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अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव ; ट्रंप और बिडेन के बीच कांटे का मुकाबला

usa president electionअमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान को अब सिर्फ दो दिन बचे हैं। इस अंतिम दौर में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ही पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत चुनाव अभियान में झोंक दी है।राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन ने फ्लोरिडा में एक घंटे के अंतराल पर रैलियां कीं और जबरदस्त जोर-आजमाइश की। इसके तुरंत बाद बिडेन मिशिगन पहुंचे और वहां अश्वेतों से मतदान की अपील की।राष्ट्रपति ट्रंप के साथ फ्लोरिडा रैली में उनकी पत्नी मेलानिया भी शामिल हुईं। ट्रंप ने जहां यह कहा कि हम जीत का नया इतिहास रचने जा रहे हैं वहीं उन्होंने कोरोना वायरस का सुरक्षित टीका शीघ्र लोगों को मुहैया कराना अपनी अहम जिम्मेदारी बताया।
दूसरी तरफ, बिडेन ने ट्रंप पर लोकतांत्रिक सरकारों के बजाय तानाशाहों की तारीफ और मदद करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने देश में नस्लवाद और बंटवारे का जहर फैलाया है।इसके बाद बिडेन ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मिशिगन पहुंचकर अश्वेतों को लामबंद करने की कोशिश की। इस दौरान दोनों नेताओं ने जॉर्ज फ्लॉयड, ब्रेयोना टेलर और जैकब ब्लैक जैसे बेकसूर अश्वेतों की मिसाल देते हुए ट्रंप को घेरा। उधर, ट्रंप ने भी रोचेस्टर की एक रैली में कहा कि बिडेन एक भ्रष्ट नेता हैं जिन्होंने अमेरिका को 47 साल तक धोखा दिया है।

वो आंखों में देख, पीछे घूमकर पीठ में छुरा भोंकेंगे : ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने मिनेसोटा की रैली में अपनी ताकत का एहसास डेमोक्रेटिक पार्टी को कराया। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन पर आरोप लगाया कि वह आपकी आंखों में देखेंगे और पीछे घूमकर आपकी पीठ पर छुरा भोंक देंगे। उन्हें (बिडेन) केवल सत्ता हासिल करने की चिंता है। ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा कि वे 3 नवंबर के मतदान में उन्हें जीत दिलाकर ही अपनी गरिमा की रक्षा कर सकते हैं।

कोरोना पर वित्तीय लाभ के लिए झूठ बोल रहे डॉक्टर
अमेरिका में कोविड-19 संक्रमण और इससे हो रही मौतों को लेकर ट्रंप ने डॉक्टरों को चालाक बताते हुए कहा, अमेरिकी डॉक्टर वित्तीय लाभ के लिए महामारी से मौत के बारे में झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा यदि आपका दिल खराब है या आप कैंसर पीड़ित हैं तो भी डॉक्टर उनकी मौत को कोरोना से हुई बताते हैं। क्योंकि यदि आप कोविड-19 से मरते हैं तो डॉक्टरों को ज्यादा पैसा मिलता है।

डॉक्टरों-नर्सों को कैसे कुसूरवार ठहरा सकते हैं : बिडेन
डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बिडेन ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कोरोना वायरस के सामने हथियार डाल चुके हैं। वे अब कोरोना से हो रही मौतों के लिए हमारे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दोषी ठहरा रहे हैं। आप डॉक्टर्स और नर्स को कैसे कसूरवार ठहरा सकते हैं। वे रोज अस्पतालों और मेडिकल केयर सेंटर्स जाते हैं। अपनी जिंदगी खतरे में डालते हैं ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।

