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फ्रांस के साथ खड़े होकर भारत ने दिया संदेश

fance modi-emmanuel-macronकश्मीर पर लगातार भारत विरोधी रुख अपना रहे तुर्की के खिलाफ भारत भी कूटनीतिक मोर्चेबंदी कर रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ तुर्की और पाकिस्तान के अभियान के बाद भारत ने फ्रांस का आतंकवाद के मुद्दे पर पुरजोर समर्थन किया। अब भारत ने तुर्की और ग्रीस के बीच चल रही तनातनी में ग्रीस से बात की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ग्रीस के विदेश मंत्री से परस्पर सहयोग से जुड़े मुद्दों पर वर्चुअल बात की।सूत्रों ने कहा भारत अपने हितों के मद्देनजर सधे तरीके से कूटनीतिक कवायद कर रहा है। फ्रांस में आतंकी घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट के अलावा भारत ने आधिकारिक बयान जारी करके फ्रांस के राष्ट्रपति पर व्यक्तिगत हमले का विरोध किया। इसके बाद भारत ने विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला को ऐसे वक्त पर फ्रांस की यात्रा पर भेजा जब कई इस्लामिक संगठन और देश राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रो का जमकर विरोध कर रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि बीते कुछ सालों में फ्रांस भारत का बहुत ही महत्वपूर्ण सहयोगी बनकर उभरा है। भारत को हर मोर्चे पर फ्रांस से समर्थन मिला है। चीन से सीमा पर तनाव के अलावा पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मोर्चो पर हरकतों पर फ्रांस भारत के साथ खड़ा हुआ है। ऐसे में भारत ने स्पष्ट तौर पर एक तीर से कई निशाने साधने के प्रयास किया है। सूत्रों ने कहा ग्रीस से संवाद तुर्की जैसे देशो को स्पष्ट संदेश है।भारत एक तरफ कश्मीर मुद्दे पर अपना पक्ष प्रभावी देशो को समझाने में सफल रहा है। वहीं, विरोध करने वाले देशों को सटीक कूटनीति से जवाब भी दिया जा रहा है। भारत जल्द ही संयुक्त राष्ट्र में अपनी पारी शुरू करेगा। ऐसे में भारत ने अपनी भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया है।

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने शुक्रवार को फ्रांस की अंतरराष्ट्रीय संबंध और रणनीति महानिदेशक (डीजीआरआईएस) एलिस गुइटन के साथ महत्त्वपूर्ण बैठक की जिसमें उन्होंने भारत-प्रशांत क्षेत्र एवं समुद्री सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग पर चर्चा की। श्रृंगला अपने सप्ताह भर के तीन देशों के यूरोप दौरे के पहले चरण में फ्रांस में हैं। फ्रांस से वह जर्मनी और ब्रिटेन की यात्रा करेंगे।

फ्रांस में स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने डीजीआरआईएस की महानिदेशक एलिस गुइटन के साथ एक सार्थक बैठक की, जिसमें उन्होंने भारत-प्रशांत क्षेत्र और समुद्री सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग पर चर्चा की। गुरुवार को, श्रृंगला ने इंस्टीट्यूट फ्रैंच डेस रिलेशंस इंटरनेशनल में एक संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि तात्कालिक चुनौतियां भारत को व्यापक रणनीतिक लक्ष्यों से विचलित नहीं कर पाई हैं, विशेष रूप से भारत-प्रशांत क्षेत्र में जहां एक “खुली, समावेशी व्यवस्था” बनाने के लिए यह कई स्तरों पर उद्देश्यपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा है।श्रृंगला ने शुक्रवार को यूरोप और विदेश मामलों के फ्रांसीसी मंत्रालय के महासचिव फ्रेंकोइस डेलाट्रे के साथ भी मुलाकात की। दूतावास ने ट्वीट किया, ”विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और महासचिव फ्रेंकोइस डेलाट्रे के बीच महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। दोनों देशों के लिए एक प्रमुख सामरिक भागीदारी के लिए बढ़ती ताकत और प्रासंगिकता के साथ आगे की प्रगति के लिए एक मंच निर्धारित किया है।

विदेश सचिव ने भारतीय दूतावास का भी दौरा किया, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बातचीत की। श्रृंगला की फ्रांस यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब देश में एक और आतंकी हमला हुआ है। आतंकवाद और कट्टरपंथ के खतरों के बारे में, श्रृंगला ने कहा कि कट्टरपंथी विचारधारा हिंसा और अलगाववाद को बढ़ावा देती है, जो अक्सर विदेशी प्रभाव द्वारा संचालित और समर्थित होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतें बहुलतावादी समाजों को अस्थिर करती हैं। उन्होंने कहा,फ्रांस में हाल ही में हुई दो आतंकवादी घटनाएं भयानक है, जैसा कि कई बार हुए ऐसे हमले की साजिश का मूल हमारे पड़ोसी पाकिस्तान में था।

उन्होंने कहा, पिछले तीन दशकों से, हमने अनुभव किया है कि बेलगाम कट्टरपंथी किस तरह से कहर बरपा सकते हैं और यह कैसे हिंसक ताकतों को भड़का सकता है। सभ्य दुनिया को इस पर एक साथ काम करने और दृढ़ता के साथ इससे निपटने की जरूरत है। यह हमारे समृद्ध लोकतांत्रिक मूल्य प्रणालियों के लिए खतरा है।

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