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जेपी नड्डा बने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

जिनको जनता ने नकार दिया वे भ्रम और झूठ फैला रहे है; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत में शक्ति का केंद्र सिर्फ संविधान; मोहन भागवत

|मोदी का पुतला जलाओ पर देश मत जलाओ ; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

modiनई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कांग्रेस और कम्युनिस्टों को बेनकाब करते हुए कहा कि वे मुसलमानों को झूठ बोल कर भड़का रहे हैं , जब कि उन्होंने खुद पहले बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने की मांग की थी | उन्होंने कहा कि वे सभी हिन्दू खुल कर सामने आ रहे हैं , जो इन इस्लामिक देशों से धार्मिक उत्पीडन के कारण भाग कर आए हैं , लेकिन घुसपैठिए अपनी पहचान छुपाते हैं | इस तरह उन्होंने घुसपैठियों और शरणार्थियों की व्याख्या नए तरीके से स्पष्ट कर दी | उन्होंने कहा कि एनआरसी क़ानून उन्होंने नहीं बनाया , बल्कि कांग्रेस खुस एनआरसी का क़ानून बना कर गई थी | हालांकि उन्होंने कहा कि एनआरसी पर अभी चर्चा नहीं हुई है |

मुसलमानों को झूठ बोल कर भड़काया जा रहा है

दिल्ली के रामलीला मैदान में नागरिकता संशोधन कानून पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा, ‘अगर आपको मैं पसंद नहीं हूं, मोदी से नफरत है, तो मोदी के पुतले को जूते मारो, मोदी का पुतला जलाओ , लेकिन देश के गरीब का ऑटो मत जलाओ, किसी की संपत्ति मत जलाओ. सारा गुस्सा मोदी पर निकालो. हिंसा के बल पर आपको क्या मिलेगा | कुछ लोग पुलिस वालों पर पत्थर बरसा रहे हैं, पुलिस वाले किसी के दुश्मन नहीं होते | आजादी के बाद 33 हजार हमारे पुलिस वाले भाइयों ने शांति और सुरक्षा के लिए शहादत दी है. ये आंकड़ा कम नहीं होता है| ‘

कुछ अर्बन नक्सल झूठ फैला रहे हैं

modi2पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘नागरिकता कानून से कोई प्रभावित नहीं हो रहा है. कुछ अर्बन नक्सल झूठ फैला रहे हैं. आप लोग पढ़े-लिखे हो, पहले इसे पढ़ तो लो. इस कानून से किसी भी मुस्लिम को डिटेंशन सेंटर में नहीं रहना होगा. भारत में डिटेंशन सेंटर हैं कहां. ये लोग झूठ बोलकर देश को गुमराह कर रहे हैं. आप लोग इनके बहकावे में न आओ. आप सोचो कि एक सत्र में हमारी सरकार दिल्ली के लोगों को घर दिलाने के लिए बिल ला रही है और दूसरे ही पल हम लोगों को देश के निकालने के लिए बिल लाएंगे क्या. आप इन लोगों के इरादे समझिए. ये लोग आपको लड़ाना चाहते हैं. नागरिकता बिल पास होने पर दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में रहने वाले एक परिवार ने अपनी नवजात बिटिया का नाम नागरिकता रख दिया. भारत की नागरिकता मिलने की खुशी उनसे बेहतर कौन जान सकता है. आप याद रखिए कि ये नागरिकता देने वाला कानून है, किसी की नागरिकता छीनने वाला नहीं.’

लोग रातों-रात बदल गए. कल तक हमदर्द थे और आज इनको दर्द हो रहा है

पीएम ने कहा, ‘देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में कहा था कि हमें बांग्लादेश में प्रताड़ित हो रहे लोगों को नागरिकता देनी चाहिए. कांग्रेस के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई कहते थे कि बांग्लादेश से आने वाले लोगों की मदद करनी चाहिए. राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने भी शरणार्थियों को सरकार से राहत देने की मांग की थी. ये लोग रातों-रात बदल गए. कल तक हमदर्द थे और आज इनको दर्द हो रहा है. ममता दीदी कोलकाता से सीधे यूएन पहुंच गईं. कुछ साल पहले दीदी संसद में गुहार लगा रही थीं कि बांग्लादेश से आने वालों की मदद की जाए. संसद में स्पीकर के सामने कागज फेंकती थीं. ममता दीदी अब आपको क्या हो गया. आप क्यों बदल गईं. चुनाव आते हैं, जाते हैं, सत्ता आती है चली जाती है. बंगाल की जनता पर भरोसा करो. जनता पर से आपका विश्वास क्यों उठ गया है.’

