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ज्योति के जज्बे को सलाम…

jotiपटना : कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर देश में लगाये गये लॉकडाउन के बाद प्रवासी बिहारी अपने गृह राज्य लौटने लगे. आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण कई प्रवासी साइकिल, रिक्शा, ठेला आदि अन्य संसाधनों की व्यवस्था कर बिहार लौटे. इन सबके बीच साइकिल से बिहार आने की सर्वाधिक चर्चा दरभंगा की रहनेवाली 15 वर्षीया ज्योति की हुई.ज्योति के 1200 किमी साइकिल चलाने के साहस को लेकर राजनीतिक दल निशाना साधने लगे हैं. आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने ट्वीट कर निशाना साधते हुए कहा है कि ”मेवालाल जी, तनिक बताइये न…? ज्योति को साईकिल से क्यों आना पड़ा गुड़गांव से दरभंगा…?”ज्योति ने अपने घायल पिता को साइकिल पर बैठा कर हरियाणा के गुरुग्राम से सात दिनों में 1200 किलोमीटर का सफर ​तय कर दरभंगा तक पहुंची. ज्योति के साहसिक कदम को सलाम करते हुए भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन ने उन्हें ट्रायल के लिए दिल्ली बुलाया है. हालांकि, इस संबंध में ज्योति का कहना है कि ”मुझे साइकिल में रेस लगाने के लिए दिल्ली से फोन आया था, मैंने कहा कि मैं अभी तो रेस नहीं लगा सकती हूं. क्योंकि, मेरे पैर और हाथ में दर्द है.” हालांकि, ज्योति ने लॉकडाउन खत्म होने के बाद या एक महीने बाद ट्रायल के लिए आने को कहा है.समाजवादी नेता और जैविक खेती अभियान के संस्थापक ने बताया कि साहसिक और अकल्पनीय कार्य करने के लिए ज्योति को इस बार अबोध देवी बाल प्रतिभा पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. यह पुरस्कार सुप्रसिद्ध चिकित्सक अपोलो अस्पताल को पूर्व वरिष्ठ चिकित्सक रहे डॉ सत्य प्रकाश के हाथों दिया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके. बता दें कि प्रत्येक साल मुजफ्फरपुर के गंगेया में क्रांति प्रकाश की मां स्व. अबोध देवी की स्मृति में अबोध स्मृति व्याखानमाला का आयोजन किया जाता है. साथ ही इस बाल प्रतिभा पुरस्कार भी दिया जाता है.

ज्योति को मिला भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन का भी ऑफर
ज्योति के इस जज्बे की सराहना भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन ने भी की है. दरअसल फेडरेशन ज्योति के इस कारनामे से आश्चर्यचकित है. भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन ने ज्योति को अगले महीने ट्रायल के लिए दिल्ली बुलाया है. फेडरेशन के चेयरमैन ओंकार सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अगर आठवीं क्लास की छात्रा ज्योति यह ट्रायल पास कर लेती है, तो आईजीआई सपोर्ट कॉम्प्लेक्स में स्थित स्टेट-ऑफ-द-आर्ट नेशनल साइकिलिंग एकेडमी में ट्रेनी के रूप में चयनित हो जाएगी. गौरतलब है कि यह एकेडमी स्पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधीन आता है और यह एशिया की सबसे विकसित साइकिल एकेडमी है. यह खेलों के अंतराष्ट्रीय संस्था यूसीआई से भी मान्यता प्राप्त संस्था है.
गुरुग्राम से पिता को साइकल से बिहार ले जाकर ज्योति ने इवांका को बनाया दीवाना

एक ओर ज्योति के इस काम के लिए उसको सोशल मीडिया पर लोगों की तारीफ तो  मिल ही रही है, अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने भी ट्वीट कर ज्योति की तारीफ की है. इवांका ने अपने ट्वीट में लिखा,  15 साल की ज्योति कुमारी ने अपने जख्मी पिता को साइकिल से सात दिनों में 1,200 किमी दूरी तय करके अपने गांव ले गई. सहनशक्ति और प्यार की इस वीरगाथा ने भारतीय लोगों और साइकलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

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