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अगले 25 साल भारत के सृजन का अमृतकाल ; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

narendramodi-2प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8वीं बार लाल किले की प्राचीर से भाषण दिया। डेढ़ घंटे के इस भाषण में मोदी ने ओलिंपिक से लेकर एयरस्ट्राइक तक का जिक्र किया। मेडल विजेताओं के सम्मान में खुद भी ताली बजाई और देश से भी बजवाई। खिलाड़ी, किसान, युवा, महिला, उद्यमी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, फ्रंट लाइन वर्कर्स सभी का जिक्र किया। हाईड्रोजन मिशन और गति शक्ति स्कीम का ऐलान किया। प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक का जिक्र भी किया और कहा कि दुश्मनों को नए भारत का संदेश दिया। उन्हें बताया कि भारत बदल रहा है, भारत कठिन से कठिन फैसले ले सकता है और इससे झिझकता नहीं है। आजादी के अमृत महोत्सव के 75 हफ्तों का ऐलान किया और यह भी कहा कि इन 75 हफ्तों में 75 वंदे भारत ट्रेन चलाई जाएंगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विस्तारवाद के नीति के लिए चीन और आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि भारत दोनों चुनौतियों का करारा जवाब दे रहा है।

देश के 75वें स्वाधीनता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि कोई बाधा 21वीं सदी के भारत के सपनों को पूरा करने से नहीं रोक सकती।चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा, ‘‘आज दुनिया भारत को एक नई दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद। भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़े हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है।’’उन्होंने कहा कि भारत आज अपना लड़ाकू विमान, पनडुब्बी और गगनयान भी बना रहा है और यह स्वदेशी उत्पादन में भारत के सामर्थ्य को उजागर करता है।उन्होंने कहा, ‘‘21वीं सदी में भारत के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने से कोई भी बाधा रोक नहीं सकती। हमारी ताकत हमारी जीवटता है, हमारी ताकत हमारी एकजुटता है। हमारी प्राण शक्ति, राष्ट्र प्रथम सदैव प्रथम की भावना है।’’

modi twoदेश आज से अपनी आजादी के 75वें साल में प्रवेश कर रहा है और यहां से आजादी के 100 वर्षों तक का सफर ‘‘भारत के सृजन का अमृतकाल’’ है। उन्होंने कहा कि ‘‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबके प्रयास’’ से इस लक्ष्य को हासिल करना है। तिरंगा फहराने के बाद लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का यह संकल्प सुरक्षित और समृद्ध विश्व की खातिर प्रभावी योगदान के लिए है।उन्होंने कहा कि हर देश की विकास यात्रा में एक समय ऐसा आता है, जब वह देश खुद को नए सिरे से परिभाषित करता है और खुद को नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ाता है।उन्होंने कहा, ‘‘भारत की विकास यात्रा में भी आज वो समय आ गया है। यहां से शुरू होकर अगले 25 वर्ष की यात्रा नए भारत के सृजन का अमृतकाल है। इस अमृतकाल में हमारे संकल्पों की सिद्धि, हमें आजादी के 100 वर्ष तक ले जाएगी।’’लाल किले पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य, विभिन्न दलों के नेता और विदेशी राजनयिकों सहित केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। तोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल के प्रतिनिधियों की उपस्थित आकर्षण का केंद्र थी। प्रधानमंत्री ने उन्हें विशेष तौर पर आमंत्रित किया है।

मोदी की स्पीच की  बड़ी बातें…

1. ओलिंपिक मेें भारत का नाम रोशन करने वाली युवा पीढ़ी एथलीट्स और हमारे खिलाड़ी यहां मौजूद हैं। मैं देशवासियों से कहना चाहता हूं कि इनके सम्मान में कुछ पल तालियां बजाएं। आज करोड़ों देशवासी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इन युवाओं का सम्मान कर रहे हैं।

2. बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है। ये सबसे बड़ी त्रासदी है। अब से हर 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा। ये अत्याचार सहने वालों को हर भारतवासी की तरफ से आदरपूर्वक श्रद्धांजलि है।

3. भारत को वैक्सीन के लिए किसी और देश पर निर्भर नहीं होना पड़ा। पल भर सोचिए अगर भारत के पास अपनी वैक्सीन नहीं होती तो क्या होता। वैक्सीन कैसे मिलती, भारत को मिलती या नहीं। आज गर्व से कह सकते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम हमारे यहां चल रहा है।

4. सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास। इसी श्रद्धा के साथ हम सब जुट चुके हैं। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और अब सबका प्रयास हमारे लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

