Pages Navigation Menu

Breaking News

अयोध्या विकास प्राधिकरण की बैठक में सर्वसम्मति से राम मंदिर का नक्शा पास

मानसून सत्र 14 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा, दोनों सदन अलग-अलग समय पर चलेंगे

  7 सितंबर से चरणबद्ध तरीके से मेट्रो सेवाएं होंगी शुरू, 12 सितंबर तक सभी मेट्रो लगेंगीं चलने 

गुरु गोविंद सिंह ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना

guru_govind_singh_jayanti_1577939616गुरु गोविंद सिंह के पिता का नाम गुरु तेग बहादुर और माता का नाम गुजरी था वे उनके एक मात्र पुत्र थे। सिखों के 10वें गुरु गुरु गोविंद  सिंका जन्म श्री पटना साहिब में 22 दिसंबर 1666 को हुआ था। जिस वक्त गुरु साहिब का जन्म हुआ, उस वक्त गुरु तेग बहादुर साहिब बंगाल व असम की यात्रा पर थे। जब पिता लौटे तो बाल गुरु गोविंद जी दौड़ते हुए उन्हें गले जा मिले। बाल र्गोंबद राय 6 साल की उम्र तक पटना साहिब रहे। गुरु गोविंद  सिंह ने 1699 में  खालसा पंथ की स्थापना की थी।

इन्होंने जीवन जीने के पांच सिद्धांत दिए, जिन्हें ‘पंच ककार’ के नाम से जाना जाता है।  आज सिखों के 10वें गुरु, गुुरु गोबिंद सिंह की जयंती के मौके पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पटना और देशभर में अन्य जगहों पर हजारों सिख श्रद्धालु मत्था टेकने और प्रार्थना करने के लिए गुरुद्वारों में जाते हैं। गुरु गोविंद सिंह के संदेश के अनुसार ही खालसा सिखों में पांच चीजों को अनिवार्य माना जाता है। ये पांच चीजें हैं- केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा। यहां पढ़ें उनके ये प्रेरणादायक विचार:

बचन करकै पालना: अगर आपने किसी को वचन दिया है तो उसे हर कीमत में निभाना होगा।

किसी दि निंदा, चुगली, अतै इर्खा नै करना : किसी की चुगली व निंदा करने से हमें हमेशा बचना चाहिए और किसी से ईर्ष्या करने के बजाय परिश्रम करने में फायदा है।

 कम करन विच दरीदार नहीं करना : काम में खूब मेहनत करें और काम को लेकर कोताही न बरतें।

गुरुबानी कंठ करनी : गुरुबानी को कंठस्थ कर लें।

दसवंड देना : अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दान में दे दें।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *