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केरल ; 7 साल में 4000 ईसाई लड़कियाँ ‘लव जिहाद’ का शिकार

Love jihad leadकोच्चि। केरल में लव जिहाद की बढ़ती घटनाओं ने ईसाइयों की चिंता बढ़ा दी है। केरल के सबसे बड़े चर्च साइरो मालाबार ने इस पर गहरी चिंता जताई है। साइरो मालाबार मीडिया कमीशन की रिपोर्ट में कहा गया है कि लव जिहाद के नाम पर ईसाई लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी हत्या हो रही है।केरल में कैथोलिक चर्च के एक वरिष्ठ पादरी ने राज्य की वाममोर्चा सरकार पर लव जिहाद को मूक अनुमति देने का आरोप लगाया है। पादरी का कहना है कि राज्य सरकार लव जिहाद के मामलों की अनदेखी कर रही है। लव जिहाद में लड़कियों को फंसाकर उन्हें युद्धग्रस्त देशों में भेजा जा रहा है और जहां उनका ‘सेक्स स्लेव’ की तरह इस्तेमाल किया जाता है।सायरो-मालाबार चर्च के विशप ने लव जिहाद का मामला उठाया था जिसे राज्य सरकार ने खारिज कर दिया।

राज्य सरकार के इस रवैये की केरल कैथोलिक बिशप कौंसिल (केसीबीसी) ने आलोचना की है।रिपोर्ट में Kerala_love_jihad_christian_girlsकहा गया है, “केरल मे ईसाई लड़कियों को लव जिहाद के नाम पर निशाना बनाकर उनकी हत्या हो रही है। इसलिए राज्य में लव-जिहाद की बढ़ती घटनाएँ बेहद चिंता की बात हैं। इससे केरल में धर्मनिरपेक्ष सद्भाव और सामाजिक शांति को खतरा है।”इस मामले पर मंगलवार को चर्च ने पुलिस की कार्रवाई करने के तरीके पर अपनी चिंता व्यक्त की थी। पादरियों की बैठक में पुलिस पर अपना काम सही ढंग से न किए जाने का आरोप लगाया गया था। बैठक में इस बिंदु पर चर्चा हुई कि ईसाई महिलाओं को प्रेम के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही उनका धर्मान्तरण करवाकर, उनसे निकाह किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, चर्च का कहना था कि इसे धार्मिक मुद्दा न मानकर कानून एवं व्यवस्था की तरह देखा जाए और इस पर एक्शन लिया जाए।

ईसाई समुदाय की लड़कियाँ इस्लामी कट्टरपंथियों का सॉफ्ट टारगेट 

यह पहला मौका नहीं है, जब ईसाई लड़कियों को लेकर इस तरह की बात सामने आई है। इससे पहले पिछले वर्ष राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष जॉर्ज कुरियन भी ईसाई लड़कियों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख चुके हैं। अपने पत्र में उन्होंने गृहमंत्री का ध्यान ईसाई लड़कियों के साथ हो रही लव जिहाद की घटनाओं पर दिलाया था। कुरियन ने पत्र में लिखा था कि ऐसा लगता है कि ईसाई समुदाय की लड़कियाँ इस्लामी कट्टरपंथियों का सॉफ्ट टारगेट हैं। उन्हें लव जिहाद का शिकार बनाकर आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने इसकी एनआईए से जाँच कराने की माँग की थी।अमित शाह को लिखे पत्र में कुरियन ने आगाह करते हुए बताया था कि ये बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है, इसलिए गृह मंत्रालय इस खतरनाक प्रवृति पर ध्यान दे और इस मामले के संबंध में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी को जाँच के आदेश दे। साथ ही कट्टरपंथी तत्वों की ऐसी धोखाधड़ी वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक प्रभावी कानून लाए।

केरल में लड़कियों को फंसाकर भेजा जाता है सीरिया और अफगान, पादरी ने लगाया गंभीर आरोप

kerala 3केसीबीसी के प्रवक्ता फादर वर्गीज वल्लिकट्ट ने कहा कि राज्य से गुमशुदा महिलाओं और बच्चों के मामलों की राज्य और केंद्र सरकारें सही तरीके से जांच नहीं करा रही है। केसीबीसी राज्य के कैथोलिक बिशप की शीर्ष संस्था और सायरो-मालाबार चर्च के प्रमुख कार्डिनल जॉर्ज एलनचेरी इस समय उसके अध्यक्ष हैं।वल्लिकट्ट ने रविवार को एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि लव जिहाद सच्चाई है और इसकी अनदेखी करना एक तरह से उसकी अनुमति देने के समान है। वीडियो में पादरी कह रहे हैं कि प्रेम के जाल में फंसाकर भगाई गई लड़कियों का पता लगाने के लिए कोई भी सरकार उचित तरीके से जांच नहीं करा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ ईसाई लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर सीरिया और अफगानिस्तान में भेजा गया है। वहां उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है और उनका यौन उत्पीड़न किया जा रहा है।

