Pages Navigation Menu

Breaking News

सीबीआई कोर्ट ;बाबरी विध्वंस पूर्व नियोजित घटना नहीं थी सभी 32 आरोपी बरी

कृष्ण जन्मभूमि विवाद- ईदगाह हटाने की याचिका खारिज

सिनेमा हॉल, मल्टीप्लैक्स, इंटरटेनमेंट पार्क 15 अक्टूबर से खोलने की इजाजत

रेलवे में हुआ सबसे बड़ा बदलाव, कैडर विलय को भी मंजूरी

piyush-goyal759211नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने रेलवे बोर्ड के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है, जिसमें अब 8 की जगह अध्यक्ष सहित 5 सदस्य होंगे. अलग-अलग कैडर को मिलाकर सिर्फ एक कैडर बनाया जाएगा, जिसका नाम होगा इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी जानकारी दी.केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ग्रुप A की 8 सेवाओं को इंडियन रेलवे मैनजमेंट सर्विस में एकीकृत किया गया है. इससे रेलवे की कार्य प्रक्रिया अधिक बेहतर होगी. निर्णय लेने में तेजी, आर्गेनाइजेशन का बेहतर स्वरूप, नौकरशाही पर लगाम और तर्कसंगत निर्णयों को बढ़ावा मिलेगा.कैबिनेट बैठक में रेलवे सेवा के कैडरों के विलय को भी मंजूरी मिल गई है. इंडियन रेलवे सर्विस नाम से एक नया कैडर बनाया जाएगा जिसमें रेलवे की मौजूदा 8 ग्रुप ए सर्विस के अधिकारियों का विलय कर दिया जाएगा. रेलवे बोर्ड में अभी 8 सदस्य होते हैं जिनकी संख्या अब 4 मेंबर और एक अध्यक्ष कुल पांच कर दी जाएगी.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में रेलवे में मौजूदा ग्रुप ए की 8 सेवाओं को मिलाकर इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस नाम की नई सेवा बनाई जाएगी. रेलवे बोर्ड में पुनर्गठन के बाद एक चेयरमैन और चार सदस्य होंगे. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कैडरों के विलय से सेवाओं का एकीकरण होगा जो इस समय विभागीय जैसा दिखता है जिससे रेलवे जैसे बड़े संगठन में काम में दिक्कत होती है.मोदी सरकार के फैसले के मुताबिक अब रेलवे बोर्ड में 8 सदस्यों के बदले 5 मेंबर होंगे. रेलवे बोर्ड में अब तक बोर्ड के सदस्य ट्रैफिक, रॉलिंग स्टॉक, ट्रैक्शन, इंजीनियरिंग होते थे लेकिन नए बोर्ड में मेंबर ऑपरेशन, बिजनेस डेवलपमेंट, एचआर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और फिनांस होंगे. इसी तरह रेलवे की इंजीनियरिंग, ट्रैफिक, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल जैसी 8 क्लास वन सेवाओं को मिलाकर इंडियन रेलवे सर्विस नाम से राष्ट्रीय सर्विस कैडर बनाई जाएगी.
रेलवे में खत्म होगी गुटबाज़ी
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस फैसले के बाद सब लोग डिपार्टमेंट से ऊपर सोचेंगे, गुटबाज़ी खत्म होगी. इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस पर सबकी सहमति ली गई है. भारत की अर्थव्यवस्था को भी इससे बल मिलेगा.मौज़ूदा कर्मचारियों की संख्या पर कोई असर नही पड़ेगा. चेयरमैन रेलवे बोर्ड को CEO का दर्जा दिया गया है. आने वाले वक़्त में ट्रांस्पोटेशन और मैनेजमेंट में लंबा अनुभव रखने वाले इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स को भी इंडीपेंडेंट मेंबर्स के तौर भी नियुक्त किया जा सकता है.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *