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महाराष्ट्र में दो संतों की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या

 

sant 6मुंबई , महाराष्ट्र के पालघर जिला स्थित दानू तहसील में जूना अखाड़े के दो संतों की पुलिस की मौजूदगी में लाठी- डंडों से पीटकर हत्या को लेकर देश में भर के साधु-संतों से लेकर सोशल मीडिया तक लोगों में गुस्सा है।अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने चेतावनी दी कि अगर हत्यारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ आंदोलन होगा। दूसरी ओर संतों की हत्या को सोशल मीडिया में राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार निशाने पर आ गई है।महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी हत्या के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।पूर्व सीएम फडणवीस ने ट्वीट किया, ‘पालघर में मॉब लिंचिंग घटना का वीडियो हैरान करने वाला और अमानवीय है। ऐसी विपदा के समय इस तरह की घटना और भी ज्यादा परेशान करने वाली है। मैं राज्य सरकार से गुजारिश करता हूं कि वह इस मामले की हाई लेवल जांच करवाएं और जो दोषी हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।’महाराष्ट्र पुलिस की sadhu 3भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कारण संतों की हत्या पुलिस की मौजूदगी में हुई।

गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की ,रिपोर्ट भी तलब की

महाराष्ट्र सरकार ने पालघर में दो साधुओं समेत तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या के मामले को आपराधिक जांच विभाग (सीआइडी) को सौंप दी है। इस मामले में अब तक सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने को कहा। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से घटना पर रिपोर्ट भी तलब की है।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री से इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया है। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी मामले को सांप्रदायिक रंग देने वालों के खिलाफ सख्त sadhu lead 2कार्रवाई की चेतावनी दी है।

उद्धव ठाकरे ने कहा- पालघर मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा

उद्धव ठाकरे ने सोमवार को फेसबुक के जरिए राज्य को संबोधित करते हुए कहा कि इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने भी माना है कि इसमें कोई सांप्रदायिक मामला नहीं है। शाह के फोन के बाद ही राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंपने का फैसला किया।

एडीजी कुलकर्णी करेंगे पालघर मामले की जांच

एडीजी सीआइडी क्राइम अतुलचंद्र कुलकर्णी इस मामले की जांच करेंगे। इस मामले में अभी तक सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया है।

sadhu 1केंद्र ने राज्य से मांगी पालघर मामले पर रिपोर्ट

सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। खुद अमित शाह ने उद्धव ठाकरे से इसे पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से निपटाने का सुझाव दिया है। उन्होंने ने ठाकरे से यह भी कहा है कि केंद्र से किसी भी तरह की मदद की दरकार हो तो बेहिचक बताएं लेकिन हत्या के दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मसले पर उद्धव से फोन पर बात की थी।

निहत्थे संतों की हत्या करने वाले नहीं हो सकते इंसान 

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि निहत्थे संतों की हत्या करने वाले इंसान sadhu 4नहीं हो सकते। पुलिस की मौजूदगी में तीन लोगों से कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया है। इसकी जांच होनी चाहिए। संतों को बचाने में नाकाम रहे पुलिसकर्मियों को तत्काल नौकरी से बर्खास्त किया जाए। वहीं, अखाड़ा परिषद के महामंत्री और जूना अखाड़ा सरंक्षक श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा कि संतों की हत्या करने वालों को फांसी से कम कुछ मंजूर नहीं है। सिद्धपीठ श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर महांडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी बेकसूर निहत्थे संतों की निर्मम हत्या अत्यन्त निंदनीय है। श्री सिद्धेश्वर महादेव मिस्सरपुर कनखल के महंत विनोद गिरि हनुमान बाबा ने कहा कि उच्चस्तरीय जांच कर फास्टट्रैक कोर्ट में मामला चलाते हुए इतनी सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने इस बारे में कुंभ मेलाधिकारी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।मुंबई स्थित संन्यास आश्रम के प्रमुख महंत विश्र्वेश्र्वरानंद गिरि ने भी महाराष्ट्र के राज्यपाल पत्र लिखकर रोष व्यक्त किया है।

जूना अखाड़े के इतिहास पर एक नजर 

sant 5श्रीपंचायती दशनाम् जूनादत्त कहें या जूना अखाड़ा। इस अखाड़े की स्थापना 1145 में उत्तराखंड के कर्णप्रयाग(चमोली) में हुई थी। (भगवान शंकराचार्य के जन्म के हिसाब से इसकी स्थापना विक्रम संवत् 1202 में मानी जाती है)। हरिद्वार में भी इसकी स्थापना का वर्ष यही बताया जाता है। श्रीपंचदशनाम् जूना अखाड़ा नागा साधुओं का सबसे बड़ा अखाड़ा है, जिसे भैरव अखाड़ा भी कहते हैं। इनके ईष्ट देव रुद्रावतार भगवान दत्तात्रेय हैं। जूना अखाड़ा का मुख्यालय केंद्र वाराणसी में बड़ा हनुमान घाट पर है और हरिद्वार में मायादेवी मंदिर पर भी अखाड़े का  केंद्र स्थित। नागा संन्यासियों की सबसे अधिक संख्या इसी अखाड़े में है। इस अखाड़े के नागा साधु जब शाही स्नान के लिए बढ़ते हैं, तो मेले में आए श्रद्धालुओं समेत पूरी दुनिया उस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए जहां की तहां रुक जाती है। इस समय इसके आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज हैं। वह महामृतंजय आश्रम टेढ़ी नीम वाराणसी और हरिद्वार में कनखल स्थित हरिहर आश्रम में रहते हैं।

17 सदस्यीय कमेटी करती है जूना अखाड़े का संचालन  

जूना अखाड़े का संचालन 17 सदस्यीय कमेटी करती है। मां मायादेवी मंदिर, आनंद भैरव मंदिर, श्री हरिहर महादेव पारद शिवलिंग महादेव मंदिर इसी अखाड़े के अधीन है। हरिद्वार में यह अखाड़े काफी प्राचीन हैं। कई ऐतिहासिक और धार्मिक पुस्तकों में भी इसका वर्णन मिलता है। इस समय अखाड़े में दर्जन से अधिक की संख्या में महामंडलेश्वर हैं, जिनकी शोभा यात्रा कुंभ मेले की शान होती है और उसे भव्यता और दिव्यता प्रदान करती है। अखाड़े की अन्य शाखाएं देश भर में फैली हुई हैं। बनारस, जूनागढ़, उज्जैन, नासिक, अमरकंटक, ओंकारेश्वर प्रमुख हैं।

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