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ईडी ने अटैच की एजेएल की 16.38 करोड़ रुपए की संपत्ति

edनई दिल्ली। मनी लांड्रिंग के एक मामले में बड़ा कदम उठाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस की एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 16.38 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। इसके तहत कंपनी की मुंबई स्थित नौ मंजिला इमारत का एक हिस्सा जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में ले लिया है। ईडी ने एजेएल और इसके सीएमडी व वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा को नोटिस भी जारी किया है।जांच एजेंसी के मुताबिक, मनी लांड्रिंग रोधी कानून के तहत इमारत के कुछ हिस्से को कब्जे में लेने के लिए प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया गया है। जांच एजेंसी ने बताया कि इस मामले के आरोपितों में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा का नाम शामिल है। एजेंसी का आरोप है कि आरोपितों ने एजेएल को हरियाणा के पंचकूला में एक प्लॉट के आवंटित करने के मामले में आपराधिक कृत्य को अंजाम दिया। साथ ही इस प्लॉट के नाम पर दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित सिंडीकेट बैंक की शाखा से लोन लेकर बांद्रा में यह इमारत बनाई।

इसलिए आपराधिक तरीके से प्राप्त धन से बनी इस इमारत का कुछ हिस्सा जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 16.38 करोड़ रुपये है। आगे जांच चल रही है।ईडी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हुड्डा पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने और प्राधिकरण की सिफारिशों व कानूनी सुझावों की अनदेखी करते हुए एजेएल को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। हुड्डा ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और फाइनेंशियल कमिश्नर की सिफारिशों की भी अनदेखी की थी। ईडी ने जांच में यह भी पाया कि हुड्डा ने संबंधित प्लॉट पर निर्माण के लिए तीन बार अनुचित तरीके से एक्सटेंशन भी दिया। अधिग्रहण के बाद इस संपत्ति को विवाद रहित बताते हुए गिरवी रखकर समय-समय पर बैंक से लोन भी लिया गया।

भाजपा सरकार ने दर्ज कराई थी शिकायत

हरियाणा में तत्कालीन भाजपा सरकार की शिकायत पर सीबीआइ द्वारा दर्ज एफआइआर और हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज क्रिमिनल एफआइआर के आधार पर 2016 में ईडी ने पंचकूला प्लॉट मामले में एफआइआर दर्ज की थी। दिसंबर, 2018 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने पंचकूला कोर्ट के समक्ष चार्जशीट भी दायर की थी। इसमें अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए वोरा और हुड्डा को नामजद किया गया था।

क्या है एजेएल?

एजेएल गांधी परिवार समेत कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा संचालित कंपनी है। यह कंपनी नेशनल हेराल्ड के नाम से समाचार पत्र प्रकाशित करती है। मुंबई के बांद्रा (पूर्व) में इसकी नौ मंजिला इमारत 15,000 वर्ग फीट में बनी है, जिसकी कुल कीमत 120 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसी का एक हिस्सा ईडी ने कब्जे में लिया है।

यह है मामला

1982 में एजेएल को हरियाणा के पंचकूला में एक प्लॉट आवंटित किया गया था। एजेएल की तरफ से आवंटन पत्र की शर्तें पूरी नहीं किए जाने के कारण अक्टूबर, 1992 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के एस्टेट ऑफिसर ने जमीन वापस ले ली थी। 28 अगस्त, 2005 को बतौर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए और प्राधिकरण की नीतियों व शर्तो का उल्लंघन करते हुए पुरानी दर पर ही यह प्लॉट फिर एजेएल को आवंटित कर दिया। एजेएल को यह प्लॉट 59,39,200 रुपये में दिया गया था। इस प्लॉट की असल कीमत करीब 64.93 करोड़ रुपये है। इस मामले में एजेंसी पंचकूला का प्लॉट पहले ही जब्त कर चुकी है और हुड्डा और वोरा से पूछताछ भी की गई है।

 

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