5. सरकार अपनी अलग-अलग योजनाओं के तहत जो चावल गरीबों को देती है, उसे पोषण युक्त करेगी। राशन दुकानों, मिड डे मील, 2024 तक हर योजना के तहत मिलने वाला चावल पोषण युक्त कर दिया जाएगा।

6. स्वामी विवेकानंद जब मां भारती की भव्यता का दर्शन करते थे तो कहते थे कि अतीत की ओर देखो, जो चिर नूतन झरना बह रहा है, उसका जल पियो। फिर सामने देखो, आगे बढ़ो और भारत को पहले से भी कहीं ज्यादा महान और श्रेष्ठ बनाओ। यह अब हमारा दायित्व है।

7. जल्द ही गति शक्ति स्कीम का नेशनल मास्टर प्लान हम आपके सामने आएंगे। 100 लाख करोड़ से भी ज्यादा की योजना लाखों नौजवानों के लिए रोजगार लाएगी। ये नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर का मास्टर प्लान होगा, जो इकोनॉमी को इंटीग्रेटेड पाथवे देगा।

8. केंद्र या राज्य के सभी विभाग नियमों-प्रक्रियाओं की समीक्षा का अभियान चलाएं। जो नियम बोझ हैं, उन्हें दूर करना होगा। पता है कि 70-75 साल में जमा हुआ हो, एक दिन या तुरंत नहीं जाएगा। पर मन बनाकर काम करना होगा।

9. मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं। ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में बेटियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया था। अब तय किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों को देश की बेटियों के लिए भी खोल दिया जाएगा।

10. भारत आज जो भी कार्य कर रहा है, उसमें सबसे बड़ा लक्ष्य है, जो भारत को क्वांटम जंप देने वाला है- वो है ग्रीन हाइड्रोजन का क्षेत्र। मैं आज तिरंगे की साक्षी में National Hydrogen Mission की घोषणा कर रहा हूं।

लाल क़िले से पीएम मोदी की अहम घोषणाएं

सैनिक स्कूलों में पढ़ेगी लड़कियाँ

पीएम मोदी ने कहा कि देश के सभी सैनिक स्कूलों में अब लड़कियां पढ़ सकेंगी. उन्होंने कहा, “कुछ वक़्त पहले मिज़ोरम के एक सैनिक स्कूल में लड़कियों को प्रवेश देने की शुरुआत हुई थी. इसके बाद अब सरकार ने फ़ैसला किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों कों अब देश की बेटियों के लिए खोल दिया जाएगा.” इससे पहले सैनिक स्कूलों में केवल लड़कों को ही प्रवेश दिया जाता था.

मातृभाषा की प्राथमिकता पर ज़ोर

पीएम मोदी ने कहा, कि भाषा की वजह के देश की बड़ी प्रतिभा को पिंजरे में बाँध दिया है लेकिन भाषा कभी विकास में रुकावट नहीं बननी चाहिए.उन्होंने कहा, “मातृभाषा में लोग आगे बढ़ सकते हैं. मातृभाषा में लोग पढ़कर आगे बढ़ेंगे तो उनकी प्रतिभा के साथ न्याय होगा. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी ग़रीबी के ख़िलाफ़ लड़ाई में बड़ा शस्त्र बनकर सामने आने वाला है क्योंकि इसमें लोगों की प्रतिभा को जगह दी गई है.””मातृभाषा का महत्व है. उसकी प्रतिष्ठा है. खेल के मैदान में भाषा रुकावट नहीं बनी. युवा हमारे खेल भी रहे हैं और खिल भी रहे हैं. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में खेल को अहमियत के साथ शामिल किया गया है. जीवन में संपूर्णता के लिए खेलकूद का होना बहुत ज़रूरी है.”

चीन और पाकिस्तान पर बिना नाम लिए निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत बड़ी हिम्मत के साथ आतंकवाद और विस्तारवाद की चुनौतियों से जूझ रहा है. आतंकवाद को लेकर भारत पाकिस्तान पर सवाल उठाता रहा है और पीएम मोदी विस्तारवाद को लेकर चीन पर निशाना साधते रहे हैं.प्रधानमंत्री ने कहा, “सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कर के भारत ने अपने दुश्मनों को ये स्पष्ट संदेश दिया है कि अब नया और आधुनिक भारत उभर रहा है, जो कड़े फ़ैसले लेने में पूरी तरह सक्षम है.”

