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संसद में सरकार हर सार्थक बहस के लिए तैयार; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

new parliamentसंसद का मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि बैठक में 33 दलों के 40 से अधिक नेताओं ने भाग लिया। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष के लोगों सहित सभी प्रतिनिधियों के सुझाव बहुत मूल्यवान हैं।पीएम ने आगे कहा कि संसद में स्वस्थ और सार्थक बहस होनी चाहिए। सरकार संसदीय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार किसी भी विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है।बैठक में पीएम मोदी और जोशी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल मौजूद थे। बैठक में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी भी शामिल हुए। टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, डीएमके के तिरुचि शिवा, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव और बसपा के सतीश मिश्रा सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद थे। अपना दल नेता और एनडीए की सहयोगी अनुप्रिया पटेल और लोजपा नेता पशुपति पारस भी बैठक में शामिल हुए। बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए और केंद्र सरकार को जवाबदेह ठहराना चाहिए। उन्होंने कहा, “तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के प्रति सरकार की उदासीनता बहुत दुखद है।” मायावती ने कहा कि बसपा सांसद ईंधन और रसोई गैस की कीमतों, महंगाई और कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित मामले संसद में उठाएंगे। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पार्टी के सांसदों को संसद के मानसून सत्र में देश और लोगों के लाभ से जुड़े मामलों को उठाने का निर्देश दिया है।” सभी महामारी संबंधी प्रोटोकॉल के साथ मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा।

किसान विरोध को लेकर दिल्ली पुलिस और किसान नेताओं ने की बैठक

सोमवार 19 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। एक ओर सत्र से पहले जहां सर्वदीलय बैठक होने वाली है तो वहीं लंबे समय से कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने सत्र के दौरान अपने विरोध को लेकर दिल्ली पुलिस के साथ बैठक की है। बताया जा रहा है कि किसानों ने जंतर-मंतर पर किसान संसद लगाने की मांग की है। दिल्ली पुलिस ने मानसून सत्र के दौरान किसानों के संसद घेराव के मद्देनज़र दिल्ली मेट्रो के 7 मेट्रो स्टेशन (जनपथ, लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, उद्योग भवन) पर अतिरिक्त निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें बंद करने के लिए पत्र लिखा।तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर मानसून सत्र के दौरान संसद के पास नियोजित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सिंघू सीमा के पास किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैतो का कहना है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा अपना जाने वाले मार्गों पर चर्चा की जानी चाहिए।इससे पहले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया था कि आज दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक है, बैठक में 22 जुलाई के कार्यक्रम की चर्चा होगी। 22 जुलाई को हमारे 200 लोग संसद जाएंगे। हमने विपक्ष के लोगों से भी कहा है कि वो अपनी बात सदन में उठाएं।

किसानों को लेकर संसद में केंद्र पर हर तरह का दबाव जरूरी- मायावती
वहीं बसपा प्रमुख मायावती का कहना है कि किसानों की मांगों के संबंध में संसद में केंद्र पर हर तरह का दबाव बनाना जरूरी है। केंद्र सरकार की गलत आ​र्थिक और अन्य नीतियों की वजह से देश में बढ़ती बेरोजगारी के बीच महंगाई के आसमान छूने से लोगों के सामने काफी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इसके साथ ही मायावति ने ट्वीट कर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है कि पंजाब के कांग्रेसी सीएम द्वारा किसानों के आन्दोलन को लेकर विभिन्न आशंकाएं व्यक्त करते हुए पीएम को लिखा गया। पत्र नए कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति भी दे रहे किसानों के आन्दोलन को बदनाम करने की साजिश व उसकी आड़ में चुनावी राजनीति करना घोर अनुचित।

