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महिला पत्रकार इतनी मासूम नहीं कि कोई फायदा उठा सके

me-too-620x400नई दिल्ली: #MeToo अभियान के तहत हर दिन एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं. फिल्म जगत के कलाकार से लेकर मीडियाकर्मी और मंत्री तक पर यौन उत्पीड़न के आरोप लग रहे हैं. फिलहाल केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है, मगर अभी तक इस पर सरकार की ओर से कोई बयान नहीं आया है. इधर #MeToo अभियान के दौरान केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर पर लगे आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष ने एक विवादास्पद बयान दिया है. मध्य प्रदेश BJP महिला शाखा की अध्यक्ष का कहना है कि महिला पत्रकार इतनी भोली और मासूम होती नहीं हैं, जिनका कोई फायदा उठा सके. अब जैसे जैसे यह मुदृा तूल पकड रहा है मीडिया और बालीवुड में यह चर्चा भी जोरों पर है कि उन मीडियाओं के नाम भी सार्वजनिक होने चाहिए जिन्होंने अपनी इच्छा से समझौते किए,लाभ उठाया और अब मि टू अभियान चला रही है।

मध्य प्रदेश BJP महिला शाखा की अध्यक्ष लता केलकर ने #MeToo अभियान के दौरान केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर पर लगे आरोपों को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया और कहा कि ‘जिन लोगों ने उऩ पर आरोप लगाए हैं, वे सभी पत्रकार हैं. मैं पत्रकार बहनों को इनोसेंट महिला नहीं कहती, जिसका कोई भी मिसयूज कर ले. ये जो मीटी कैंपेन शुरू हुआ है, उसका मैं स्वागत करती हूं, और मैं मानती हूं कि ऐसा साहस मिला है कि वो अपने ऊपर हुए जुल्म को कह सकती हैं, क्योंकि कहना हमारे लिए प्राथमिकता है कि महिलाएं अपनी बात कहें.”

दरअसल, #MeToo कैंपने के तहत पत्रकार रह चुके केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर (M J Akbar) पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं. अपने समय के मशहूर संपादक व वर्तमान में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे.अकबर पर 9 महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. जिसे लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है और कांग्रेस एमजे अकबर के इस्तीफे की मांग कर रही है. हालांकि, सरकारी सूत्र इस मुद्दे पर खुद एमजे अकबर के बयान का इंतजार कर रहे हैं. मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि सरकार पर इस्तीफे का दवाब बढ़ रहा है और सरकार एमजे अकबर से इस्तीफे की मांग कर सकती है. मगर सरकार के टॉप सूत्रों ने ऐसी खबरों को सिरे से खारिज किया है. सरकार के टॉप सूत्रों का कहना है कि एमजे अकबर के इस्तीफे को लेकर जितने भी खबरें हैं, सभी काल्पनिक हैं.

इससे पहले नौ महिला पत्रकारों के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोपों से घिरे विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर इस्तीफ़े के दबाव की ख़बर को केंद्र सरकार के शीर्ष सूत्रों ने ख़ारिज कर दिया है.. NDTV से सूत्रों ने कहा कि ये महज़ अटकल है. विदेश दौरे से लौटने के बाद उनका पक्ष सुना जाएगा. उन्हें ख़ुद इस पर फ़ैसला लेना चाहिए. फ़िलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं है कि उन्हें अपना दौरा छोटा कर जल्द भारत लौटने को कहा गया है. बता दें कि ऐसी खबरे हैं कि एमजे अकबर बीच में ही विदेश यात्रा से भारत लौट सकते हैं.

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