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पुलित्जर पुरस्कार जीतने वाले पत्रकार नहीं, चोर हैं ; राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

trump whoवाशिंगटन: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  की मीडिया से नाराजगी नई नहीं है, उन्हें जहां मौका मिलता है पत्रकारों को खरी-खोटी सुना देते हैं. कोरोना संकट में तो उनकी यह नाराजगी और भी ज्यादा बढ़ गई है, क्योंकि मीडिया अमेरिका में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठा रहा है. राष्ट्रपति के निशाने पर अब वह अखबार हैं, जिन्होंने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस की कथित मिलीभगत की खबरों के लिए पुलित्जर पुरस्कार (Pulitzer Prize) जीता था. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘वे पत्रकार नहीं, चोर हैं. पुलित्जर पुरस्कार जीतने वाले सभी पत्रकारों को अवार्ड लौटाने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए, क्योंकि वे सभी गलत थे. आपने देखा, इस संबंध में जो और दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, उनसे यह स्पष्ट होता है कि रूस के साथ किसी भी तरह की मिलीभगत नहीं थी’.

ट्रंप ने रूस की मिलीभगत की खबरों को झूठा करार देते हुए कहा कि चूंकि यह कहानी झूठी है, इसलिए अखबारों journalist awardको झूठ फैलाने के लिए पुरस्कार दिए गए हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘सभी को पुलित्जर पुरस्कार लौटना चाहिए, क्योंकि आप जानते हैं उन्हें गलत तरह से दिया गया. जिन खबरों को पुरस्कार का आधार बनाया गया, वे सभी फर्जी थीं. पुलित्जर समिति, या जो भी यह पुरस्कार प्रदान करता है, उसे ध्यान देना चाहिए कि आखिर कैसे फर्जी खबरों के लिए किसी को सम्मानित किया जा सकता है. समिति को ऐसे सभी लोगों से तुरंत अवार्ड वापस लेना चाहिए, जिन्होंने बिना तथ्य के खबरें तैयार की और झूठ फैलाया’.

पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का बचाव
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन के बारे में भी बात की. अमेरिकी न्याय विभाग ने रूसी राजनयिक से संबंध के आरोपों में पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन के खिलाफ आपराधिक केस चलाने से इंकार कर दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फ्लिन एक सज्जन व्यक्ति हैं, लेकिन बराक ओबामा के प्रशासन द्वारा उनका इस्तेमाल किया गया. ओमाबा प्रशासन ने राष्ट्रपति की गरिमा को प्रभावित करने के लिए फ्लिन को मोहरा बनाया. जो कुछ भी हुआ वह बहुत गलत है और दोषियों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी. हमारे देश के इतिहास में इससे पहले कभी ऐसा कुछ नहीं हुआ’.

फ्लिन ने किया था कबूल
गौरतलब है कि फ्लिन के खिलाफ आरोपों की जांच करने वाले वाली एजेंसी ने उन्हें देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था. फ्लिन ने इस बात को कबूल किया था कि उन्होंने 2017 में रूसी राजनयिक के साथ अपने संबंधों के बारे में संघीय जांच ब्यूरो (FBI) एजेंट से झूठ बोला था. फ्लिन और स्पेशल काउंसल रॉबर्ट मुलर (Robert Mueller) के कार्यालय के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें फ्लिन ने कहा था कि वह 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूसी दखल की जांच में पूरा सहयोग देंगे. जांच के बाद पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन के खिलाफ आपराधिक केस चलाने की बात भी हुई, लेकिन फ़िलहाल अमेरिकी न्याय विभाग ने इससे इंकार कर दिया है.

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