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31 दिसंबर तक बढ़ी ITR फाइलिंग की डेडलाइन

 

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एक घंटे में 55,823 ITR फाइल, 31 दिसंबर तक भर दें नहीं तो जुर्माना

 

ITRसाल 2019-20 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में अब चंद दिन ही रह गए हैं। आईटीआर भरने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। Income Tax Department के मुताबिक आज दोपहर 12 बजे तक 1,46,812 आईटीआर फाइल हो चुके हैं। इसमें से 55,823 रिटर्न तो केवल एक घंटे में ही फाइल किए गए। बता दें सरकार ने इस साल कई बार इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाई है। कोरोना महामारी के चलते 2019-20 (असेसमेंट ईयर 2020-21) के लिए टैक्स रिटर्न 31 दिसंबर तक फाइल किया जा सकेगा। ऐसे में 31 दिसंबर से पहले ITR फाइल कर देना चाहिए। अगर आपने समय पर टैक्स रिटर्न नहीं फाइल किया तो आप पर जुर्माना लगाया जा सकता हैएसेसमेंट ईयर 2020-20 के लिए 26 दिसंबर तक 4 करोड़ 15 लाख इनकम टैक्स रिटर्न भरे जा चुके थे।ITR फाइल करने देरी के कारण करदाता को जुर्माना तो भरना ही पड़ता है साथ ही कई तरह की इनकम टैक्‍स छूट भी आपको नहीं मिलती। अगर रिटर्न 31 दिसंबर के बाद फाइल किया जाता है तो करदाता को 10,000 रुपए लेट फीस चुकानी होगी। ऐसे करदाता, जिनकी आय 5 लाख से ज्यादा नहीं है उनको लेट फीस के रूप में 1000 रुपये ही देने पड़ते हैं।

देरी से ITR फाइल करने के नुकसान

  • आयकर कानून की धारा-10A और धारा-10B के तहत मिलने वाली छूट नहीं मिलती हैं।
  • धारा-80IA, 80IAB, 80IC, 80ID और 80IE के तहत मिलने वाली छूट भी आपको नहीं मिलेगी
  • आयकर कानून की धारा-80IAC, 80IBA, 80JJA, 80JJAA, 80LA, 80P, 80PA, 80QQB और 80RRB के तहत मिलने वाले डिडक्शन का लाभ भी नहीं मिलेगा।
  • वहीं अगर रिटर्न को फाइल नहीं करते हैं तो आप करेंट असेसमेंट ईयर के नुकसान को अगले वित्तीय वर्ष में नहीं ले जा सकते हैं। ऐसे लोगों पर टैक्स गणना के मूल्य का 50 फीसद से लेकर के 200 फीसद तक जुर्माना लग सकता है। साथ ही ज्यादा वैल्यू वाले केसों में 7 साल की कठोर सजा हो सकती है।

ITR फाइल करते समय रखें इसका ध्यान

  • अपनी सभी जानकारियों को सही-सही ITR फॉर्म में भरें। गलत जानकारी देने पर आपको रिफंड मिलने में मुश्किल होगी। गलत जानकारी देना आपको महंगा पड़ सकता है।
  • जिस बैंक अकाउंट में इनकम टैक्स रिफंड चाहते हैं उस खाते को प्री-वैलिडेट (पहले से सत्यापित) करा लें ताकि आपको रिफंड मिलने में देरी न हो।
  • इनकम टैक्‍स के नियमों के तहत अगर आपको एक साल में 50 हजार रुपए से अधिक कीमत का गिफ्ट मिला है तो इस पर आपको टैक्‍स देना होगा। आपको इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते समय इस बात का ध्‍यान रखना होगा।
  • इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, भारत के सभी टैक्स पेयर्स को बैंक खातों सहित सभी विदेशी संपत्तियों का विवरण प्रस्तुत करना होगा। यदि आपके पास विदेशों में शेयरों में या म्यूचुअल फंड में निवेश है तो इसका विवरण भरने के दौरान सावधान रहें।
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