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अंकित सक्सेना, इफ्तार और मजहबी प्यार

Masterदिल्ली के ख्याला इलाके में रहने वाला अंकित सक्सेना (23) की हत्या के करीब 5 महीने बाद उनके घरवालों ने रमजान के इस महीने मे इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। अपने इकलौते बेटे को खो देने के बाद अंकित के पैरंट्स ने समाज में भाईचारे और सद्भावना का संदेश देते हुए इफ्तार पार्टी की। अंकित के कई दोस्तों के अलावा अंकित सक्सेना ट्रस्ट और आसपड़ोस में रहने लोगों के सहयोग से इफ्तार का आयोजन किया गया।

इफ्तार पार्टी में रोजेदारों के साथ-साथ भारी संख्या में हर समाज के लोग मौजूद रहे। रोजेदारों ने अमन के पैगाम को देते हुए नमाज अदा की और अंकित के लिए दुआ मांगी। अंकित के पिता यशपाल सक्सेना ने कहा कि यह सिर्फ फॉर्मेलिटी नहीं है। इस इफ्तार पार्टी से उन्होंने एक पैगाम को देने की कोशिश है। वह उन लोगों को मेसेज देना चाहते हैं जो समाज में जाति या धर्म के नाम पर एक-दूसरे को बांटने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अंकित की हत्या में शामिल उन सभी लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्हें उस दिन का इंतजार रहेगा जब उन्हें इंसाफ मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है। हम चाहते हैं कि इस केस को सांप्रदायिक रंग देकर हमें मिलने वाले न्याय के साथ छेड़छाड़ न की जाए। अंकित की मां के आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे। उन्होंने कहा कि अंकित हमारा इकलौता बेटा था। आज वह इस दुनिया में नहीं है तो हमारा भी कोई वजूद नहीं रहा। हमारे घर को चलाने का एकमात्र सहारा था। उन्होंने कहा कि हमारे आस-पड़ोस के लोगों ने भाईचारे और अमन के लिए इफ्तार पार्टी के आयोजन में हमारा भरपूर साथ दिया।

अंकित सक्सेना का इसी साल फरवरी में मर्डर कर दिया गया था। अंकित का गुनाह सिर्फ इतना था कि वह दूसरे धर्म की पड़ोसी लड़की से प्यार करते थे। लड़की ने भी अंकित से शादी का फैसला कर लिया था जिसका एक विडियो वायरल हुआ था। इसके बाद ही लड़की के परिवारवालों ने उनकी सरेआम गला रेतकर हत्या की थी। वारदात ने मजहबी तूल पकड़ा, लेकिन अंकित के पिता यशपाल ने अपने बेटे की मौत को धार्मिक रंग नहीं देने की अपील की। इससे पहले अंकित के फ्रेंड्स ने उसके 23वें जन्मदिन को भी सेलिब्रेट किया था। अमन का पैगाम देने के लिए पोस्टर-बैनर लगाए थे। अंकित सक्सेना प्रोफेशनल फोटोग्राफर थे। उन्होंने आवारा बॉय के नाम से एक यू्ट्यूब चैनल भी बनाया था, जो काफी पॉपुलर था। जिस जगह अंकित की हत्या की गई थी, उस जगह उनके परिवार ने तुलसी का एक पौधा भी लगाया है।

फरवरी से लेकर अब तक अंकित सक्सेना, यशपाल सक्सेना, आरोपी पक्ष और उनके दोस्तों का ज़िक्र कई बार हुआ लेकिन इन सारी बातचीत में इस पूरे घटनाक्रम की केंद्र  यासमीन (अंकित की कथित प्रेमिका का बदला हुआ नाम) का ज़िक्र कहीं नहीं हुआ.हालांकि अंकित की मौत के बाद जब हम सक्सेना परिवार से मिले थे तो उन्होंने  यासमीन के बारे में बात नहीं की थी और कहा था कि उन्हें इस मामले में कोई जानकरी नहीं थी लेकिन इफ़्तार के मौके पर उन्होंने बात की.हालांकि अंकित की मौत के बाद जब हम सक्सेना परिवार से मिले थे तो उन्होंने यासमीन के बारे में बात नहीं की थी और कहा था कि उन्हें इस मामले में कोई जानकरी नहीं थी लेकिन इफ़्तार के मौके पर उन्होंने बात की.आशीष ने बताया, “हमें मालूम चला था कि वो किसी नारी निकेतन में हैं लेकिन कुछ दिनों पहले ही कुछ दोस्तों ने बताया कि वो अपनी मौसी के यहां रह रही हैं.”पुलिस का कहना है कि अंकित सक्सेना के अल्पसंख्यक समुदाय की 20 वर्षीय युवती के साथ प्रेम सम्बन्ध थे.

यशपाल सक्सेना कहते हैं कि अंकित का सपना था कि वो बहुत आगे जाए. अमूमन बेटे, बाप का सपना सच करते हैं लेकिन मुझे अपने बेटे का सपना सच करना है.”अंकित सक्सेना ट्रस्ट बनाया है. इसके लिए पैसे कहां से आएंगे ये नहीं पता लेकिन इसी के ज़रिए कुछ करना चाहता हूं.”यशपाल कहते हैं कि मैं चाहता हूं लोग अंकित को याद रखें. वो उनके दिलों में बस जाए…अब यही सोच लेकर ज़िदा हूं वरना मेरे पास कोई वजह नहीं है.अंकित के मौसेरे भाई आशीष का दावा है कि उन्हें किसी भी तरह की कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है. न तो दिल्ली सरकार की ओर से और न ही केंद्र सरकार की ओर से.”ये ट्रस्ट पूरी तरह आम लोगों का है. हमने एक पेज बनाया है और लोगों से अपील की है कि जिसकी जितनी सामर्थ्य हो वो उतना डोनेट करें.””फिलहाल तो हम दोस्त ही सबकुछ देख रहे हैं.”

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