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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को किया शर्मसार

om birlaनई दिल्ली लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद अध्यक्षों के 5वें विश्व सम्मेलन में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की धज्जियां उड़ाकर रख दी। पाकिस्तानी प्रतिनिधि की एक टिप्पणी पर राइट टु रिप्लाई के तहत दिए बयान में बिरला ने न सिर्फ पाकिस्तान को शर्मसार किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी ‘आतंकवाद के नियार्तक’ को अलग-थलग करने की अपील की। हाफिज सईद, मसूद अजहर और एहसानुल्ला एहसान जैसे आतंकियों पर पाकिस्तान के कार्रवाई न करने को उन्होंने राज्य प्रायोजित आतंकवाद का उदाहरण बताया।

संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से इंटरनैशनल पार्लियामेंटरी यूनियन (IPU) और ऑस्ट्रिया की संसद की तरफ से 19 और 20 अगस्त को संयुक्त रूप से आयोजित संसद अध्यक्षों के 5वें विश्व सम्मेलन में बिरला ने भारत के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। ‘आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद का जवाब: पीड़ित का पक्ष’ विषय पर उन्होंने ओसामा बिन लादेन से लेकर हाफिज सईद और मुंबई हमले से लेकर संसद पर हुए आतंकी हमलों के जरिए पाकिस्तान के ‘आतंकी चेहरे’ का पर्दाफाश किया।

पाकिस्तान की संसद के भीतर वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान ने दुनिया के सबसे बड़े आतंकी हमले 9/11 के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को शहीद कहा था। इस पर पड़ोसी देश को घेरते हुए बिरला ने अपने जवाब में कहा, ‘भारत उस पाकिस्तान के बयान पर राइट टु रिप्लाई का इस्तेमाल करता है जिसके प्रधानमंत्री ने खतरनाक आतंकवादी ओसामा बिना लादेन का उसकी संसद में शहीद कहकर महिमामंडन किया था।’

लोकसभा स्पीकर ने कहा कि यूएन ऐनालिटिकल सपोर्ट सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम ने पाकिस्तान को आतंकवाद का सबसे बड़ा निर्यातक बताया है जहां फिलहाल उसके 6000 से ज्यादा नागरिक आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं।अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को अलग-थलग करने की अपील करते हुए बिरला ने कहा, ‘आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की सजा के तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को अलग-थलग करना चाहिए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यह कबूल चुके हैं कि उनकी जमीन पर करीब 40 हजार आतंकवादी सक्रिय हैं। जम्मू-कश्मीर में 1965, 1971 और 1999 में पाकिस्तान के हमले, मुंबई हमला और संसद, उरी, पुलवामा आदि आतंकी हमले पाकिस्तान के राज्य-प्रायोजित आतंकवाद को दिखाते हैं। इसी वजह से वह हाफिज सईद, मसूद अजहर और एहसानुल्ला एहसान जैसे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता।’

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