नई शिक्षा नीति

मोदी ने कहा कि देश में कि देश की नई शिक्षा नीति ग़रीबी से लड़ने और 21वीं सदी की ज़रूरतों को पूरा करने का साधन है और इसमें अब क्षेत्रीय भाषाओं को अधिक महत्व दिया जाएगा.उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को अतिरिक्त की जगह मुख्यधारा की शिक्षा का हिस्सा बनाया गया है.

सुविधाओं तक पहुंच नहीं बल्कि पूर्णता होगा लक्ष्य

मोदी ने कहा कि अब तक देश की सरकारों की कोशिश थी कि देश के हर कोने तक सुविधाएं पहुंचाई जाए लेकिन अब लक्ष्य होना चाहिए कि सभी लोगों तक सभी सुविधाएं शत प्रतिशत पहुंच सकें.उन्होंने कहा, “हमें अब विकास की तरफ़ नहीं बल्की पूर्णता की तरफ़ जाना है. यानी सभी सुविधाएं देश के शत-प्रतिशत लोगों को मिले, यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए.””सभी परिवारों को सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए और हमारे सामने सभी योजनाओं की सैचुरेशन का लक्ष्य हासिल करना है. इसके लिए अधिक वक़्त नहीं लगाना है.”

शहरों को गाँवों के बीच की खाई को पाटने का वक़्त

उन्होंने कहा कि शहरों और गाँवों के बीच के फ़र्क़ को ख़त्म करने के लिए अब वहां तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क भी पहुँच रहा है.उन्होंने कहा, “गांव में कई जगहों पर महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रूप में शामिल हो कर नए उद्यम कर रही हैं, ऐसी महिलाओं के लिए सरकार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनाएगी ताकि उनके उत्पाद देश के हर कोने तक पहुँच सके.”पीएम मोदी ने कहा सरकार ग़रीबों और वंचितों के लिए आरक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने का काम कर रही है और बिल पास कर राज्यों को वंचित समुदायों का पहचान करने की ज़िम्मेदारी दी गई है.

छोटे किसानों को दी जाएगी प्राथमिकता

मोदी ने कहा कि शहरों के अलावा देश के गाँवों के विकास पर भी हमें अधिक ध्यान देना होगा.उन्होंने कहा कि “गांवों में लोगों के पास ज़मीनें छोटी होती जा रही हैं. परिवारों का बँटवारा होने के बाद किसानों के पास ज़मीन छोटी से छोटी होती जा रही है. पहले की नीतियों में छोटे किसानों पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया था लेकिन अब उन किसानों को ध्यान में रख पर फ़ैसले लिए जा रहे हैं. आने वाले समय में ब्लॉक लेवल कर वेयरहाउस (गोदाम) बनाने का अभियान चलाया जाएगा.”उन्होंने कहा, “देश के अधिकतर किसान छोटे ज़मीनों के मालिक हैं. पहले देश की नीतियों में छोटे किसानों के लिए नीतियां नहीं थीं. लेकिन अब देश में कृषि सुधार किए जा रहे हैं. फसल बीमा में सुधार जारी है. छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड मिले. सोलर योजनाएं प्रभावी हों. हर छोटे-छोटे किसान को ध्यान में रखते हुए पीएम कृषि सम्मान योजना चलाई जा रही है. छोटा किसान बने देश की शान- ये हमारा सपना है. आने वाले वर्षों में देश के छोटे किसानों की ताक़त बढ़ानी होगी.”

कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिकों की सलाह

मोदी ने कहा कि जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी झेल रही थी, उस वक़्त भारत ने कोरोना वैक्सीन बनाई और लोगों को देने का काम किया. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो कल्पना की जा सकती है कि भारत का क्या हाल होता.अब आने वाले वक़्त में देश के बढ़ती आबादी को देखते हुए उसकी खाद्यान्न की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कृषि क्षेत्र में भी वैज्ञानिकों की सलाह लेने का वक़्त आ गया है.

नागरिकों के जीवन में सरकार का दख़ल होगा कम

मोदी ने कहा कि आधुनिक काल में देश नेक्स्ट जेनेरेशन सुधार लागू किए जाएंगे ताकि देश के आख़िरी कोने पर मौजूद व्यक्ति तक आसानी से सभी सरकारी सुविधाएं पहुँच सके.पीएम मोदी ने कहा, “अमृत काल का लक्ष्य है, ऐसे भारत का निर्माण, जहां सुविधाओं का स्तर गाँव और शहरों को बाँटने वाला न हो. जहां नागरिकों के जीवन में सरकार बेवजह दखल न दे, जहाँ दुनिया का हर आधुनिक इंफ्रास्टक्चर हो. इसके लिए देश तो बदलेगा लेकिन बदलते वक़्त के अनुसार हमें भी बदलना होगा.”मोदी ने कहा कि पहले के दौर में सरकार ख़ुद ड्राइविंग सीट पर बैठती थी लेकिन अब ये आधुनिक देश की ज़रूरत नहीं है, इसलिए देश के नागरिकों के जीवन में सरकार का दखल जितना हो सके कम किया जाना चाहिए.उन्होंने कहा, “देश को ये प्रयास करना होगा कि देश के लोगों को अनावश्यक क़ानूनों और प्रक्रिया के जाल से निकाला जाए. इसके लिए सरकार से हाल में 15 हज़ार से अधिक रुकावटों (कंप्लायंसेज़) को ख़त्म किया है. इज़ ऑफ़ लिविंग और इज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस की हमें बहुत ज़रूरत है. दर्जनों श्रम क़ानूनों को चार कोड में समा दिया गया है और टैक्स स्ट्रक्चर में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं.”

नॉर्थ ईस्ट को पूरे भारत से जोड़ा जाएगा

मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “उत्तर भारत में सरकार कनेक्टिविटी का इतिहास लिख रही है और ये कनेक्टिविटी केवल इन्फ्रास्ट्रचर का ही नहीं बल्कि दिलों के बीच का भी है. जल्द ही उत्तर भारत पूरे भारत के साथ पूरी तरह से रेल सेवा से जुड़ेगा.””वहाँ पर ऑयल फार्म, हर्बल फार्मिंग और ऑर्गेनिग खेती की अनेक संभावनाएं है. आने वाले सालों में इस पर काम होगा.”

जम्मू कश्मीर में कराए जाएंगे विधानसभा चुनाव

जम्मू कश्मीर मे डीलिमीटेशन कमिटी का गठन हो चुका है और आने वाले वक़्त में यहां विधानसभा चुनाव करवाने की तैयारियां हो रही हैं.

नेशनल हाइड्रोजन मिशन की घोषणा

मोदी ने नेशनल हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की और कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ऊर्जा के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर हो और धीरे-धीरे सतत ऊर्जा की तरफ़ बढ़े.मोदी ने कहा कि साल 2030 के लिए देश 450 गिगावॉट सतत ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रख रही है और उम्मीद है कि वक़्त से पहले इसे पूरा किया जा सकेगा.इसके लिए सरकार ने साल 2030 तक रेलवे की ज़रूरतों को सतत ऊर्जा से पूरा करने का फ़ैसला किया है.

14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब से हर वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद करने का फ़ैसला किया है.उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने उस दौरान मुसीबतें झेली हैं और जिन्हें उस वक़्त अंतिम संस्कार तक नसीब नहीं हो सका, 14 अगस्त को उन लोगों को याद किया जाएगा.”

शुरू की जाएंगी 75 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें

कमज़ोर इंफ्रास्ट्रक्चर का नुक़सान देश को होता है, इसलिए देश ने असाधारण स्तर पर काम कर रहा है और नए जलमार्ग या नए स्थानों को सीप्लेन से जोड़ने का काम कर रहा है. भारतीय रेलवे भी तेज़ी से आधुनिक रंग में ढल रही है.देश ने फ़ैसला किया है कि 75वें आज़ादी के त्याहोर पर देश 75 सप्ताह तक अमृत महोत्सव का पालन करेगा. आने वाले वक़्त में देश के हर कोने को जोड़ने के लिए 75 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलेंगी. सरकार जल्द सौ लाख करोड़ रुपयों की एक नई गतिशक्ति योजना लॉन्च करेगी जो देश के लिए नया नेशनल इंफ्रास्ट्क्चर प्लान होगा और देश को होलिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर देगी.इसके ज़रिए स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक मार्केट से जोड़ा जाएगा ताकि आने वाले वक़्त में अर्थव्यवस्था के विस्तार के मौक़े मिलें और वो ग्लोबल कंपीटिशन के लिए तैयार हों.

नागरिक कैशलेस और स्वच्छता को अपनाएं

देश डिज़िटल हो रहा है जिसके लिए कम से कम कैश का ट्रांज़ेक्शन करना हमारा कर्तव्य होना चाहिए.उन्होंने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने की अपील की और नदियों को गंदा न करने और समंदर के तटों से स्वच्छ रखने की अपील की.

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