सरकार की कई विधेयकों को पारित कराने की तैयारी

सरकार सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान कई विधेयकों को पारित कराने के एजेंडे के साथ सदन में जाएगी। वहीं, विपक्ष भी कोविड-19 की दूसरी लहर से निपटने और ईंधन की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।सरकार ने इस सत्र के दौरान 17 विधेयकों को पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया है। इनमें से तीन विधेयक हाल में जारी अध्यादेशों के स्थान पर लाए जाएंगे क्योंकि नियम है कि संसद सत्र शुरू होने के बाद अध्यादेश के स्थान पर विधेयक को 42 दिनों या छह सप्ताह में पारित करना होता है, अन्यथा वे निष्प्रभावी हो जाते हैं।इनमें से एक अध्यादेश 30 जून को जारी किया गया था जिसके जरिये रक्षा सेवाओं में किसी के विरोध प्रदर्शन या हड़ताल में शामिल होने पर रोक लगाई गई है। आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश 2021 आयुध फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी) के प्रमुख संघों द्वारा जुलाई के अंत में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी देने की पृष्ठभूमि में लाया गया है।संबंधित संघ ओएफबी के निगमीकरण के सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं।12 जुलाई को जारी बुलेटिन के मुताबिक अध्यादेश का स्थान लेने के लिए आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक 2021 को सूचीबद्ध किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इससे सटे इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग-2021 अन्य विधेयक है जो अध्यादेश की जगह लाया जाएगा।वहीं, विपक्ष कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की कथित कमी और राज्यों को टीके के वितरण के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। विपक्ष पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि को लेकर भी सरकार से जवाब मांगेगा। संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा।बुलेटिन में सूचीबद्ध वित्तीय विषयों में वर्ष 2021-22 के लिए अनपूरक मांग और अनुदान पर चर्चा शामिल है।

मानसून सत्र से पहले कांग्रेस में बदलाव

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सरकार को घेरने के लिए विपक्ष रणनीति बना रहा है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मानसून सेशन से पहले पार्टी के संसदीय ग्रुपों में बदलाव किया है। कांग्रेस लीडरशिप में बदलाव को लेकर लेटर लिखने वाले G-23 के लीडर्स को भी इस ग्रुप में शामिल किया गया है।

सदन में कांग्रेस के नेता रहेंगे अधीर रंजन चौधरी
अधीर रंजन चौधरी, सदन में कांग्रेस के नेता रहेंगे। वहीं,  गौरव गोगोई को लोकसभा में कांग्रेस का डिप्टी लीडर बनाया गया है। चीफ व्हिप का जिम्मा के सुरेश संभालेंगे। रवनीत सिंह बिट्टू और मनीकाम टैगोर पार्टी के व्हिप होंगे।

राज्यसभा में किसे जिम्मेदारी
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी के नेता होंगे और उनके डिप्टी का जिम्मा वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा संभालंगे। जयराम रमेश  चीफ व्हिप होंगे।

इन्हें भी मिला मौका
मनीष तिवारी और शशि थरूर 7 सदस्यीय संसदीय दल का हिस्सा होंगे। इसके अलावा इस ग्रुप में अंबिका सोनी, पी चिदंबरम, दिग्विजय सिंह और केसी वेणुगोपाल को भी शामिल किया गया है।

सरकार को घेरेगी कांग्रेस
मानसून सेशन में कांग्रेस वैक्सीनेशन,  स्वास्थ्य सुविधाएं और राफेल मामले को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। फ्रांस की अदालत ने भी इस डील की जांच के आदेश दिए हैं।

भाजपा ने भी किया है बदलाव
राष्ट्रपति ने थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल बनाया है। जिसके बाद से  पीयूष गोयल को बीजेपी की तरफ से राज्यसभा में सदन का नेता बनाया गया है।

लोकसभा अध्यक्ष – ‘सभी मर्यादा में रहकर व्यक्त करें विचार’ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हुए। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने सभी सांसदों को मर्यादा के भीतर रहते हुए अपनी बात सदन में रखने की हिदायत दी। साथ ही वो ये बात सुनिश्चित करेंगे कि सभी को अपने विचार व्यक्त करने के लिए पर्याप्त अवसर मिले।स्पीकर ने कहा कि 19 जुलाई यानी सोमवार को तय समय पर सदन की कार्यवाही शुरू हो जाएगी। ऐसे में सभी सांसद प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उसमें शामिल हों। इस दौरान छोटे दलों को पर्याप्त समय दिया जाएगा और सदन में उठाए गए मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि पिछले सत्र में सभी पार्टियों ने अच्छा सहयोग किया था, जिस वजह से प्रोडक्टिविटी रेट 122 प्रतिशत रहा। ऐसे में इस बार भी सबसे सहयोग की उम्मीद की जा रही है।

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