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काबुल एयरपोर्ट के बाहर बम धमाके, 170 लोगों की मौत

kabul air portअफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट के बाहर दो बम धमाके हुए हैं. बताया जा रहा है कि काबुल एयरपोर्ट के काफी नजदीक बम ब्लास्ट हुआ, जिसमें कई लोगों के मौत की खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि कुछ अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए हैं.इस सुसाइड बम अटैक में 170  लोगों की मौत हुई है जबकि 120 से अधिक लोग घायल हैं.

अमेरिका के 13 जवानों की मौत

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने जानकारी देते हुए बताया है कि, इस सुसाइड बम अटैक में 170 लोगों की मौत हुई है. जिनमें बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा बताया है कि, इस धमाके में अमेरिका के तीन जवान घायल हो गए हैं. फिलहाल अमेरिकी सेना ने पूरे एयरपोर्ट पर सुरक्षा और कड़ी कर दी है.इसके अलावा इस धमाके को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को भी सूचना दी गई है. सीरियल बम धमाकों में अमेरिका के 13 जवानों की मौत हो गई है। काबुल एयरपोर्ट पर हुए दिल दहला देने वाले धमाकों में 12 अमेरिकी नौसैनिकों और एक नौसेना का चिकित्साकर्मी शामिल था।अफगानिस्तान के मसले पर सुरक्षा अधिकारियों के साथ राष्ट्रपति बाइडेन की बैठक भी हुई है. बता दें कि अमेरिका अपने लोगों को लगातार अफगानिस्तान से निकालने की कोशिश कर रहा है. 31 अगस्त तक अमेरिका की सेना अफगानिस्तान को छोड़ देगी.अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने हमले के जिम्‍मेदारों पर बरसते हुए कहा है कि हम उन्‍हें खोज कर मारेंगे. आपको इसकी कीमत चुकानी होगी.

हमले को लेकर अमेरिका ने पहले ही किया था अलर्ट

बता दें कि अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद काबुल एयरपोर्ट पर भी तालिबान का पूरी तरह कब्जा हो सकता है. इसीलिए तमाम देश 31 अगस्त से पहले ही अपने नागरिकों को वापस लाना चाहते हैं. काबुल एयरपोर्ट पर हमले के इनपुट पहले से ही मिल चुके थे. इसीलिए अमेरिका ने अपने नागरिकों को एयरपोर्ट से दूर रहने की सलाह दी थी.वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि चेतावनी आईएस और संभावित वाहन बमों से जुड़े विशिष्ट खतरों से संबंधित थी. बयान के अनुसार, “अमेरिकी नागरिक जो ऐबी गेट, ईस्ट गेट या नॉर्थ गेट पर हैं, उन्हें अब वो क्षेत्र तुरंत छोड़ देना चाहिए.”

US, सहयोगी देशों ने नागरिकों को काबुल एयरपोर्ट से दूर रहने की चेतावनी दी

अफगानिस्तान  में अमेरिकियों को इस्लामिक स्टेट  आतंकवादी समूह से जुड़े खतरों के कारण काबुल हवाईअड्डे  से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है. काबुल में अमेरिकी दूतावास ने 26 अगस्त की सुबह एक अलर्ट भेजा, जिसमें अमेरिकी नागरिकों को ‘गेट्स के बाहर सुरक्षा खतरों के कारण’ हवाई अड्डे की यात्रा नहीं करने के लिए कहा गया.वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि चेतावनी आईएस और संभावित वाहन बमों से जुड़े विशिष्ट खतरों से संबंधित थी.बयान में कहा गया है, “काबुल हवाई अड्डे के गेट के बाहर सुरक्षा खतरों के कारण, हम अमेरिकी नागरिकों को हवाईअड्डे की यात्रा से बचने और इस समय हवाईअड्डे के फाटकों से बचने की सलाह दे रहे हैं, जब तक कि ऐसा करने के लिए अमेरिकी सरकार के प्रतिनिधि से व्यक्तिगत निर्देश नहीं मिलते.”बयान के अनुसार, “अमेरिकी नागरिक जो एबी गेट, ईस्ट गेट या नॉर्थ गेट पर हैं, उन्हें अब वो क्षेत्र तुरंत छोड़ देना चाहिए.”

सहयोगी देशों ने भी चेतावनी जारी की

ऑस्ट्रेलिया के विदेश विभाग ने अपने नागरिकों से काबुल एयरपोर्ट की यात्रा न करने को कहा है. ऑस्ट्रेलिया ने एक ‘जारी और आतंकी हमले के बहुत बड़े खतरे’ को वजह बताया है.ब्रिटेन के विदेश विभाग ने भी ऐसे ही ‘बड़े आतंकी हमले के खतरे’ को लेकर चेतावनी दी है. विभाग ने कहा, “अगर आप किसी और तरह से सुरक्षित अफगानिस्तान छोड़ सकते हैं तो तुरंत ऐसा कीजिए.”

काबुल में कितने अमेरिकी बाकी?

अमेरिका के विदेश सचिव एंटनी ब्लिंकन ने 25 अगस्त को बताया कि अब अफगानिस्तान में करीब 1500 अमेरिकी नागरिक बाकी रह गए हैं और इनमें से एक-तिहाई अमेरिकी सरकार के संपर्क में हैं.ब्लिंकन का कहना है कि कुछ 1000 लोग शायद अफगानिस्तान छोड़कर न आना चाहें. अमेरिका 31 अगस्त तक अपनी निकासी पूरा करना चाहता है क्योंकि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसे डेडलाइन घोषित किया है. तालिबान भी 31 अगस्त को ‘रेड लाइन’ कह चुका है. एंटनी ब्लिंकन ने बताया है कि काबुल पर तालिबान के कब्जे से एक दिन पहले (14 अगस्त) से अब तक लगभग 4500 अमेरिकी नागरिकों को अफगानिस्तान से निकाल लिया गया है. 25 अगस्त तक काबुल एयरपोर्ट के अंदर अनुमानित 10,000 मौजूद थे.

हमले में आईएस का हाथ : अमेरिका
अमेरिका के एक सैन्य अधिकारी का कहना है कि ‘निश्चित तौर पर माना जा रहा है कि’ काबुल हवाई अड्डे के पास हुए हमले के पीछे आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट का हाथ है। इस्लामिक स्टेट समूह तालिबान से अधिक चरमपंथी है और इसने असैन्य नागरिकों पर कई बार हमले किये हैं। सैन्य अधिकारी ने काबुल में ऐसे और आत्मघाती हमले होने की आशंका जताई है।

आईएसआईएस-के ने ली है जिम्मेवारी
साइट मॉनिटरिंग के अनुसार, काबुल एयरपोर्ट के पर हुए हमलों की जिम्मेवारी आतंकी संगठन आईएसआईएस-के ने ली है। आतंकी संगठन ने टेलीग्राम अकाउंट के जरिए इसकी जानकारी दी है। वहीं, एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया है कि क्षेत्र को निशाना बनाए जाने के बावजूद निकासी अभियान के लिए काबुल हवाईअड्डे से उड़ान भरी जा रही हैं।

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