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सच बात—देश की बात

किसानों से बातचीत कर समस्या का हल निकाले सरकार; मायावती

mayawati-71647किसानों के आंदोलन पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वो आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत करने उनकी समस्या को हल करे। आपको बता दें, कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने ऐलान किया है कि वो 26 मई को काला दिवस मनाएंगे। BSP अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि, ‘तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर देश के किसान कोरोना महामारी के इस अति-विपदा काल में भी लगातार आंदोलित हैं। आंदोलन के 6 महीने पूरे होने पर कल 26 मई को उनके देशव्यापी ’विरोध दिवस’ को BSP का समर्थन। केंद्र को भी इनके प्रति संवेदनशील होने की जरूरत है।’वहीं अपने एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि ‘देश के किसानों के प्रति केंद्र का रवैया अभी तक अधिकतर टकराव का ही रहने से उत्पन्न गतिरोध के कारण खासकर दिल्ली के पड़ोसी राज्यों आदि में स्थिति काफी तनावपूर्ण है। आन्दोलित किसानों से वार्ता करके व इनकी समस्या का हल निकालने की केन्द्र सरकार से BSP की पुनः अपील।’

आपको बता दें, बुधवार को किसानों ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। किसान 26 मई को काला दिवस के रूप में मनाएंगे। कल आंदोलन के 6 महीने पूरे हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार तुरंत तीनों कृषि कानूनों को रद्द करे। वहीं किसानों के आंदोलन को अब तक 12 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियों ने अपना समर्थन दिया है।किसानों का कहना है कि तीनों कृषि कानूनों से उन्हें नुकसान होगा इसलिए इन कानूनों को निरस्त करना चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि ये तीनों कानून किसानों की बेहतरी के लिए लाए गए हैं। वहीं केंद्र सरकार कोरोना काल के दौरान किसानों से प्रदर्शन ना करने की अपील कर रही है। साथ ही केंद्र ने किसानों को प्रस्ताव दिया है कि बातचीत के जरिए मामले को सुलझाया जाए ना कि गतिरोध बढ़ाकर।

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