Pages Navigation Menu

Breaking News

यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा

कोविड-19 वैक्सीन की एक खुराक मौत को रोकने में 96.6 फीसदी तक कारगर

हरियाणा: 10 साल पुराने डीजल, पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध नहीं

सच बात—देश की बात

संसद के मानसून सत्र के लिए बिछ रही है बिसात

BJP_Parliament_congressनई दिल्ली: सितंबर के दूसरे सप्ताह में संसद के मानसून सत्र  की शुआत के संकेत के साथ सरकार पर 11 अध्यादेशों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का दबाव है. संसद का यह सत्र पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के साथ चल रहे गतिरोध के बीच होने वाला है, जिसमें 20 भारतीय सैनिकों ने शहादत दी थी. दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र  से पहले ही इन 11 अध्यादेशों को संसद के आगामी सत्र में पारित किया जाना जरूरी है.मानसून सत्र में पारित नहीं होने पर इनमें से लगभग 5 से 6 अध्यादेश समाप्त हो जाएंगे.

प्रमुख अध्यादेश
संसदीय कार्य मंत्रालय से जुड़ा मंत्रियों का वेतन और भत्ते (संशोधन) अध्यादेश जिसे 9 अप्रैल, 2020 को जारी किया गया. ये अध्यादेश मंत्रियों का वेतन और भत्ते एक्ट, 1952 में संशोधन करता है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के महामारी रोग (संशोधन) अध्यादेश, 22 अप्रैल 2020 को जारी हुआ. जो महामारी रोग एक्ट 1897 में संशोधन करता है. इसमें खतरनाक महामारी की रोकथाम से संबंधित प्रावधान है.
उपभोक्ता मामले एवं खाद्य वितरण मंत्रालय का अनिवार्य वस्तुएं (संशोधन) अध्यादेश, 2020 है, 5 जून 2020 को जारी अध्यादेश अनिवार्य वस्तुएं एक्ट 1955 में संशोधन करता है.
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का ही किसान उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश 2020 है, 5 जून, 2020 को जारी किया गया था, जिसे पारित किया जाना है.
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) समझौता अध्यादेश, 2020 को 5 जून 2020 को जारी किया गया था.
स्वास्थ्य मंत्रालय के होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल (संशोधन) अध्यादेश 2020 को 24 अप्रैल, 2020 को जारी किया गया. उक्त अध्यादेश होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल एक्ट 1973 में संशोधन करता है.
सरकार ने वित्त मंत्रालय के टैक्सेशन और अन्य कानून (विभिन्न प्रावधानों में राहत) अध्यादेश, 2020 को 31 मार्च, 2020 को जारी किया था, जिसे पारित किया जाना है.
वहीं दिवालियापन संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2020 को छह जून को घोषित किया गया था और 26 जून को घोषित बैंकिंग विनियमन (संशोधन) अध्यादेश को रखा गया है.

इन अध्यादेशों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है और साथ ही कृषि और संबद्ध गतिविधियों में लगे किसानों के कल्याण के माध्यम से ग्रामीण भारत को सशक्त बनाना है.

क्या होते हैं अध्यादेश-
अध्यादेश दरअसल वो अस्थायी कानून होते हैं, जिन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश पर प्रख्यापित किया जाता है, जिनका संसद के अधिनियम के समान प्रभाव होता है. अध्यादेश का जीवन काल 6 महीने होता है और जिस दिन से सत्र शुरू होता है, उसे एक विधेयक द्वारा प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए. और अगर ये 6 सप्ताह के भीतर संसद द्वारा पारित नहीं हुआ तो यह समाप्त हो जाता है.

इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

संसद के मानसून सत्र की तारीखों को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई लेकिन मोदी सरकार और विपक्षी दलों की ओर से सियासी बिसात बिछने लगी है। सत्र से पहले ही फेसबुक को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। इसके अलावा कांग्रेस चीन से चल रहे तनाव खासकर लद्दाख के गलवां में हुए संघर्ष में 20 सैनिकों की शहादत पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है।

एक अमेरिकी समाचार पत्र में फेसबुक की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाली रिपोर्ट के आने के बाद कांग्रेस और भाजपा में जुबानी जंग जारी है। इस बीच, कांग्रेस सांसद और संसद की सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। थरूर ने दुबे पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। इसके जवाब में निशिकांत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और थरूर के खिलाफ जवाबी विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।थरूर ने फेसबुक को समिति की ओर से नोटिस भेजने की बात कही थी। इस पर निशिकांत ने कहा था कि समिति के अध्यक्ष को सदस्यों के साथ एजेंडे पर चर्चा किए बिना कुछ भी करने का अधिकार नहीं है। इस पर थरूर का कहना था कि ऐसा कहकर दुबे ने समिति और संसद की गरिमा गिराई है।
राहुल और थरूर के खिलाफ जवाबी नोटिस देते हुए दुबे ने कहा कि यह पहला मामला है जब संसदीय समिति के अध्यक्ष ने अपने साथी सदस्य के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने अपने नोटिस को उचित ठहराते हुए कहा कि थरूर और राहुल ने भाजपा पर गलत आरोप लगाए हैं। भाजपा पर आरोप का मतलब उसके सभी सांसदों पर आरोप लगाना है।

गलवां पर समर्थन जुटाने की कोशिश में कांग्रेस
कांग्रेस की कोशिश भारत-चीन के बीच जारी तनाव और गलवां में हुए खूनी संघर्ष के मामले में विपक्ष को एकजुट करने की है। इस संघर्ष में 20 सैनिक शहीद हुए थे। कांग्रेस की रणनीति सत्र से पहले विपक्षी दलों की बैठक बुलाकर संयुक्त रणनीति तैयार करने की है।

सत्र के लिए तैयारी शुरू
इस बीच मानसून सत्र के लिए तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों का कहना है कि सत्र दो हफ्ते का होगा और 10 सितंबर तक शुरू हो सकता है। कोरोना महामारी के चलते सत्र के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कई तरह की तैयारियां की गई है। इसके तहत लोकसभा और राज्यसभा की बैठक न सिर्फ अलग-अलग समय पर होगी। बल्कि बैठक के दौरान दोनों सदनों का उपयोग किया जाएगा।

 

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »