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बंगाल में किसानों के घर जाकर एक मुट्ठी चावल मांगेंगे नड्डा

jp-nadda2-1610099892भारतीय जनता पार्टी  के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शनिवार को एक बार फिर पश्चिम बंगाल जा रहे हैं। इस बार उनकी नजर राज्य के किसानों पर है और बंगाल में धान का कटोरा कहे जाने वाले पूर्वी बर्धवान जिले से वह ‘एक कटोरा चावल’ मुहिम की शुरुआत करेंगे। इसके तहत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता किसानों के घर जाकर एक मुट्ठी चावल के साथ अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए वोट भी मांगेंगे।

एक तरफ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस  सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर केंद्र सरकार के कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पास करने की तैयारी में है तो बीजेपी ममता बनर्जी को किसान विरोधी बताकर लुभाने की कोशिश कर रही है। बीजेपी की ओर से शुक्रवार को एक बयान जारी करके बताया गया कि नड्डा कटवा के जगदानंदपुर गांव में कृषक सुरोक्खा (किसान सुरक्षा) सभा को संबोधित करेंगे। पार्टी ने कहा कि चुनाव से पहले पूरे बंगाल में 40 हजार ऐसी सभाएं की जाएंगी।

नड्डा यहां के एक प्रसिद्ध मंदिर में पूजा के बाद घर-घर जाकर चावल एकत्रित करने की मुहिम की भी शुरुआत करेंगे, जिसे ‘एक मुट्ठी चावल संग्रह’ नाम दिया गया है। नड्डा यहां एक किसान के घर जाकर लंच करेंगे। बीजेपी की ओर से बताया गया, ”एक मुट्ठी चावल संग्रह’ पार्टी और इसकी सरकार का किसानों के विकास, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रतिबद्धता को साबित करने के लिए है। पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी राज्य के सभी 73 लाख किसानों के घर पहुंचेगी।”

टीएमसी ने इस अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “हास्यास्पद और निरर्थक” बताया। टीएमसी के सांसद और पार्टी प्रवक्ता सौगत रॉय ने कहा, ”यह हास्यास्पद है। ऐसे समय पर जब हजारों किसान दिल्ली के दरवाजे पर केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, कटवा के एक गांव में चावल की प्रतीकात्मक खरीद के लिए जाना व्यर्थ है। बंगाल में खरीद को लेकर कोई समस्या नहीं है। नड्डा को दिल्ली में रहकर किसानों से बात करनी चाहिए, जिनकी समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ है।”

बीजेपी 2014 के बाद से ही केंद्र सरकार की योजनाओं को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं करने को लेकर ममता सरकार को घेरती रही है। किसानों के खातों में हर साल छह हजार रुपए देने वाली केंद्रीय योजना किसान सम्मान निधि को ममता सरकार ने लागू नहीं किया है। इसको बीजेपी जोरशोर से उठाकर ममता बनर्जी को किसान विरोधी बताती है। इसके अलावा आयुष्मान योजना को भी राज्य में हरी झंडी नहीं दी गई है। ममता बनर्जी ने 9 सितंबर को केंद्र सरकार को लेटर लिखकर कहा था कि वह दोनों योजनाओं को राज्य में लागू करने को तैयार हैं यदि केंद्र सरकार पैसा वितरण के लिए राज्य सरकार को देती है। हालांकि, बीजेपी इसके विरोध में है।

नड्डा एतिहासिक सर्बमंगला मंदिर में पूजा भी करेंगे और बर्धवान के क्लॉक टावर से कुरजोन गेट तक रोड शो करेंगे। इसके बाद वह मीडिया और पार्टी की कोर कमिटी के सदस्यों को भी संबोधित करेंगे। नड्डा का यह एक दिवसीय दौरा है वह शाम को ही दिल्ली लौट जाएंगे। 10 दिसंबर को दक्षिण 24 परगना में डायमंड हार्बर जाते हुए नड्डा के काफिले पर हमले के बाद यह उनका पहला बंगाल दौरा है।

BJP ने बंगाल में पीएम किसान योजना के तहत किसानों को पिछला बकाया देने का वादा किया, कहा- हर किसान को मिलेंगे 18 हजार रुपए

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य के प्रत्येक किसान को प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 18,000 रुपये की पिछली सहायता राशि भी मिले, जिससे वे ममता बनर्जी सरकार में वंचित रह गए थे।

भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी विजयवर्गीय का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में केंद्रीय योजना के कार्यान्वयन के लिए अपनी सहमति दे दी। इस योजना के तहत किसानों को तीन समान किश्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये मिलते हैं। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो द्वारा लिए गए फैसले को भाजपा के उस आरोप के जवाब के रूप में देखा जा रहा है कि उनकी पार्टी राज्य के किसानों को योजना का लाभ लेने से रोक रही है।

विजयवर्गीय ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “ममता बनर्जी सरकार के जाने और भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद बंगाल के किसानों को उनका हक मिलेगा।” उन्होंने कहा कि उन्हें बकाया राशि के तौर पर 18000-18,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा, जो पहले ही देश के बाकी हिस्सों के किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कोयला और बालू खनन पर माफिया का नियंत्रण है और वे पशु तस्करी में लिप्त हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के गिरोह में शामिल लोगों को भाजपा राज्य से बाहर कर देगी। तृणमूल को ‘वायरस’ बताते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने रैली में कहा कि उनकी पार्टी इसका टीका है जो मई के बाद सत्तारूढ़ पार्टी को राज्य में सत्ता से बाहर कर देगी।

राज्य में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यह दावा करते हुए कि भाजपा के पास पहले से ही पश्चिम बंगाल में 1.5 करोड़ सदस्य हैं, घोष ने कहा कि राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने के लिए उनके खिलाफ लगभग 29,000 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा, “पिछली वाम मोर्चा और मौजूदा तृणमूल कांग्रेस सरकार विकास करने में विफल रही है। भाजपा सुनिश्चित करेगी कि राज्य विकास के मार्ग में आगे बढ़े।”

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