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ममता सरकार ने रद्द किया मोहन भागवत का कार्यक्रम

mohan-bhagwat_759पश्चिम बंगाल सरकार ने उस इवेंट की बुकिंग को रद्द कर दिया है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक के प्रमुख मोहन भागवत को हिस्सा लेना था. ये इवेंट 03 अक्टूबर को कोलकाता में होना था.इवेंट के लिए कोलकाता का महाजाति सदन की बुकिंग कराई गई थी. ये कोलकाता में सरकार नियंत्रित मुख्य आडिटोरियम है. इसकी बुकिंग को अचानक रद्द कर दिया गया. इस इवेंट में बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी मुख्य अतिथि थे.इवेंट एक व्याख्यानमाला थी, जो सिस्टर निवेदिता की भारतीय स्वाधीनता संग्राम में भूमिका विषय पर थी.

सिस्टर निवेदिता ट्रस्ट महासचिव रंतिदेव सेनगुप्ता ने कहा, जुलाई में हम सारी औपचारिकताएं पूरी कर चुके थे. पुलिस को वीआईपी आवाजाही के बारे में बताया जा चुका था. अचानक 31 अगस्त को आडिटोरियम ने सूचित किया कि बुकिंग रद्द कर दी गई है. उसने जो कारण गिनाए जो उपयुक्त नहीं थे. बाद में उसने हमसे पुलिस अनापत्ति प्रमाण पत्र लाने को कहा. इससे पहले ऐसे प्रोग्राम में कभी पुलिस की एनओसी की जरूरत नहीं पड़ी.उन्होंने आगे कहा कि अधिकारियों ने हमें एक सितंबर को बुलाया और कहा कि हाल के मैंटिनेंस के चलते बुकिंग कैंसिल की गई है. अब ट्रस्ट इस प्रोग्राम के लिए किसी दूसरे आडिटोरियम की तलाश कर रहा है. सेनगुप्ता ने कहा कि हम ये कार्यक्रम हर हाल में करेंगे. जैसे ही आयोजन स्थल तय कर लेंगे, राज्यपाल और भागवत को सूचित कर देंगे.

ये पहला मौका नहीं है जबकि राज्य सरकार ने भागवत को बंगाल में जनसभा को संबोधित करने से रोका है. इससे पहले जनवरी में कोलकाता पुलिस ने उनकी कोलकाता रैली को इजाजत नहीं दी थी लेकिन हाईकोर्ट ने इसके खिलाफ फैसला दिया था.सूत्रों का कहना है कि बुकिंग रद्द होने का कारण इस प्रोग्राम की टाइमिंग है. प्रोग्राम से ठीक पहले विजयादशमी और मोहर्रम है. 30 सितंबर को विजयदशमी यानी दशहरा है तो अगले दिन मोहर्रम. राज्य सरकार का मानना है कि हिन्दू संगठन विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा कर रहे हैं, इससे गड़बड़ी हो सकती है. पिछले साल भी इसी तरह हुआ था और जगह जगह दंगे हुए थे. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ऐसे मौके पर मोहन भागवत की मौजूदगी शहर की फिजा के लिए उपयुक्त नहीं होती.

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