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जेएनयू में हिंसा 40 छात्र और शिक्षक घायल, पुलिस ने किया फ्लैगमार्च

jnuनई दिल्ली: देश के प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी  में रविवार शाम को नकाबपोश लोगों ने घुसकर हमला कर दिया. इसके साथ-साथ कुछ शिक्षकों को भी चोटें आईं. लगभग 40 छात्र और शिक्षक हमले में घायल हुए हैं. इनसे में 20 छात्रों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. पुलिस के मुताबिक किसी भी घायल छात्र की हालत गंभीर नहीं है और सभी खतरे से बाहर हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शाम करीब 6:30 बजे लगभग 50 की संख्या में नकाबपोश गुंडे जेएनयू कैंपस में में घुस आए और छात्रों पर हमला करना शुरू कर दिया. इन लोगों ने कैंपस में मौजूद कारों को भी निशाना बनाया और हॉस्टल में भी तोड़फोड़ की. जेएनयू के प्रोफेसर अतुल सूद ने  को बताया कि इन हमलावरों ने हॉस्टल पर पत्थरबाजी की और यूनिवर्सिटी की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया. जेएनयू मामले की जांच वेस्टर्न रेंज की ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी सिंह को सौंपी गई है.गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात कर पूरे मामले की रिपोर्ट देने को कहा है. साथ ही गृहमंत्री ने कैंपस में कानून व्यवस्था को बहाल करने की भी बात कही है. गृहमंत्री के कार्यालय ने ट्वीट किया कि केंद्रीय गृहमंत्री ने जेएनयू हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात की और उन्हें जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए.विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया, “जेएनयू में जो हुआ उसकी तस्वीरें देखीं. हिंसा की स्पष्ट तौर पर निंदा करते हैं. यह विश्वविद्यालय की संस्कृति एवं परंपरा के पूरी तरह खिलाफ है.” छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने बताया कि चेहरे पर नकाब डाले लोगों ने उनपर हमला किया और बुरी तरह से पिटाई की. इस हमले में उनके सिर पर गहरी चोट आई है. वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि 50 से ज्यादा की संख्या में लोग नकाब बांधकर कैंपस में घूमते दिख रहे हैं, जिनके हाथों में हॉकी स्टीक, रॉड और बल्ला दिखाई दे रहा है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर मामले पर हैरानी जताई. अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘जेएनयू में हुई हिंसा की खबर सुनकर हैरान हूं. छात्रों पर बेरहमी से हमला किया गया. पुलिस को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए. अगर हमारे छात्र यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो देश कैसे आगे बढ़ेगा?

एबीवीपी से जुड़े करीब 15 छात्रों को गंभीर चोटें आई

दूसरी ओर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने लेफ्ट के छात्र संगठनों एसएफआई, आइसा और डीएसएफ पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया है. एबीवीपी की जेएनयू यूनिट के अध्यक्ष दुर्गेश कुमार ने कहा, ‘जेएनयू में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर लेफ्ट के छात्र संगठनों एसएफआई, आइसा और डीएसएफ से जुड़े करीब 400 से 500 लोगों ने हमला किया है. इस हमले में एबीवीपी से जुड़े करीब 15 छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं.दुर्गेश ने आरोप लगाया कि जेएनयू के अलग-अलग हॉस्टल में एबीवीपी से जुड़े छात्रों पर हमला किया गया है और हॉस्टलों की खिड़कियों दरवाजों को लेफ्ट के छात्र संगठनों ने बुरी तरह से तोड़ दिया है. एबीवीपी ने दावा किया कि इस हमले में उसके अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मनीष जांगिड़ बुरी तरह से घायल हो गए हैं. शायद मारपीट के बाद उनका हाथ टूट गया है. दुर्गेश ने कहा कि छात्रों पर पत्थर फेंके गए और डंडे बरसाए गए, जिसके चलते कुछ के सिरों पर चोटें आई हैं.हालांकि जेएनयूएसयू ने दावा किया कि साबरमती और अन्य हॉस्टल में एबीवीपी ने प्रवेश कर छात्रों की पिटाई की. एबीवीपी ने पथराव और तोड़फोड़ भी की. हालांकि तोड़फोड़ करने वाले लोगों ने नकाब पहना हुआ था. जेएनयू में हुई हिंसा में घायल हुए छात्रों को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है.

 

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