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भारत के मौसम बुलेटिन में गिलगित-बाल्टिस्तान का हाल

gilgit baltistanभारतीय मौसम विभाग के मौसम रिपोर्ट और अनुमान में पाकिस्तान के कब्जे वाले  गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद आदि कश्मीर के क्षेत्रों को भी शामिल किए जाने पर पाकिस्तान बिलबिला गया है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मीरपुर, मुजफ्फराबाद और गिलगिट के मौसम का हाल बताने वाली रिपोर्ट देने के भारत के कदम को पाकिस्तान ने शुक्रवार को अस्वीकार कर दिया।

पाकिस्तान को लगी मिर्ची

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि भारत द्वारा पिछले साल जारी किए गए कथित ‘राजनीतिक india pak DDनक्शों’ की तरह ही उसका यह कदम भी कानूनन निरर्थक है। बता दें कि सरकारी प्रसारणकर्ता दूरदर्शन तथा आकाशवाणी ने शुक्रवार से अपने प्राइम टाइम समाचार बुलेटिन में पीओके के इन क्षेत्रों के मौसम का हाल बताना शुरू कर दिया है। इधर, प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग ने गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के लिए भी पूर्वानुमान जारी करना प्रारंभ किया है जो अभी पाकिस्तान के कब्जे वाला इलाका है । इस संबंध में पूर्वानुमान जम्मू कश्मीर मौसम विज्ञान उप मंडल के तहत 5 मई से जारी किया जा रहा है। वहीं, आईएमडी के महानिदेशक एम महापात्र ने कहा कि वे पिछले वर्ष अगस्त में जम्मू कश्मीर के दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजन के बाद पीओके के तहत इन क्षेत्रों के लिये दैनिक बुलेटिन में उल्लेख करते रहे हैं । अधिकारियों ने कहा कि अब वे इसका उल्लेख विशिष्ट तौर पर जम्मू कश्मीर उप मंडल के तहत कर रहे हैं । पाक के कब्जे वाले कश्मीर स्थित इन शहरों का जिक्र अब उत्तर पश्चिम डिविजन के सम्पूर्ण पूर्वानुमान में हो रहा है ।

उत्तर पश्चिम डिविजन के तहत नौ उप मंडल आते हैं जिसमें जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली-चंडीगढ़-हरियाणा, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश , पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान शामिल हैं । इस घटनाक्रम का महत्व ऐसे समय में काफी बढ़ जाता है जब भारत ने हाल ही एक बार फिर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पीओके भारत का हिस्सा है। इसमें गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद शामिल है । इन शहरों के लिये मौसम पूर्वानुमान जारी करना तब शुरू किया गया है जब कुछ ही दिन पहले पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने गिलगिट बाल्टिस्तान में चुनाव की अनुमति दी थी । भारत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी ।

एनएसए अजीत डोभाल ने पाकिस्तान को दिए ये 3 संदेश

ajit dobhalमौसम रिपोर्ट और अनुमान में पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद को शामिल किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले ने पाकिस्तान को भारत की बदली रणनीति के अहम संकेत दे दिए हैं। इस मामले से जुड़े लोगों ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि कैसे सरकार ने यह फैसला लिया और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार इससे पाकिस्तान को क्या-क्या संदेश देना चाहते हैं।

सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि इस कदम की कल्पना ‘कुछ समय पहले ‘ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने की थी। औपचारिक प्रस्ताव करीब 3 महीने पहले तैयार किया गया और डेप्युटी नेशनल सिक्यॉरिटी अडवाइजर (स्ट्रैटिजिक अफेयर्स) राजिंदर खन्ना के ऑफिस से 3 फरवरी को विदेश और गृह मंत्रालय के सचिवालय और भारत के दो प्रमुख इंटेलिजेंस एजेंसियों इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और रिसर्च ऐंड एनालिसिस विंग (RAW) को भेजा गया। उन्होंने औपचारिक मंजूरी पिछले सप्ताह दी।

‘यह मेरा क्षेत्र है’
इस प्रस्ताव को तैयार करने के लिए शुरुआती चर्चाओं का जिक्र करते हुए इस मामले से जुड़े अधिकारी ने बताया कि कैसे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा था कि इस एक कदम से पाकिस्तान को कई संदेश जाएंगे। अधिकारी ने कहा कि केंद्रबिंदु यह था, ”यह मेरा क्षेत्र है और मैं सभी कदम उठाकर अपनी संप्रभुता का हक जता रहा हूं।”

दूरदर्शन को आदेश, निजी चैनल भी तैयार
इस सप्ताह सरकार ने दूरदर्शन से कहा कि पीओके के मीरपुर, मुजफ्फराबाद और उत्तरी इलाके गिलगित को भी मौसम की खबरों में शामिल किया जाए, जिसे पाकिस्तान गिलगित बाल्टिस्तान कहता है। कुछ निजी समाचार चैनलों ने भी कहा है कि वे भी वेदर बुलेटिन में बदलाव करते हुए इसे शामिल करेंगे। दूरदर्शन से वह वेदर मैप इस्तेमाल करने को कहा गया है कि जिसमें जम्मू-कश्मीर के संपूर्ण क्षेत्र को दर्शाया गया हो। इससे भारत के पक्ष की प्रतिदिन और सार्वजनिक पुनरावृत्ति होगी।

एक अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि इस कदम ने भारत के दृष्टिकोण में एक बदलाव को दिखाता है, जो पाकिस्तान और उसके सहयोगियों और दुनिया को डंके की चोट पर बताने के लिए है कि इस्लामाबाद ने जम्मू-कश्मीर के 86 हजार स्क्वायर किलोमीटर भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है।

चीन के लिए लिहाज से भी अहम
संप्रभुता पर यह जोर इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा गिलगित बाल्टिस्तान से होकर गुजरता है, जो क्षेत्रफल में केरल से करीब दोगुना है। कुछ सालों पहले चीन ने जब बेल्ट ऐंड रोड इनिशिटिव की शुरुआत की तो उसे उम्मीद थी कि भारत इसमें शामिल होगा, यद्यपि यह पीओके से गुजर रहा था। जब भारत ने इसका विरोध किया तो बीजिंग ने कहा कि नई दिल्ली इसमें शामिल हो क्योंकि इससे दो देशों के बीच विवाद के रूप में कश्मीर की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा।

पीओके के लोगों की दुर्दशा भी आएगी सामने
अधिकारी ने कहा, ”हर दिन के मौसम रिपोर्ट का नक्शा जम्मू-कश्मीर के संपूर्ण भाग को लेकर भारत के संदेश को हर दिन पुष्ट करेगा।” अधिकारियों ने कहा कि टेलीविजन पर भारत का नक्शा कई तरीकों से यहां रह रहे लोगों की दुर्दशा के बारे में भी बताएगा कि इस्लामाबाद किस तरह इनके अधिकारों का हनन कर रहा है।

ब्रिटेन को सभी संदेश
इसके अलावा भारत इस कदम से ब्रिटेन के राजनीतिक प्रतिष्ठान को भी संदेश भेजना चाहता है कि वे किसा का पक्ष ना लें। पाकिस्तानी प्रवासियों की एक बड़ी संख्या जो ब्रिटेन में रहती है वह मीरपुर से है, जिनकी लेबर पार्टी के नेताओं जैसे जेरमी कोर्बयन से निकटता है जिन्होंने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के लिए प्रस्ताव पेश किया था।

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