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भारत ने किया फिंगर 4 की रिज़ लाइन पर कब्जा

pangong indian armyनई दिल्ली भारत और चीन के बीच लद्दाख की पैंगोंग लेक के पास हुई ताजा झड़पों और सीमा विवाद को लेकर लगातार बातचीत जारी है। बीते कई दिनों से जारी बातचीत के बाद बुधवार को भी ब्रिगेडियर स्तर की वार्ती हुई। हालांकि इस बातचीत का भी कोई नतीजा नहीं निकला और दोनों पक्षों में कोई सहमति नहीं बन पाई। वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर खबर उड़ी कि भारतीय सेना ने फिंगर 4 की रिज़ लाइन पर कब्जा कर लिया है और अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

ऐसा ऑपरेशन जिसने चीन की सेना को हैरान कर दिया
भारत में अक्सर किसी मिलिट्री ऑपरेशन की पूरी कहानी सामने आने में वक्त लग जाता है. सुरक्षा की वजह से ऐसी खबरों के बारे में जल्द बताना उचित भी नहीं होता है. इसलिए आज तीन दिन के बाद हम आपको भारतीय सेना के उस पराक्रम के बारे में बताएंगे जिसके बाद इस समय लद्दाख में पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे की कई पहाड़ियों पर भारतीय सेना का नियंत्रण है. ये एक ऐसा ऑपरेशन था जिसने चीन की सेना को भी हैरान कर दिया.भारत की सैनिक कार्रवाई की शुरुआत 29 और 30 अगस्त की रात को हुई. जब पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्से में मौजूद एक चोटी ब्लैक टॉप पर चीन के ऑबजर्वेशन की तरफ बढ़ते हुए 25-30 चीनी सैनिक देखे गए. चीन की सेना की आर्म्ड रेजीमेंट और बख्तरबंद गाड़ियों की एक बटालियन भी देखी गई.इसके फौरन बाद भारतीय सैनिक एक्शन में आ गए और ब्लैक टॉप के ऊपर पहुंचकर पोस्ट पर कब्जा कर लिया. इस दौरान हाथापाई की भी खबरें हैं लेकिन भारतीय सेना इसका खंडन कर रही है.इसके बाद 30 और 31 अगस्त की रात को भी चीन की सेना ने दोबारा आगे बढ़ने की कोशिश की. लेकिन इसके जवाब में भारतीय सेना ने पास की कई और पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया. भारतीय सेना की ये कार्रवाई पेट्रोलिंग प्वाइंट यानी PP 27 से PP 31 के बीच की गई है. ये सारे पेट्रोलिंग प्वाइंट अब भारतीय सेना के पास हैं. ये वो इलाके हैं जिन्हें 1962 में चीन ने कब्जा कर लिया था.फिर भारतीय सैनिकों ने रेकिन ला और रेजांग ला के इलाकों पर कब्जा किया जहां वर्ष 1962 के बाद भारतीय सेना ने कभी अपने सैनिक नहीं भेजे. इन दोनों ही जगहों पर वर्ष 1962 में भीषण लड़ाई हुई थी.

 चीन की परेशानी की सबसे बड़ी वजह 
पैंगोंग झील के करीब स्पांगुर गैप के पास ‘मगर हिल’ और गुरुंग हिल पर भी भारतीय सैनिकों कब्जा कर वहां तैनाती कर ली है. यानी इस समय पैंगोंग के दक्षिण किनारे से लेकर रेजांग ला तक हर पहाड़ी पर भारतीय सैनिकों का कब्जा है. इसकी वजह से हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और चीन की तरफ से किसी नए मोर्चे को खोलने की भी आशंका है. भारतीय सेना ने चीन का मुकाबला करने के लिए ऐसी सभी जगहों पर टैंकों की तैनाती कर ली है.अब आपको चीन की सबसे बड़ी परेशानी की वजह समझनी चाहिए. चीन की सबसे बड़ी परेशानी है, पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्से पर भारत का नियंत्रण. चीन इस हिस्से पर नियंत्रण करके भारत के खिलाफ एक नया मोर्चा खोलना चाहता था, लेकिन 29 और 30 अगस्त की रात भारत की सेना ने चीन की इस योजना को विफल कर दिया.भारत के सैनिक अब पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर ऊंची चोटियों पर बैठे हैं, जबकि चीन की सेना निचले इलाकों में है. पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे की तुलना में दक्षिणी किनारे के आसपास की जमीन ज्यादा समतल और चौड़ी है और ये रास्ता लद्दाख और चुशूल घाटी तक भी भारतीय सेना की पहुंच को आसान बनाता है. ये रास्ता जिन पहाड़ों के बीच से होकर गुजरता है उनकी ऊंचाई 16 हजार फीट तक है और अब भारत के सैनिक इन पहाड़ों की ऊंचाई पर मौजूद हैं.

सैनिकों की तैनाती में फेरबदल
भारतीय सेना ने कहा है कि फिंगर 4 की ऊंचाइयों पर कब्जा करने की भारतीय सैनिकों से जुड़ी रिपोर्ट सही नहीं है। हालांकि साथ ही सेना ने यह भी कहा कि 30 अगस्त 2020 को एहतियाती तौर पर LAC के भारतीय पक्ष की साइड पैंगोंग लेक के उत्तरी हिस्से में सैनिकों की तैनाती में कुछ फेरबदल जरूर किया गया था।

पैंगोंग एरिया में खाली जगहों को भरने की कोशिश में सेना

आपको बता दें कि ईस्टर्न लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (India China tension at LAC) पर तनाव चरम पर है। इसे कम करने के लिए कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन फिलहाल इससे कोई हल निकलता नहीं दिख रहा। अब भारतीय सेना पूरे एलएसी में उन जगहों को भी भरने की कोशिश कर रही है जहां पर अंदेशा है कि चीन की तरफ से कब्जे की कोशिश की जा सकती है।

 फिलहाल बातचीत से मसले का हल नहीं
दोनों देशों की सेना के बीच बिग्रेड कमांडर स्तर की बातचीत से फिलहाल कोई हल निकलने की उम्मीद नहीं है। सेना के एक अधिकारी ने कहा कि जब 5 बार कोर कमांडर स्तर की मीटिंग के बावजूद चीन ने अपनी गलती नहीं मानी और पीछे जाने से इनकार किया तो उससे यह अंदाजा तो लगाया ही जा सकता है कि बातचीत से फिलहाल तो मसले का हल नहीं निकलने वाला।

पैंगोंग लेक के दक्षिणी हिस्से को चीनी सेना से खाली कराने के बाद अब उत्तरी इलाके में भी चीनी सेना की घेराबंदी शुरू कर दी गई है। सेना के सूत्रों ने कहा कि एलएसी के भारतीय क्षेत्र में ऊंची पहाड़ियों पर सेना की विशेष टुकड़ियों को तैनात किया गया है। जो किसी भी हालात का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। सेना के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि चीनी सेना की फिंगर-4 से फिंगर-8 के इलाकों में तैनाती कायम रहने और दक्षिणी हिस्से में घुसपैठ की नाकाम कोशिश के बाद यह सुरक्षात्मक कदम उठाया गया है। पैंगोंग लेक के उत्तरी हिस्सों में ऊंची पहाड़ियों पर भारतीय सैनिकों की तैनाती की गई है। लेकिन भारतीय सैनिक जिस क्षेत्र में है, वह पूरी तरह से भारतीय क्षेत्र में है, लेकिन वहां से पैंगोंग लेक के उत्तरी इलाके पर भारत को रणनीति बढ़त मिलती है।

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