पड़ोसी देशों में सताए जा रहे अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की बात कही थी

modi3पीएम ने आगे कहा, ‘प्रकाश करात ने भी पड़ोसी देशों में सताए जा रहे अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की बात कही थी. अब वो बदल गए. ये लोग बस वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि वो इस कानून को अपने राज्य में लागू नहीं करेंगे. अपने राज्य के जानकारों से पूछो कि क्या ऐसा किया जा सकता है. रिफ्यूजी का जीवन क्या होता है, बिना कसूर के अपने घरों से निकाल देने का दर्द क्या होता है, ये दिल्ली से बेहतर कौन समझ सकता है. यहां का कोई कोना ऐसा नहीं है, जहां बंटवारे के बाद किसी रिफ्यूजी का और बंटवारे से अल्पसंख्यक बने भारतीय का आंसू ना गिरा हो. महात्मा गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख साथियों को जब लगे कि उन्हें भारत आना चाहिए तो उनका स्वागत है. ये रियायत तब की भारत की सरकार के वादे के मुताबिक है.’

 दिल्ली के 40 लाख से ज्यादा लोगों के जीवन में नया सवेरा 

पीएम मोदी ने दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करने वाले बिल का जिक्र करते हुए कहा, ‘जीवन से जब बड़ा संकट टल जाता है तो उसका प्रभाव क्या होता, वो मैं आपके चेहरों पर देख रहा हूं. मुझे संतोष है कि दिल्ली के 40 लाख से ज्यादा लोगों के जीवन में नया सवेरा लाने का एक उत्तम अवसर मुझे और बीजेपी को मिला है. प्रधानमंत्री उदय योजना के माध्यम से आपको अपने घर, अपनी जमीन, अपने जीवन की सबसे बड़ी पूंजी उसपर पूरा अधिकार मिला. इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत बधाई. जिन लोगों ने दिल्ली के लोगों को इस अधिकार से दूर रखा था. तरह-तरह के रोड़े अटकाए, वो आज देख सकते हैं कि लोगों को उनके अधिकार मिलने की खुशी क्या होती है, वो आज रामलीला मैदान में दिख रही है. आजादी के इतने दशकों के बाद तक दिल्ली की एक बड़ी आबादी को डर, चिंता, अनिश्चितता, झूठे चुनावी वादों से गुजरना पड़ा है. गैरकानूनी, अनाधिकारिक, बुलडोजर, कटऑफ डेट्स, इन्हीं शब्दों के बीच दिल्ली वालों का जीवन सिमट गया था. चुनाव आते ही तारीखें आगे बढ़ाई जाती थीं. बुलडोजर रुक जाता था लेकिन समस्या बनी रहती थी. इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए सही नीयत इन लोगों ने कभी नहीं दिखाई.’

दोनों सदनों में दिल्ली की कॉलोनियां से जुड़ा बिल पास कराया 

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘गरीबों के लिए काम करने की रफ्तार इनके (विपक्षी दल) लिए क्या होती है, ये आप भी जानते हैं. हमने इस साल मार्च में ये काम खुद अपने हाथ में लिया और अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में प्रक्रिया पूरी की. बीते सत्र में दोनों सदनों में दिल्ली की कॉलोनियां से जुड़ा बिल पास कराया जा चुका है. 1700 से ज्यादा कॉलोनियों को चिन्हित करने का काम पूरा किया जा चुका है. 1200 से ज्यादा कॉलोनियों के नक्शे भी पोर्टल पर डाले जा चुके हैं. इन लोगों ने दिल्ली के सबसे आलीशान और महंगे इलाकों में बंगले अवैध तरीके से अपने कारोबारियों को दे रखे थे. उनके वीआईपी उनको मुबारक, मेरे लिए तो आप ही वीआईपी हैं.’

पांच वर्षों में हमने दिल्ली मेट्रो का अभूतपूर्व विकास 

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘बीते पांच वर्षों में हमने दिल्ली मेट्रो का अभूतपूर्व विकास किया है. राज्य सरकार के तमाम विरोधों के बावजूद हम 25 किलोमीटर नए रूट बना रहे हैं. 70 किलोमीटर नए रूट पर काम हो रहा है. राज्य सरकार अगर अड़ंगे नहीं डालती तो यह काम काफी पहले शुरू हो गया होता. इन लोगों ने दिल्ली की बसों की जो हालत कर दी है, वो यहां के लोग अच्छी तरह से जानते हैं. हमने दिल्ली के चारों ओर पेरिफेरल एक्सप्रेस का काम शुरू किया. हमने दिल्ली में नए सीएनजी स्टेशन लगाए. कुछ स्टेशनों को पीएनजी आधारित बनाया जा चुका है. पराली जलाने से पैदा हुए प्रदूषण को कम करने की दिशा में हमने आसपास के राज्य सरकारों की मदद की है.’

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