7 साल में 4000 ईसाई लड़कियाँ ‘लव जिहाद’ की शिकार: अमित शाह से लगाई गुहार

kerala 4हिंदू ही नहीं ईसाई लड़कियाँ भी ‘लव जिहाद’ का शिकार हो रही हैं। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NMC) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस सम्बन्ध में पत्र लिखा है। केरल के कोझीकोड में एक ईसाई व्यक्ति ने अपने बेटी के साथ ब्लैकमेलिंग का मामल दर्ज कराया था। अपनी शिकायत में उसने कहा था कि उसकी बेटी को ब्लैकमेल कर उसे इस्लाम कबूलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अल्पसंख्यक आयोग ने इस ख़बर को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का ध्यान इस तरफ आकृष्ट कराया है।अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष जॉर्ज कुरियन ने पत्र में स्वीकार किया है कि धर्मान्तरण के मामले काफ़ी ज्यादा बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य को एक सुनियोजित तरीके से और संगठनात्मक रूप से अंजाम दिया जा रहा है। कुरियन के अनुसार, पीड़ितों को ‘लव जिहाद’ के तहत फँसा कर आतंकी गतिविधियों में उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन ख़ुद ईसाई हैं और उन्हें मई 2017 में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया था।जॉर्ज कुरियन ने कहा कि ईसाई लड़कियाँ ‘लव जिहाद’ का सबसे आसान शिकार बन रही हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय से इस ख़तरनाक चलन को रोकने और इस मामले में एनआईए से जाँच कराने की माँग की। बकौल अल्पसंख्यक आयोग, ईसाई लड़कियाँ इस्लामिक कट्टरवादियों के लिए एक ‘सॉफ्ट टारगेट’ बन गई हैं। आयोग ने कहा कि अब इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा चलाए जा रहे धर्मान्तरण अभियान को रोकने के लिए क़ानून बनाने का समय आ गया है।

“कई अभिभावकों में ‘लव जिहाद’ को लेकर डर का माहौल है और उनका ये डर जायज भी है। पूर्व में कई मामले ऐसे आ चुके हैं, जहाँ ईसाई लड़कियों को ‘लव जिहाद’ का शिकार बनाया गया। केरल के 21 लोग खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल हो गए। इनमें से 5 ऐसे थे, जो पहले ईसाई थे और बाद में उन्हें धर्मान्तरण के जरिये इस्लाम कबूलवाया गया था।”

George-Kurian-Letterराष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की यह चिंता 2  घटनाओं के कारण बढ़ गई है। पहली घटना केरल के कोझीकोड की है, जहाँ एक कॉलेज छात्रा के साथ बलात्कार किया गया और फिर उसका वीडियो बना लिया गया। पीड़िता ईसाई समुदाय से आती है। आरोपितों ने रेप का वीडियो बनाया और फिर उस वीडियो के जरिए पीड़िता को इस्लाम कबूलने के लिए ब्लैकमेल करते रहे। जब पीड़िता ने ऐसा करने से मना कर दिया, तब उसके हॉस्टल से ही उसका अपहरण कर लिया गया। एक अन्य घटना में ईसाई लड़की का रेप किया गया और उससे इस्लाम कबूल करवाया गया।राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने लिखा कि अधिकतर मामलों में पीड़ितों का ब्रेनवाश किया गया। आयोग ने चिंता जताई है कि अगर यह सब चालू रहा तो केरल में सांप्रदायिक सौहार्द की स्थिति बिगड़ सकती है। कई मामलों में पीड़ितों के परिवार वालों ने डर के कारण चुप रहना ही उचित समझा, क्योंकि धर्मान्तरण लॉबी काफ़ी शक्तिशाली और संगठित है। कैथोलिक कॉन्फ्रेंस ने भी स्वीकारा है कि ‘लव जिहाद’ एक समाजिक बुराई बन गई है, जिसके तहत ईसाई लड़कियों का यौन शोषण किया जाता है और फिर उनकी पूरी जिंदगी नरक बन जाती है। अधिकतर जवान ईसाई लड़कियों को ही निशाना बनाया जा रहा है।केरल बिशप कैथोलिक कॉन्फ्रेंस ने इस सम्बन्ध में एक रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 2005 से लेकर 2012 तक, 7 वर्षों में 4000 ईसाई लड़कियों को ‘लव जिहाद’ का शिकार बनाया गया था। इन सबको प्यार के जाल में फँसाया गया और जबरन धर्मान्तरण कर के इस्लाम कबूल करवाया गया। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने भी ‘Kerala Catholic Bishops Conference’s Commission for Social Harmony and Vigilance’ की इस रिपोर्ट का जिक्र करते हुए चिंता जताई है।

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