ओपिनियन पोल : बिडेन आगे, ट्रंप के हाथ से निकली बाजी

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान से दो रोज पहले लगभग तमाम ओपिनियन पोल इस बारे में एकमत हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ से बाजी निकल चुकी है। अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन के ताजा सर्वे में बताया गया है कि बैटलग्राउंड कहे जाने वाले दो अहम राज्यों- विस्कोंसिन और मिशिगन में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन बढ़त बनाए हुए हैं।ये दोनों वो राज्य हैं, जहां पहले डेमोक्रेटिक पार्टी को मजबूत माना जाता था लेकिन 2016 में यहां आश्चर्यजनक रूप से ट्रंप ने जीत हासिल कर ली थी। अलग-अलग मीडिया संस्थानों और थिंक टैंक्स की सर्वेक्षणों का औसत प्रकाशित करने वाली वेबसाइट रियलक्लीयरपोलिटिक्स.कॉम के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर ट्रंप को 43.5 प्रतिशत वोटरों का समर्थन हासिल है, वहीं 51.3 फीसदी मतदाता बिडेन के पक्ष में हैं। बिडेन को 7.8 प्रतिशत की बढ़त हासिल है लेकिन अमेरिका में चुनाव का नतीजा राष्ट्रीय स्तर पर मिले वोटों से नहीं, बल्कि राज्यों के स्तर पर चुने जाने वाले इलेक्टोरल कॉलेज के सदस्यों की संख्या से तय होता है। हर राज्य से इलेक्टोरल कॉलेज में उतने सदस्य चुने जाते हैं, जितने प्रतिनिधि वहां अमेरिकी संसद- कांग्रेस- के लिए वहां चुने जाते हैं। कांग्रेस के ऊपरी सदन सीनेट में 100 और प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव) में 438 सदस्य हैं, यानी इलेक्टोरल कॉलेज के लिए 538 सदस्य चुने जाते हैं। इसीलिए पिछली बार डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने राष्ट्रीय स्तर ट्रंप से लगभग 29 लाख ज्यादा वोट हासिल किए, फिर भी इलेक्टोरल कॉलेज में वो पिछड़ गई थी।

इस बार ऐसा समझा जा रहा है कि चुनाव की मुख्य लड़ाई पेन्सिलवेनिया, फ्लोरिडा, नॉर्थ कैरोलाइना, आयोवा, मिनिसोटा, ओहायो, विस्कोंसिन, टेक्सास जैसे बैटलग्राउंड या टॉस-अप कहे जाने वाले राज्यों में है। रियलक्लीयरपोलिटिक्स.कॉम के हिसाब से इन राज्यों में बिडेन को ट्रंप के मुकाबले औसतन 3.4 प्रतिशत वोटों की बढ़त है।लेकिन लगभग ऐसे ही अनुमान चार साल पहले भी लगाए गए थे। तब उनको धता बताते हुए ट्रंप ने जीत हासिल कर ली थी। इसीलिए इस बार ओपिनियन पोल्स को सियासी दायरे में सतर्क नजरिए से देखा जा रहा है। अनिश्चित चुनाव का अनुमान लगाने वाले दो जानकारों- ऐरी कैपटेयन और रॉबर्ट केहली ने यह कह कर सस्पेंस और बढ़ा दिया है कि तमाम ओपिनियन पोल ट्रंप के समर्थन आधार का गलत अंदाजा लगा रहे हैं।इन दोनों की साख यह है कि 2016 में उन्होंने ट्रंप की जीत की भविष्यवाणी की थी। एरी कैपटेयन डच अर्थशास्त्री हैं और सामाजिक अनुसंधानों से संबंधित रहे हैं। केहली रिपब्लिकन पार्टी के लिए सर्वे करने वाली संस्था ट्रैफलगर ग्रुप से संबंधित हैं। इन दोनों का मानना है कि ट्रंप के बहुत से समर्थक अपनी पहचान जाहिर नहीं करते। इसलिए उनकी भविष्यवाणी है कि फिर चार साल पहले जैसा नतीजा दोहराया जाएगा- मसलन, बिडेन राष्ट्रीय स्तर पर कुल वोटों में जीतेंगे, मगर इलेक्टोरल कॉलेज में ट्रंप की जीत होगी।कैपटेयन और केहली के मुताबिक ट्रंप की छवि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से प्रतिगामी नेता की है। इसलिए बहुत से लोग खुलकर उनका समर्थन नहीं करते, लेकिन ये लोग ट्रंप जैसा कहते हैं, उसके अनुरूप भावनाएं रखते हैं। ऐसे लोगो की वजह से ही चार साल पहले ट्रंप राष्ट्रपति बने। ऐसे ही वोटर उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए भी चुने जाने में मददगार बनेंगे।

 

 

 

 

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