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पाकिस्तान में 36 दिनों में 4 हिंदू लड़कियां का अपहरण

pak hinduइस्लामाबाद। इमरान खान के ‘नया पाकिस्तान’ में हिंदू लड़कियों की स्थित बदतर होती जा रही है। धर्म परिवर्तन के लिए बदनाम सूबे सिंध में पिछले 36 दिनों में चार हिंदू लड़कियों का अपहरण हो चुका है। इतना ही नहीं, इन लड़कियों को अगवा करने वालों ने अधिकतर का धर्म परिवर्तन कर निकाह भी करवाया है। बड़ी बात यह है कि अगवा हुईं चार हिंदू लड़कियों में से तीन नाबालिग हैं। उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान धर्म परिवर्तन की इन घटनाओं पर चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस भी पूरे मामले की लीपापोती कर रही है, क्योंकि अगवा की गई लड़कियां गरीब अल्पसंख्यक तबके से आती हैं।पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। कभी ईशनिंदा के नाम पर उनकी हत्या कर दी जाती है तो कभी बहू -बेटियों का अपहरण कर लिया जाता है। गत शनिवार को एक 22 वर्षीय हिंदू लड़की आरती बाई को लरकाना के अली गोहर इलाके से अगवा कर लिया गया। आरती के पिता डॉ. नमो मल ने बताया कि उनकी बेटी रेशम गली स्थित ब्यूटी पार्लर में काम करती है। तीन अप्रैल को वह पार्लर जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन जब देर शाम तक घर नहीं लौटी तो पिता ने उसका अपहरण होने का शक जताते हुए पुलिस से उसे बरामद करने की गुहार लगाई।

pakistan-hindusसिंध से 13 साल की लड़की अगवा
हुसरी टाउन से 13 साल की हिंदू लड़की का कट्टरपंथियों ने अपहरण कर जबरन निकाह करवा दिया है। पाकिस्तानी नेशनल असेंबली के हिंदू मेंबर रमेश कुमार वांकवानी ने बताया कि किडनैप हुई लड़की का नाम पूजा मेघवार है। हमने पुलिस को लिखित शिकायत दी हुई है। सच्चाई का पता तभी चल पाएगा, जब पुलिस अगवा की गई लड़की को बरामद कर सकेगी।

मजदूर पिता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
पूजा के पिता चेतन मेघवार एक टेक्सटाइल मिल में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हमने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने की बहुत कोशिश की है, लेकिन वे हमारी सुनते ही नहीं है। जब हिंदू राजनेता रमेश कुमार वांकवानी ने इस मामले में हस्तक्षेप किया तब उन्होंने केस दर्ज किया है।

arti-to-ayeshaपहले भी तीन लड़कियों का हो चुका है अपहरण
इसके पहले भी सिंध सूबे से तीन हिंदू लड़कियों का अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा चुका है। जिनके नाम आरती मेघवार, कविता और रीना मेघवार है। द राइज़ न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, आरती मेघवार नाम की नाबालिक हिंदू लड़की को दाहरकी से अपहरण कर लिया गया था। वहीं, दूसरी नाबालिग लड़की कविता को काशमोर के तंगवानी से अगवा किया गया था। तीसरी लड़की रीना मेघवार का अपहरण 13 फरवरी को किया गया था और फिर दादू में एक अधेड़ से उसकी शादी करा दी गई थी।

मौलवियों और अपहरण करने वालों को मिल रहा पैसा!
रीना मेघवार के चाचा हमीर ने बताया कि उन्होंने कई अधिकारियों से इस मामले में शिकायत की है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। हमीरो ने बताया कि उन्हें लड़की से मिलने के लिए प्रेशर बनाया जा रहा है, ताकि उसी बहाने धार्मिक मौलवी मीडिया के सामने यह साबित कर सके कि वह लड़की अपनी मर्जी से आई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो व्यक्ति लड़की का अपहरण करता है और जो मौलवी निकाह कराता है उन दोनों को इससे बहुत पैसे मिलते हैं।

लॉकडाउन में बढ़े धर्मांतरण के मामले
पाकिस्तान में कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान हिंदू और ईसाई लड़कियों का जमकर धर्मांतरण हुआ है। पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने चिंता जताते हुए कहा है कि इस कारण अल्पसंख्यकों के मन में असुरक्षा की भावना भी तेजी से बढ़ी है। इमरान खान की सरकार में पुलिस के ढुलमुल रवैये और सख्त कानून न होने के कारण कट्टरपंथियों के हौसले और बुलंद हुए हैं।

pak mainorties14 साल की ईसाई लड़की का अपहरण कर किया निकाह
अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में ही धर्म परिवर्तन के लिए बदनाम सिंध सूबे की राजधानी कराची में 13 साल की एक ईसाई लड़की आरजू राजा का 44 साल के एक अधेड़ ने अपहरण कर लिया था। जिसके बाद उसने जबरदस्ती लड़की का धर्म परिवर्तन करवाया और उससे निकाह रचाई। जिस शख्स से आरजू का निकाह हुआ है, उसके बच्चों की उम्र भी उससे दोगुनी है। आरजू का पति बाल विवाह और बलात्कार के आरोप में फिलहाल जेल में है, लेकिन वह डर से छिपी हुई है।

