Pages Navigation Menu

Breaking News

31 दिसंबर तक बढ़ी ITR फाइलिंग की डेडलाइन

 

कोविड-19 वैक्सीन की एक खुराक मौत को रोकने में 96.6 फीसदी तक कारगर

अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए ना हो; पीएम नरेंद्र मोदी

सच बात—देश की बात

तूफान में फंसीं 410 जिंदगियां,भारतीय नौसेना ने लड़ा दी जान

tauktae nayiमुंबई ताउते चक्रवाती तूफान से मुंबई के समंदर में सैकड़ों जिंदगियां फंसी थीं। जरा सी भी देर किसी अनहोनी को दावत दे सकती थी। इन सबके बीच भारतीय नेवी ने जज्बे और समर्पण की मिसाल पेश की है। तूफान के बीच 24 घंटे से ज्यादा वक्त से नौसेना की टीम रेस्क्यू में जुटी है। इस दौरान नेवी के पास 4 एसओएस कॉल भी आए और नौसेनिकों ने तत्परता से उस पर ऐक्शन लेते हुए जान झोंक दी।सोमवार को निर्माण कम्पनी एफकान्स के बंबई हाई तेल क्षेत्र में अपतटीय उत्खनन के लिए तैनात दो बजरे लंगर से खिसक गए और वे समुद्र में अनियंत्रित होकर बहने लगे थे, जिसकी जानकारी मिलने के बाद नौसेना ने तीन फ्रंटलाइन युद्धपोत तैनात किए थे। इन दो बजरे पर 410 लोग सवार थे। इन दो बजरे की मदद के लिए आईएनएस कोलकाता, आईएनएस कोच्चि और आईएनएस तलवार को तैनात किया गया था।

नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि समुद्र में बजरे पी305 से बेहद चुनौतीपूर्ण स्थिति में कुल 146 लोगों को बचाया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य लोगों को बचाने के लिए खोज एवं बचाव (एसएआर) अभियान पूरी रात जारी रहा।नेवी पीआरओ कमांडर मेहुल कार्णिक ने कहा कि एक बजरा से लगभग 60 कर्मियों को रात 11 बजे तक बचा लिया गया था, जो सभी तेल रिग पर कार्यरत थे। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान पूरी रात जारी रहा। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात तेज होने के बाद नौकाएं मुंबई तट से दूर चली गई थीं।नौसेना के एक सूत्र ने कहा कि बार्ज जीएएल कंस्ट्रक्टर मुंबई से लगभग 137 लोग 8 एनएम के बोर्ड पर बैठकर निकले थे। इसकी सूचना पर आईएनएस कोलकाता को मदद के लिए भेजा गया।

navy 2प्रवक्ता ने कहा कि बचाए गए लोगों को नौसेना के युद्धपोतों में ट्रांसफर किया जा रहा है।प्रवक्ता ने कहा, ‘जहाजों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। समुद्र की स्थिति बहुत खराब है, तेज तूफान और हवाएं रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘आईएनएस कोलकाता को आईएनएस कोच्चि के समर्थन में पी305 बजरा की स्थिति की निपटने के लिए डायवर्ट कर दिया गया। दो तटरक्षक जहाजों को पी305 की ओर मोड़ दिया गया है जबकि एक अन्य जहाज को बचाव अभियान में भाग लेने के लिए गैल कंस्ट्रक्टर के पास भेजा गया।P305 से बचाव अभियान में लंबा समय लग सकता है क्योंकि इसमें अधिक कर्मी हैं। अधिकारियों ने कहा कि खराब मौसम भी अभियान को लंबा कर सकता है। गैल कंस्ट्रक्टर के पास एक आपातकालीन रस्सा पोत (ETV) था। इंजन में खराबी के कारण इसे कोलाबा पॉइंट से दूर ले जाया गया है। सहायता प्रदान करने के लिए एक आपातकालीन रस्सा पोत ‘वाटर लिली’ द्वारा जहाज से संपर्क किया गया था।

एक दिन पहले बोट पर फंसे 4 मेंबर्स को बचाया गया
navyमांडर मधवाल ने कहा कि सोमवार को अरब सागर में चक्रवात की वजह से डावांडोल हुई भारतीय टगबोट कोरोमंडल सपोर्टर IX में फंसे 4 क्रू मेंबर्स को नौसेना के हेलिकॉप्टर के जरिए बचाया गया। उन्होंने कहा कि समुद्र में फंसे इस जहाज के मशीनरी वाले हिस्सों में पानी भर गया था, जिसकी वजह से यह आगे नहीं बढ़ पा रहा था। इसकी बिजली सप्लाई भी बंद हो गई थी।उन्होंने बताया कि चक्रवात को देखते हुए भारतीय नौसेना के 11 गोताखोर दल तैयार रखे गए हैं। बारह बाढ़ राहत दल और मेडिकल टीम को भी तैनात किया गया है। तूफान प्रभावित राज्यों में जरूरत पड़ने पर इन्हें भेजा जाएगा।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »