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मोदीजी के भाषण जनता का खाली पेट नहीं भर सकते;सोनिया गांधी

1384776715sonia-rally-5-3विजयपुरा: लगभग दो साल बाद चुनाव प्रचार में उतरते हुए यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आक्रमक रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. कर्नाटक के बीजापुर में चुनाव प्रचार करते हुए उन्होंने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, केंद्र ने उसके साथ हमेशा पक्षपात किया है, लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस ने अपने ही बल पर विकास की बयार चलाई है.

बीजापुर में कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस ने विकास के काम किए हैं. आपको पता होना चाहिए कि जब कर्नाटक की बात आती है तो केंद्र सरकार पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करती है. कांग्रेस ने कर्नाटक को विकास के मामले में देश का पहला राज्य बनाया है. यहां विकास की तमाम योजनाएं शुरू की हैं. उन्होंने कहा कि एकदूसरे के साथ खड़े होकर और साथ मिलकर काम करना, यही कर्नाटक और भारत के विकास का आधार है, लेकिन बीजेपी है कि वह हमेशा से ही कांग्रेस शासित प्रदेशों के साथ पक्षपात करती रही है.

कांग्रेस की योजनाओं पर ही केंद्र सरकार फल-फूल रही है
भले ही दो साल बाद सोनिया गांधी चुनाव प्रचार कर रही हों, लेकिन उनके तेवरों में कोई बदलाव नहीं आया है. उन्होंने अपने भाषण में कांग्रेस की नीतियों और उपलब्धियों को आगे रखा और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हमने गरीबों के लिए अथक रूप से काम किया है. हमने महात्मा गांधी नरेगा योजना शुरू की. इस योजना का बीजेपी और नरेंद्र मोदी जी ने जमकर विरोध किया, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री अपनी उपलब्धियों में अब मनरेगा का स्तुतिगान करते नजर आते हैं.

पीएम मोदी ने कर्नाटक का किया अपमान
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के किसान जब सूखे से जूझ रहे थे तो हमारे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया प्रधानमंत्री से मिलने के लिए दिल्ली गए थे. लेकिन प्रधानमंत्री ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया. ऐसा करके प्रधानमंत्री ने ना केवल किसानों का अपमान किया, बल्कि पूरे कर्नाटक का उन्होंने उपहास उड़ाया.

किसानों के घावों पर लगाया केंद्र ने नमक
सूखे से प्रभावित सभी राज्यों को केंद्र सरकार द्वारा मदद दी गई, लेकिन केंद्र ने कर्नाटक को सबसे बाद में और सबसे कम मदद दी. सोनिया गांधी ने कहा कि यह मदद नहीं थी, बल्कि कर्नाटक के किसानों के घावों पर केंद्र ने नमक लगाने का काम किया था.

भाषणों से पेट नहीं भर सकते मोदी जी
उन्होंने कहा कि मोदी जी को इस बात पर गर्व है कि वह एक बहुत अच्छे वक्ता हैं, मैं इससे सहमत हूं. वह एक अभिनेता की तरह बोलते हैं. मुझे खुशी होगी कि उनके भाषण देश की भूख खत्म कर सकते हैं लेकिन भाषण खाली पेट भर नहीं सकते हैं, इसके लिए भोजन की आवश्यकता है. उन्होेंने कहा कि प्रधानमंत्री केवल अपने भाषणों पर ही मेहनत करते हैं, देश की जनता को किस चीज की जरूरत है, उन्हें खबर नहीं है.

पीएम को कांग्रेस मुक्त का भूत लगा है
यूपीए अध्यक्ष ने कहा कि मोदीजी पर कांग्रेस मुक्त भारत का जुनून है, उन्हें इसका भूत लगा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत तो छोड़िए, वो अपने सामने किसी को बर्दाश्त नहीं कर सकते. जहां कहीं भी प्रधानमंत्री जाते हैं वे हमेशा झूठ बोलते हैं. ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश करते हैं. वह हमारे ऐतिहासिक किरदारों को इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करते हैं, जबकि कांग्रेस हमेशा ऐसी राजनीति से दूर रही है.

कर्नाटक में सोनिया के प्रचार की क्या है वजह ?
बता दें कि सोनिया गांधी काफी समय तक राजनीति से दूर रही हैं. 2 अगस्त, 2016 में वाराणसी में एक रोडशो के दौरान वह बीमार हो गई थीं. बीमारी के कारण उन्हें यह रोड शो बीच में ही छोड़ना पड़ा था. तभी से वह किसी भी तरह की चुनावी गतिविधियों से खुद को दूर रखे हुए थीं.

कर्नाटक में प्रचार की वजह बताते हुए राजनीति के जानकार बताते हैं कि कर्नाटक से गांधी परिवार का पुराना नाता रहा है. खुद सोनिया गांधी ने यहां के बेल्लारी से 1999 में लोकसभा चुनाव लड़ा था और बीजेपी की सुषमा स्वराज को करारी मात दी थी. इंदिरा गांधी ने भी 1978 में चिकमंगलूर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी. इसलिए कर्नाटक हमेशा से कांग्रेस के लिए संजीवन बूटी रहा है. कांग्रेस के लिए कर्नाटक के महत्व को देखते हुए सोनिया गांधी ने यहां चुनाव प्रचार करने का फैसला किया है.

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