ने गले से उतारे बाबा के लॉकेट

Ram-Rahim-PTIरेप के आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अनुयायी अब सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय छोड़ने लगे हैं.डेरा सच्चा सौदा का हरियाणा के सिरसा में कई एकड़ में फैला मुख्यालय है.इस मुख्यालय में गुरमीत राम रहीम के कई हज़ार अनुयायी रहते हैं. लेकिन धीरे-धीरे बाबा के ये अनुयायी डेरा छोड़ने लगे हैं. डेरा छोड़ रहे बाबा राम रहीम के समर्थकों से जब बीबीसी ने बात करने की कोशिश की तो वे बात करने से कतराने लगे. हालांकि कुछ समर्थकों ने बताया कि वे अपने घरों की तरफ वापस लौट रहे हैं.रविवार सुबह 7-11 बजे के बीच कर्फ्यूं में ढील दी गई. इस दौरान स्थानीय निवासियों ने अपने लिए जरूरत का सामान खरीदा.सिरसा शहर में सच्चा सौदा वालों के दो डेरे हैं. इनमें पुराने डेरे को सेना ने अपने नियंत्रण में ले लिया है. वहां मौजूद समर्थकों से डेरा खाली करने के लिए कहा जा रहा है. अभी भी डेरे में लगभग 4-5 हज़ार समर्थकों के होने की आशंका है.ज्यादातर अनुयायी राजस्थान की तरफ जा रहे हैं. शहर में ट्रेन व बस सेवाएं फिलहाल बंद होने की वजह से बहुत से लोग ट्रकों और टैक्सियों का सहारा ले रहे हैं.कुछ लोग खेतों के रास्ते भी बाहर निकल रहे हैं. टैक्सियों या ट्रकों के इंतजार में बैठे अधिकतर लोग इस बात से इंकार कर रहे हैं कि वे डेरे में आए थे.

डेरे से बाहर निकल रहे अनुयायी अपनी पहचान भी छिपा रहे हैं. राम रहीम के अनुयायी हमेशा बाबा की तस्वीर वाला एक लॉकेट गले में पहने रहते हैं.लेकिन अपनी पहचान छिपाने के लिए ये अनुयायी उस लॉकेट को गले से निकाल रहे हैं. डेरे से निकल रहे अधिकतर अनुयायी खुद को आम आदमी बता रहे हैं और बाबा से जुड़ी किसी सी बात पर प्रतिक्रिया देने से इंकार कर रहे हैं.

सेक्टर 16 की लक्ष्मी ने बताया कि डेरा समर्थकों ने पांच गाड़ियों, ऑटो और बैंक में भी आग लगाई. उन्होंने कहा, “राम रहीम के समर्थकों ने कपड़े में आग लगाकर गाड़ी के अंदर फेंका और गाड़ी धू धू कर जलने लगी. लोग बाहर के थे. उनके पास बैग में पत्थर भरे थे.”पटियाला में पढ़ाई कर रही रीटा अपने रिश्तेदार के घर पंचकुला पहुंची हैं. उन्होंने कहा, “इन सभी चीज़ों के लिए बाबा राम रहीम दोषी हैं.”बाबाओं में लोगों की इतनी भक्ति क्यों है यह पूछे जाने पर रीटा ने कहा, “इसकी मुख्य वजह लोगों में गरीबी. जिसकी वजह से लोग इन बाबाओं के झांसे में आ जाते हैं.”जब इनसे पूछा गया कि उम्मीद की जा रही है कि इन्हें सात साल की सज़ा सुनाई जाएगी तो इन दोनों ने कहा कि ये कम है. इन्होंने कहा, “सात साल नहीं इनको उम्रकैद होनी चाहिए.”

पंचकुला की एक दुकानदार ने कहा कि सिरसा में ही फ़ैसला किया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा, “सज़ा भी साथ ही सुनाई जानी चाहिए थी क्योंकि जो हिंसा पंचकुला में हुई है वो सज़ा सुनाने के दिन फ़िर रोहतक में भी होगी. सारे बाबाओं को अंदर बंद किया जाना चाहिए. लोगों में अंधविश्वास बहुत ज़्यादा है. सरकार की ग़लती है. इतने बड़े हुज़ूम को इक्ट्ठा होने दिया. कल बंद था. हमें पता था कि फ़ैसला आने के बाद कुछ ग़लत होने वाला है. डेरा के समर्थकों ने इसकी तैयारियां कर रखी थीं. उनके पास डंडे थे. वो तैयारियों के साथ आए थे.”

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