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एलआईसी की हिस्सेदारी बेचने का विरोध, 4 फरवरी को हड़ताल

licनई दिल्ली: केंद्र सरकार की ओर से एलआईसी और आईडीबीआई में हिस्सेदारी बेचने के फैसले का आरएसएस से जुड़े भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने विरोध किया है. भारतीय मजदूर संघ ने शनिवार को आए बजट के बाद देर शाम जारी बयान में सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की है. मजदूर संघ ने कहा है कि राष्ट्र की सम्पत्तियों को बेचकर पैसे जुटाने का तरीका खराब अर्थशास्त्र का उदाहरण है. संघ से जुड़े इस संगठन ने सरकार के आर्थिक सलाहकारों और नौकरशाहों पर निशाना साधते हुए उनके ज्ञान और विजन में कमी बताई है.भारतीय मजदूर संघ ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा है कि बेहतर हो कि सरकार बगैर राष्ट्र की संपत्तियों को बेचे राजस्व जुटाने का कोई मॉडल बनाए. भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम देश के मध्यम वर्ग की बचत को सुरक्षित रखने वाला उपक्रम है, जबकि आईडीबीआई ऐसा बैंक है जो छोटे उद्योगों को वित्तपोषित करता है. ऐसे में दोनों उपक्रमों में सरकार की हिस्सेदारी बेचने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा.राजस्थान के जोधपुर में चल रहे संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्रस्ताव भी पास किया गया. अध्यक्षता संघ अध्यक्ष साजी नारायण ने की.

एलआईसी कर्मचारी 4 फरवरी को 1 घंटे हड़ताल पर रहेंगे

भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के उस बजटीय प्रस्ताव के खिलाफ चार फरवरी को एक घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने की घोषणा की है, जिसमें उन्होंने एलआईसी में सरकार की एक हिस्सेदारी बेचने की बात कही है।जीवन बीमा निगम कर्मचारी एसोसिएशन के कोलकाता डिविजन के उपाध्यक्ष प्रदीप मुखजीर् ने आईएएनएस से कहा कि हम मंगलवार को सवा 12 बजे से सवा एक बजे तक एक घंटे की हड़ताल करेंगे। हम उसके बाद अपने सभी कायार्लयों में प्रदर्शन भी आयोजित करेंगे।उन्होंने कहा कि उसके बाद हम सड़क पर उतरेंगे और इस कदम का विरोध करेंगे। हम सभी सांसदों के पास भी जाएंगे। एलआईसी के आंशिक विनिवेश के प्रस्ताव को राष्ट्रहित के खिलाफ बताते हुए मुखजीर् ने कहा कि यह कंपनी इस समय पूंजी के मामले में भारत की सबसे बड़ी वित्तीय कंपनी है, जो भारतीय स्टेट बैंक को भी पीछे छोड़ चुकी है।ऑल इंडिया इंश्योरेंस इम्प्लाईज एसोसिएशन (एआईआईईए) ने भी सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए कहा है कि पहले तीन या चार फरवरी को एक घंटे की हड़ताल की जाएगी। एआईआईईए के महासचिव श्रीकांत मिश्रा ने चेन्नई में आईएएनएस से कहा कि हम इस कदम के खिलाफ हैं। पहले हम तीन या चार फरवरी को एक घंटे की हड़ताल करेंगे, और उसके बाद अपनी आगे के कदम के बारे में निर्णय लेंगे।एलआईसी कर्मचारी संघों ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से सरकारी बीमा निगम में केंद्र के एक हिस्से को बेचने की योजना का शनिवार को विरोध किया और कहा कि यह पहल ‘देश हित के खिलाफ’ है.उन्होंने 2020- 21 के लिए बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का एलआईसी में आईपीओ के जरिये अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव है.कर्मचारी संघ के प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘एलआईसी में सरकार के एक हिस्से को बेचने की योजना का हम कड़ा विरोध करते हैं और यह पहल देश हित के खिलाफ है.’एलआईसी की स्थापना 1956 में केंद्र सरकार ने की थी और देश में जीवन बीमा के क्षेत्र में इसकी सबसे ज्यादा बाजार भागीदारी है.

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