Pages Navigation Menu

Breaking News

सोशल मीडिया के लिए गाइडलाइंस जारी,कंटेंट हटाने को मिलेंगे 24 घंटे

 

सोनार बांग्ला के लिए नड्डा का प्लान,जनता से पूछेंगे सोनार बांग्ला बनाने का रास्ता

किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें, उन्हें गुमराह न करें; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

चक्काजाम में ‘भिंडरावाले’ का झंडा, किसान आंदोलन की आड़ में खालिस्तानी एजेंडा!

bhidaravalaचंडीगढ़ केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान यूनियनों ने शनिवार को राष्ट्रव्यापी ‘चक्का जाम’ किया। इस दौरान पंजाब के लुधियाना शहर से हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां पर हो रहे किसानों के चक्का जाम के दौरान एक ट्रैक्टर में लगे झंडे में भिंडरावाले जैसे शख्स की तस्वीर दिखी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सच में चक्का जाम में भी खालिस्तानी तत्व घुसपैठ करने में कामयाब रहे?इस बीच एक नई तस्वीर से सवाल उठ गया है कि क्या शनिवार को बुलाए गए चक्का जाम में भी खालिस्तानी तत्व घुसपैठ करने में कामयाब हो गए? न्यूज एजेंसी एएनआई ने लुधियाना की एक तस्वीर जारी की है जिसमें एक ट्रैक्टर पर लगे झंडे में जरनैल सिंह भिंडरावाले  जैसी छवि दिख रही है।जून 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार में मारा गया भिंडरावाले सिखों के धार्मिक समूह दमदमी टकसाल का प्रमुख था। सिखों के लिए अलग देश की मांग करने वालों में भिंडरावाले को प्रमुख बताया जाता है। खालिस्तानी अलगाववादी उसे अपना आदर्श मानते हैं। पिछले दिनों सिंघु बॉर्डर पर भी उसका पोस्टर दिखा था। विदेशों में खालिस्तानी समर्थकों के प्रदर्शनों में भी वह दिखता रहा है।

Bhindarawala 2दरअसल शनिवार को एएनआई न्यूज एजेंसी की ओर से लुधियाना में किसानों के चक्का जाम का एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में एक ट्रैक्टर पर झंडा लगा है, जिसमें जरनैल सिंह भिंडरावाले जैसे शख्स की तस्वीर नजर आ रही है।पंजाब और हरियाणा में किसान निकायों से जुड़े प्रदर्शनकारी किसानों ने शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर स्टेट और नेशनल हाइवे पर चक्का जाम किया। इसके कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। भारती किसान यूनियन (एकता उग्रहां) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरिकलां ने कहा कि वे पंजाब के संगरूर, बरनाला और बठिंडा समेत 15 जिलों के 33 स्थानों पर सड़कें जाम कर रहे हैं।किसान यूनियनों ने सोमवार को घोषणा की थी कि प्रदर्शन स्थलों के आसपास के इलाकों में इंटरनेट पर पाबंदी लगाने, अधिकारियों की ओर से कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने और अन्य मुद्दों को लेकर वह छह फरवरी दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक देशव्यापी चक्का जाम के दौरान विरोधस्वरूप स्टेट और नेशनल हाइवे जाम करेंगे।

किसान आंदोलन की आड़ में चला रहा खालिस्तानी एजेंडा!

India Republic Dayभारत में चल रहे किसान आंदोलन की आड़ में हिंदुस्तान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. इसका खुलासा स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के उस ट्वीट के बाद हुआ था, जिसमें ग्रेटा ने एक टूलकिट जारी किया था. इस टूलकिट में भारत सरकार पर दबाव बनाने के लिए कई चरण में कार्ययोजना पेश की गई थी. इस टूलकिट को बनाने के लिए मो धालीवाल का नाम सामने आ रहा है, जो पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन का को-फाउंडर है.

क्रिएटिव एजेंसी का डायरेक्टर

मो धालीवाल  वैंकूवर बेस्ड डिजिटल क्रिएटिव एजेंसी स्काईरॉकेट का फाउंडर और डायरेक्टर है. उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल से पता चला है कि वो ब्रिटिश कोलंबिया के इरेजर वैली विश्वविद्यालय से पढ़ा है, जहां उसने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिप्लोमा कोर्स किया है.

पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन का को-फाउंडर

मो धालीवाल पोएटिक फॉर जस्टिस फाउंडेशन का को-फाउंडर हैं. पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन के बनाए विवादित टूलकिट को ही ग्रेट थनबर्ग ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया था. ये पहली बार नहीं है, जब धालीवाल का नाम सुर्खियों में है. उसका नाम साल 2017 में कनाडा की न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के स्लोगन ‘लव एंड करेज’ के पीछे भी आया था. ये कैंपेन जगमीत सिंह के लिए चलाया गया था.

खालिस्तान मूवमेंट का समर्थक

इससे पहले सितंबर 2020 में धालीवाल ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट किया था, जिसका कैप्शन था, ‘मैं खालीस्तानी हूं. आप शायद मेरे बारे में ये नहीं जानते. क्यों? क्योंकि खालिस्तान एक आईडिया है. खालिस्तान एक लिविंग, ब्रीदिंग मूवमेंट है. धालीवाल ने 17 सितंबर 2020 को एक पेटिशन कैंपेन चलाया था, जो ओटावा बेस्ट पब्लिक थिंक टैंक मैक्डोनाल्ट-लॉरियर इंस्टीट्यू की रिपोर्ट ‘खालिस्तान: ए प्रोजेक्ट ऑफ पाकिस्तान’ के विरोध में था.

मो धालीवाल का अतीत

मो धालीवाल  कनाडा के वैंकूवर में रहता है और उसका चाचा खालिस्तानी आतंकी रह चुका है, जिसे पंजाब पुलिस ने 1984 में एनकाउंटर में मार गिराया था. 26 जनवरी 2021 को भी धालीवाल ने कनाडा में स्थित भारतीय कॉन्सुलेट्स के सामने प्रदर्शन किया था और कहा था कि असली लड़ाई भारत के टुकड़े करना है.

पहले भी चर्चा में रहा है धालीवाल

मो धालीवाल हालिया समय में उस टूलकिट डॉक्यूमेंट की वजह से चर्चा में आया है, जिसे स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने ट्विटर पर शेयर किया. बताया जाता है कि इस टूलकिट को धालीवाल ने ही तैयार किया है, जो भारत में चल रहे किसान आंदोलन की आड़ में खालिस्तान के समर्थन में मूवमेंट चलाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. यही नहीं, बाद में एक वीडियो क्लिप सामने आया है, जिसमें वो प्रदर्शन के लिए लोगों को उकसाते दिख रहा है. साथ ही भारत के गणतंत्र दिवस के दिन अलगाववादियों को हिंसा के लिए उकसाता है.

दिल्ली हिंसा मामले में 3 और गिरफ्तार

किसान आंदोलन को लेकर गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के मामले में दिल्ली पुलिस ने 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक ये तीनों आरोपी बुराड़ी और लाल किले पर हुई हिंसा की घटनाओं में शामिल थे. ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम ने इन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.आपको बता दें कि इससे पहले SIT दिल्ली हिंसा के मामले में 2 और लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. अब तक लाल किला हिंसा मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. इससे पहले दिल्ली पुलिस की SIT ने लाल किला हिंसा मामले में 25 संदिग्ध आरोपियों की तस्वीरें जारी की थीं. बताया जाता है कि इन तस्वीरों में दीप सिद्धू भी शामिल है.

तस्वीरों से होगी आगे की कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ मिलकर इन वीडियोज और तस्वीरों की जांच की। जिसके बाद 25 संदिग्ध उपद्रवियों की पहचान हो सकी। इन उपद्रवियों के खिलाफ इन तस्वीरों की मदद से आगे की कार्रवाई की जाएगी। तस्वीरों में लोग लाठी-डंडों, फरसा और तलवारों के साथ दिख रहे हैं. इससे साफ होता है कि हिंसा को किसी साजिश के तहत अंजाम दिया गया है।

दीप सिद्धू समेत चार पर एक-एक लाख रुपये का इनाम
वहीं गुरुवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लाल किले पर हिंसा फैलाने और फेसबुक लाइव कर रहे दिल्ली के रहने वाले धर्मेंद्र सिंह हरमन को गिरफ्तार कर लिया है। वह अपनी कार की छत पर बैठकर लाल किले के अंदर से भीड़ को उकसा रहा था। लाल किला हिंसा में यह दूसरी गिरफ्तारी है। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने लाल किले के गुनहगारों पर इनाम की घोषणा कर दी है। दीप सिद्धू समेत चार की गिरफ्तारी पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

एसआईटी कर रही मामले की जांच
बता दें कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर महीनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी. भड़की हिंसा में एक किसान की मौत हो गई थी। सैकड़ों पुलिसकर्मी घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एसआईटी मामले की जांच कर रही है।

 

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *