Pages Navigation Menu

Breaking News

5 अगस्त को राम मन्दिर निर्माण की शुरूआत करेंगे पीएम नरेंद्र मोदी

चांदी की ईंटों से अयोध्या में रखी जाएगी राम मंदिर की नींव

राममय अयोध्या में साधु—संतों ने डाला डेरा

दिल्ली में भाजपा को भारी न पड जाए व्यापारियों की नाराजगी

gst oneनई दिल्ली। जीएसटी और अन्य आर्थिक नीतियों के चलते दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को व्यापारियों के गुस्से का सामना करना पड सकता है। दिल्ली भाजपा के नेताओं के इस बात का अहसास भी इसलिए भाजपा के राज्यसभा सांसए विजय गोयल और भाजपा के व्यापारी नेता प्रवीण खंडेलवाल ने हाल ही व्यापारियों के सम्मेलन करवा कर उनकी नाराजगी दूर करने का भी प्रयास किया। जीएएसटी के कारण एक तरफ पैनाल्टी की मार से व्यापारी परेशान है दूसरी तरफ कारोबार लगभग चौपट है।सरकार को केवल जीएसएस बसूली की चिन्ता है।एक बाद एक कई राज्यों के विधानसभा चुनाव मिली पराजय के बाद भाजपा में हुए मंथन में यह बात भी उभर कर सामने आई कि भाजपा को व्यापारियों की नाराजगी और उदासीनता ले डूबी।खासतौर से छोटे कारोबारियों को खासा गुस्सा भाजपा सरकार की जीएसटी नीतियों को लेकर हैं। झाारखंड के हाल के विधानसभा चुनाव भाजपा को शहरी क्षेत्रों में भी अपेक्षित वोट नहीं मिले।

जीएसटी लागू होने के बाद दिल्ली में विधानसभा चुनाव

कई राज्यों में हुआ भाजपा को नुकसान

भाजपा के व्यापारी नेताओं ने नारागजी दूर करने के लिए बुलाए सम्मेलन

cloth-kNRH--621x414@LiveMintअब जबकि दिल्ली में विधानसभा चुनाव हो रहा है तो भाजपा के दिल्ली के व्यापारी नेताओं को यह डर सता रहा है कि भाजपा समर्थक व्यापारी तबका दिल्ली में भी कई उदासन न हो जाए और पार्टी के हाथ से एक बार पुन दिल्ली की सत्ता निकल जाए। दिल्ली व्यापार का बडा केंद्र है और यहां बडी संख्या में व्यापारी मतदाता है।जीएसटी लागू होने के बाद दिल्ली में पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे है। विपक्ष लगातार जीएसटी के कारण व्यापारियों को होने वाली परेशानी का मुदृा उठाता रहा है। हालात यह है कि अनेक व्यापारियों और कारोबारियों को जीएसटी समझ में नहीं आ रही है। हजारों व्यापारी है जो जिन्होंने ​जीएसटी पंजीकरण तो करा लिया लेकिन उसका कारोबार बीस लाख रूपए से भी कम है । ऐसे व्यापारियों पर दोहरी मार पडी है।

व्यापारियों को सभी से है शिकायत

व्यापारियों को कहना है कि भाजपा को व्यापारी वोट देता था क्योंकि भाजपा व्यापारियों की बात करती थी सुनती थी लेकिन सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार की जीएसटी और कारोबारी नीतियों ने व्यापारियों का कारोबार ही चौपट कर दिया।वहीं व्यापारियों का कहना है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी जीएसटी के कारण हो रही परेशानियों को उठाने में खास रूची नहीं दिखाई।इसलिए व्यापारी जाए भी तो जाए कहां। व्यापारी संगठनों का कहना है बडी संख्या में व्यापारी या तो अपना कारोबार बंद कर रहे हैंं कम कर रहे हैं जिसका असर रोजगार और आर्थिक नीतियों पर हो रहा है।

जीएसटी को सरल बनाया जाएगा— वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार व्यापारियों से संबंधित मुद्दों का समाधान करेगी और वस्तु एवं सेवा कर (GST) को और सरल बनाया जाएगा. अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ के राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन के दूसरे दिन बोलते हुए सीतारमण ने आश्वासन दिया कि सरकार जीएसटी कर संरचना को सरल और तर्कसंगत बनाने के लिए सभी प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि जीएसटी को इस कदर सरल बनाया जाएगा कि एक साधारण व्यापारी भी इसका अनुपालन कर सकें.

उन्होंने कहा कि राजस्व सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो जीएसटी को सरल बनाने के तरीकों और साधनों का पता लगाने के लिए दिन-रात काम कर रही है. देशभर के व्यापारी तीन दिवसीय सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. इस दौरान सीतारमण ने जीएसटी कर डेटा बढ़ाने के लिए व्यापारिक समुदाय की भूमिका की सराहना की. आईएएनएस की खबर के मुताबिक, सीएआईटी के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि निकाय जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड व्यापारियों की संख्या दो करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है.

सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापारी समुदाय को अपनी प्राथमिकता के रूप में रखा है और इसके साथ ही सरकार द्वारा व्यापारियों को उनके व्यवसाय को बढ़ाने की सुविधा प्रदान करने के लिए विभिन्न घोषणाएं की गई हैं. सीतारमण ने कहा कि जब व्यापारी कर राजस्व लाते हैं तो कोई भी विवेकशील सरकार उन्हें नाराज नहीं करना चाहेगी.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *