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बड़ा होगा मोदी मंत्रिपरिषद का विस्तार

Modi-cabinetjpgप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार शाम को अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार करने जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त करने के साथ यह साफ हो गया है कि यह फेरबदल और विस्तार काफी बड़ा होगा, जिसमें लगभग डेढ़ दर्जन नए मंत्रियों को तो शामिल किया ही जाएगा, साथ ही कुछ पुराने चेहरों को हटाया भी जा सकता है। मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं को सूचना भी दी जाने लगी है। इसके चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया, सर्वानंद सोनोवाल, नारायण राणे, जदयू नेता आरसीपी सिंह जैसे प्रमुख नेता दिल्ली पहुंच गए हैं।जून महीने के शुरुआती पखवाड़े में पीएम मोदी ने मंत्रियों के साथ बैठक कर काम-काज की समीक्षा की थी. इसके अलावा उन्होने पार्टी के विभिन्न मोर्चे के अध्यक्षों से भी मुलाकात की थी. इसके बाद वो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिवों से भी मिले थे. साल 2019 में सरकार बनने के बाद अब तक मोदी कैबिनेट में कोई विस्तार नहीं हुआ है. जबकि कई मंत्रियों के पास तीन कैबिनेट पोर्टफोलियो तक हैं. वहीं कुछ मंत्रालयों में कोई राज्य मंत्री नहीं है. अकाली दल के साथ छोड़ने के बाद अब केंद्रीय कैबिनेट में सिर्फ बीजेपी के नेता ही मंत्री हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में होने वाला यह पहला मंत्रिपरिषद विस्तार होगा। सरकार दो साल पूरे कर चुकी है और इस दौरान उसे कोरो नावायरस की महामारी से भी लंबे समय तक जूझना पड़ा है। खासकर कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप से सरकार की छवि पर भी असर पड़ा है। ऐसे में मंत्रिपरिषद विस्तार में प्रधानमंत्री सामाजिक समीकरणों, सहयोगी दलों को साधने, आने वाले चुनावों की रणनीति के साथ इस बात का भी ध्यान रखेंगे जिससे कि सरकार की छवि बेहतर हो सके। ऐसे में मंत्रिपरिषद में नए और युवा चेहरों को ज्यादा जगह मिल सकती है।कैबिनेट में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग का रिकॉर्ड प्रतिनिधित्व होगा. साथ ही महिलाओं की संख्या भी बढ़ सकती है.नई कैबिनेट में सदस्यों की औसत उम्र आजाद भारत के इतिहास में सबसे कम हो सकती है. यानी ये एक ‘यंग कैबिनेट’ होगी. उन लोगों को कैबिनेट में प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें राज्य या केंद्र में प्रशासनिक अनुभव रहा हो.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते एक माह में अपने सभी मंत्रियों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की है। इसके चलते लगभग आधा दर्जन मंत्रियों पर गाज भी कर सकती है। साथ ही लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की संभावना है, जिनमें लगभग आधा दर्जन कैबिनेट मंत्री हो सकते हैं। जिन प्रमुख नेताओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है उनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, सर्बानंद सोनोवाल, नारायण राणे प्रमुख है। जिन नए चेहरों की चर्चा है उनमें बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी, उत्तर प्रदेश से भाजपा सांसद अजय मिश्रा, सकलदीप राजभर, विनोद सोनकर, महाराष्ट्र भाजपा के सांसद कपिल पाटील, हिना गावित, उड़ीसा से आने वाले सांसद अश्विनी वैष्णव, मध्य प्रदेश की लोकसभा सांसद संध्या राय व हरियाणा की सांसद सुनीता दुग्गल शामिल है। विस्तार में भाजपा सहयोगी दलों को भी मजबूती से अपने साथ करना चाहेगी। जदयू ने साफ किया कि वह सरकार में शामिल होने जा रही है और सब कुछ तय हो गया है। जद यू से आरसीपी सिंह समेत तीन से चार मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा अपना दल से अनुप्रिया पटेल, लोजपा के पशुपति पारस, निषाद पार्टी के प्रवीण निषाद (भाजपा सांसद) को भी जगह मिल सकती है।मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ बैठक की थी। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मंगलवार देर शाम दिल्ली लौटे ताकि नए बनने वाले मंत्रियों एवं हटाये जा रहे मंत्रियों से वे बात कर सकें।

लोजपा की टूट का असर भी मंत्रिपरिषद विस्तार में दिखने लगा है। लोजपा से पशुपतिनाथ पारस को मंत्री बनाया जा सकता है, जिससे खिलाफ चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है और इसका विरोध किया है। गौरतलब है कि लोजपा में हाल में टूट हुई थी और पशुपतिनाथ पारस ने छह में से 5 ससदों के साथ संसद में नेता बन गये थे। बाद में उन्होंने खुद को लोजपा का अध्यक्ष भी घोषित कर दिया था। जबकि लोजपा के पहले से अध्यक्ष चले आ रहे चिराग पासवान ने अपने नेतृत्व वाली पार्टी को असली लोजपा करार दे रहे हैं।एलजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति पारस केंद्रीय मंत्री बनेंगे या नहीं अबतक तय नहीं है। मगर उनके भतीजे चिराग पासवान ने कहा कि ‘पशुपति पारस का एलजेपी कोटे से केंद्रीय मंत्री बनाना संभव नहीं है। पार्टी के कार्यकारी बोर्ड ने उन्हें निष्कासित कर दिया है। मैंने पीएम को पत्र के माध्यम से सूचित किया है। अगर उन्हें एलजेपी सांसद के तौर पर मंत्री बनाया गया तो मैं कोर्ट जाऊंगा।’चिराग पासवान ने साफ-साफ कहा कि ‘वो एलजेपी की ओर मंत्री बनते हैं तो मैं इसका विरोध करूंगा और कोर्ट की शरण में चला जाऊंगा। लेकिन अगर उन्हें JDU में शामिल कराकर मंत्री बनाया जाता है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं। लेकिन LJP कोटे से मंत्री बनाया जाएगा तो मैं आपत्ति दर्ज कराऊंगा।’

टीम मोदी में JDU से कितने मंत्री होंगे शामिल?

मोदी मंत्रिमंडल में JDU कोटे से कितने मंत्री होंगे, इसे लेकर अटकलों का दौर जारी है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें किसी फॉर्मूले की जानकारी नहीं है, हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इसके लिए अधिकार है। प्रधानमंत्री जो चाहेंगे उसके हिसाब से जो होना होगा, वो होगा।

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