पाकिस्तान के इस सूबे में होता है सबसे ज्यादा धर्म परिवर्तन
अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के लिए बदनाम सिंध में यह पहली घटना नहीं है। जून के अंतिम हफ्ते में आई रिपोर्ट के अनुसार, सिंध प्रांत में बड़े स्तर पर हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें मुस्लिम बनाए जाने का मामला सामने आया था। सिंध के बादिन में 102 हिंदुओं को जबरन इस्लाम कबूल कराया गया।

pak hindu leadहर साल 1000 से ज्यादा लड़कियों का धर्म परिवर्तन
मानवाधिकार संस्था मूवमेंट फॉर सॉलिडैरिटी एंड पीस (MSP) के अनुसार, पाकिस्तान में हर साल 1000 से ज्यादा ईसाई और हिंदू महिलाओं या लड़कियों का अपहरण किया जाता है। जिसके बाद उनका धर्म परिवर्तन करवा कर इस्लामिक रीति रिवाज से निकाह करवा दिया जाता है। पीड़ितों में ज्यादातर की उम्र 12 साल से 25 साल के बीच में होती है।

पाकिस्‍तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हिंदू मंदिर को आग लगाने और उसे तोड़ने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मौलवी मोहम्मद शरीफ को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI-F) के दो स्थानीय मौलवियों मौलवी मोहम्मद शरीफ और मौलाना फैजुल्लाह सहित सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।दरअसल, मंदिर के विस्तार का विरोध कर रहे लोगों ने मंदिर में तोड़-फोड़ कर आग लगा दी थी, जिसके बाद पुलिस ने 30 कट्टरपंथियों को गिरफ्तार कर लिया। खैबर पख्तूनख्वा में करक जिले के टेरी गांव में बुधवार को मंदिर पर हमले की मानवाधिकार संगठनों और हिंदू नेताओं ने निंदा की। प्रांतीय सरकार ने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त मंदिर के पुनर्निर्माण कराने का आदेश दिया है और अपराधियों को सजा दिलाने को लेकर आश्वस्त किया।मंदिर पर हमले के सिलसिले में पुलिस ने रातभर कई जगहों पर छापे मारे और गिरफ्तारियां कीं। थाना प्रभारी रहमतुल्ला खान ने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा में करक जिले के टेरी गांव में मंदिर पर हमले के बाद कट्टरपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी के नेता रहमत सलाम खट्टक समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी (फजल उर रहमान समूह) के समर्थकों के नेतृत्व वाली भीड़ ने मंदिर के विस्तार कार्य का विरोध किया और मंदिर के पुराने ढांचे के साथ-साथ नवनिर्मित निर्माण कार्य को भी ध्वस्त कर दिया।

संघीय संसदीय सचिव लाल चंद मल्ही ने की इस हमले की कड़ी आलोचना
इस घटना की मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय ने निंदा की है। पाकिस्तान में मानवाधिकारों के लिए संघीय संसदीय सचिव लाल चंद मल्ही ने इस हमले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पाकिस्तान को बदनाम करने के लिए इस प्रकार की असामाजिक गतिविधियां कर रहे हैं, जिन्हें सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने मंदिर पर हमले को ‘एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना’ बताया और इसमें शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए। खान ने पूजा स्थलों की इस प्रकार की घटनाओं से रक्षा किए जाने का संकल्प लिया।

मंदिर परिसर में है हिंदू धार्मिक नेता की समाधि
हिंदू समुदाय पेशावर के नेता हारून सरब दियाल ने कहा कि इस मंदिर परिसर में एक हिंदू धार्मिक नेता की समाधि है और देश के हिंदू परिवार हर गुरुवार को इस समाधि पर आते हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने हिंदू समुदाय की भावनाएं आहत की हैं और इस्लामिक विचारधारा परिषद को इसका संज्ञान लेना चाहिए। दियाल ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान धार्मिक स्थलों पर पर्यटन को बढ़ावा देने की बात करते हैं, लेकिन देश में अल्पसंख्यकों के पूजनीय स्थल सुरक्षित नहीं है। हिंदू समुदाय पाकिस्तान का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। आधिकारिक अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं, लेकिन समुदाय का कहना है कि देश में 90 लाख से अधिक हिंदू रह रहे हैं। पाकिस्तान में हिंदुओं की अधिकतर आबादी सिंध प्रांत में रहती है।

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