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द्रविड़ राजनीति के स्तंभ करुणानिधि

karunanidhi leadचेन्नई। द्रविड़ राजनीति के आधार स्तंभ द्रमुक के प्रमुख नेता एम. करुणानिधि का निधन हो गया। तमिलनाडु की राजनीति के  करिश्माई नेताओं में गिने जाने वाले करुणानिधि पांच बार मुख्यमंत्री रहे। उनके परिवार में उनकी दो पत्नियां और छह बच्चे हैं। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन उनके बेटे हैं। उनकी बेटी कनीमोरी राज्यसभा की सदस्य हैं। निधन का समाचार मिलने के बाद तमिलनाडु में द्रमुक समर्थक सड़कों पर उतर आए। तमिलनाडु सरकार ने बुधवार की छुट्टी और पूरे सूबे में सात दिनों तक शोक की घोषणा की है। करुणानिधि के शव को कावेरी अस्पताल से गोपालपुरम आवास ले जाया गया है।  करुणानिधि राजनीतिक जीवन के साथ निजी जीवन के लिए भी खासे चर्चा में रहे। उन्होंने तीन विवाह किए। पहली पत्नी पद्मावती अब जीवित नहीं हैं। दूसरी पत्नी दयालु अम्मल और तीसरी पत्नी रजति अम्मल साथ उनके साथ ही रहती थीं। कसे फिल्म पटकथाकार होने की उनकी खूबी ने कहीं न कहीं उनके जीवन को भी प्रभावित किया और उनकी जिंदगी भी किसी फिल्म सरीखी रही।

पद्मावती अम्मायर

1944 में उनकी मुलाकात दक्षिण सिनेमा के गायक सीएस जयरामन की बहन पद्मावती से हुई। दोनों को एक दूसरे से प्रेम हुआ और 1946 में उन्होंने शादी कर ली। 1948 में बीमारी के चलते पद्मावती का निधन हो गया। पद्मावती से करुणानिधि को एक संतान है एम के मुत्थू जो अभिनेता बनना चाहते थे लेकिन सफल नहीं हुए।

दयालु अम्माल

पहली पत्नी की मृत्यु के चार साल बाद उन्होंने 1952 में दूसरी शादी दयालु अम्माल से की। दोनों के चार बच्चे हैं। बड़ा बेटा एमके अलागिरी जो 2009-2013 के दौरान संप्रग सरकार में केंद्रीय रसायन और फर्टिलाइजर मंत्री रहे। दूसरा बेटा एमके स्टालिन जिन्हें करुणानिधि का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है। राज्य के उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बेटी सेल्वी जिनकी शादी करुणानिधि के बड़े भांजे मुरासोली सेल्वम से शादी हुई। और सबसे छोटा बेटा तमिलनारासन कारोबारी है।

रजति अम्माल

पिछली सदी के छठे दशक में चुनाव प्रचार के दौरान उनकी मुलाकात एक डांस समूह की सदस्य रजति से हुई। उन्हें रजति भा गई और कुछ ही समय में दोनों ने शादी कर ली। तब रजति 20-21 वर्ष की थीं और करुणानिधि उनसे 21 साल बड़े थे। दोनों की एक बेटी है कनीमोरी जो राज्यसभा सांसद है। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में पार्टी के नेता ए राजा के साथ आरोपी बनीं। पिछले साल दिसंबर में सीबीआइ की विशेष अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।

बहन के बच्चे

उनकी बहन षणमुगासुंदरी के दो बच्चे हैं, मुरासोली सेल्वम जो द्रमुक मुखपत्र के संपादक हैं और मुरासोली मारन जिनका 2003 में देहांत हो गया। वह अपने समय में केंद्र में तीन बार मंत्री रहे।मुरासोली मारन की दो संतानें हैं- दयानिधि मारन जो दो बार चेन्नई सेंट्रल से सांसद और एक बार केंद्र में मंत्री रह चुके हैं। दूसरे बेटे कलानिधि मारन सन टेलीविजन ग्रुप के चेयरमैन हैं।

अपनी निजी जिंदगी से लेकर राजनीति में भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों के चलते करुणानिधि विवादों से घिरे रहे। जयललिता के साथ उनकी दुश्मनी भी उनके राजनीतिक सफर के साथ चलती रही। इसके बाद भी वह न सिर्फ तमिल राजनीति बल्कि देश की मुख्यधारा की राजनीति का भी प्रमुख चेहरा रहे।

राम सेतु पर बयान

सितंबर, 2007 में करुणानिधि ने कहा था कि, यह राम कौन हैं? ये कौन से इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई करके सिविल इंजीनियर बने? इन्होंने ये सेतु कब बनाया? क्या इसका कोई प्रमाण है? उनके बयान ने बड़ा बवाल बचा दिया। भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने उन पर धार्मिक भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, हम जानना चाहते हें कि क्या करुणानिधि किसी और धर्म के प्रमुख लोगों के बारे में ऐसी कोई टिप्पणी करेंगे? संभावनाएं हैं कि वे नहीं करेंगे।

लिट्टे के साथ संबंध

राजीव गांधी की हत्या के मामले की जांच करने वाले जस्टिस जैन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में करुणानिधि पर आरोप लगाया कि उन्होंने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) की मदद की। अंतरिम रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि और डीएमके पार्टी को राजीव गांधी के हत्यारों के सहयोग के लिए गुनाहगार माना जाए। हालांकि अंतिम रिपोर्ट में उन पर ऐसा कोई आरोप नहीं लगा। अप्रैल, 2009 में एक इंटरव्यू में करुणानिधि ने कहा कि, प्रभाकरण मेरा करीबी दोस्त है। साथ ही यह भी कहा कि भारत राजीव गांधी की हत्या करने के लिए लिट्टे को कभी माफ नहीं कर सकता है।

वंशवाद के हिमायती

तमिलनाडु की राजनीति में करुणानिधि का कद बहुत बड़ा था। इसका फायदा उठाते हुए उन्होंने अपने सगे-संबंधियों के लिए राजनीति के रास्ते खोले। उनके विरोधी और उन्हीं की पार्टी के कई नेताओं ने उनके खिलाफ आरोप लगाया कि उन्होंने अपने बेटे एमके स्टालिन को पार्टी में आगे बढ़ाया।

विधानसभा में जयललिता का अपमान

यह तमिलनाडु की राजनीति की सबसे शर्मनाक घटना है। 25 मार्च, 1989 को तमिलनाडु विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री करुणानिधि बजट पेश करने वाले थे। सभा में जयललिता विपक्ष की नेता के तौर पर मौजूद थीं। दोनों पार्टियों के बीच खींचतान लंबे समय से चल रही थी। विधानसभा में दोनों पार्टियों के नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे थे। इसी दौरान करुणानिधि की पार्टी डीएमके के नेताओं ने उनकी साड़ी पकड़ कर ऐसे खींची कि वह फट गई। जयललिता ने आरोप लगाया था कि उन पर वार भी किया गया।

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