Pages Navigation Menu

Breaking News

भारत ने 45 दिनों में किया 12 मिसाइलों का सफल परीक्षण

पाकिस्तान संसद ने माना, हिंदुओं का कराया जा रहा जबरन धर्मातरण

सिनेमा हॉल, मल्टीप्लैक्स, इंटरटेनमेंट पार्क 15 अक्टूबर से खोलने की इजाजत

चांदी की ईंटों से अयोध्या में राम मंदिर की नींव

silver-brick-ram-temple-1280x720प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास में 22 किलो 663 ग्राम वजनी चांदी से बनी ईंट रखकर पूजा करेंगे। इसे बुलंदशहर के सर्राफा कारोबारियों ने दान किया है। इसकी कीमत 14 लाख से ज्यादा है। देशभर से चांदी से बनीं ईंटें मंदिर की नींव में रखने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिल रही हैं। हाल ही में मंदिर निर्माण की तारीख होने के बाद मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने 40 किलो की चांदी की ईंट का दान दिया था। अब तक देश भर से एक क्विंटल से ज्यादा चांदी ईंटें और अन्य धातुएं दान में मिल चुकी हैं।अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के इस ऐतिहासिक क्षण को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। गाजियाबाद, बुलंदशहर जैसे कुछ शहरों से भी चांदी की ईंटें भेजी गई हैं।पूरे देश के राम भक्तों को कार्यक्रम से जोड़ने के लिए उनके इलाके के मठ-मंदिरों की मिट्टी व नदियों, धार्मिक महत्व कुंडों का पवित्र जल अयोध्या पहुंचाया जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल के मुताबिक, कोरोना संकट के कारण श्रद्धालु खुद तो नहीं आ पा रहे हैं, लेकिन स्पीड पोस्ट के जरिए नदियों का जल और पवित्र स्थलों की मिट्टी के पैकेट अयोध्या ट्रस्ट को भेजे जा रहे हैं।

आधारशिला में शामिल होंगी चांदी की ईंटें

एसोसिएशन का दावा है कि इन्हीं चांदी की ईंटों से राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी। इतना ही नहीं यूपी के हर एक जिले से सर्राफा एसोसिएशन की ओर से चांदी की ईंटें राम लला मंदिर ट्रस्ट को भेंट की जा रही हैं। एसोसिएशन की मानें तो पूरे प्रदेश से सर्राफा एसोसिएशन ने 33 किलो चांदी की ईंटें राम लला मंदिर ट्रस्ट को सौंपी हैं। इनमें बुलंदशहर से पांच किलो 535 ग्राम की चांदी की 31 ईंटों को राम लला मंदिर ट्रस्ट को दान देने का निर्णय लिया गया था।5 अगस्त को भूमि पूजन के बाद पीएम मोदी चांदी की ईंट से मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास करेंगे। यह चांदी की ईंट अयोध्या पहुंच गई है। यह शुद्ध चांदी की 22.6 किलोग्राम वजनी ईंट है। चांदी की आज के रेट के हिसाब से देखें तो इस ईंट की कीमत करीब 15 लाख 59 हजार है।

चांदी की ईंटों को दान न करें लोग

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने सोमवार को देशवासियों से अपील की थी कि, राम मंदिर के लिए चांदी की ईंटों को दान न करें। बैंक के पास भी इतना बड़ा लॉकर नहीं है। साथ ही इनकी गुणवत्ता जांचने की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोग कैश ट्रस्ट के बैंक अकाउंट में जमा कराएं, जिसे मंदिर निर्माण में इस्तेमाल किया जा सके।

बिहार से 500 पैकेट आए हैं। बिहार के लोग प्रभु राम को अपना जमाई मानते हैं इसलिए वे मंदिर निर्माण के लिए विशेष तौर पर उत्साहित हैं। छत्तीसगढ़ के वनवासी समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में अपने मंदिरों की मिट्टी और नदियों का जल अयोध्या पहुंचा रहे हैं। ट्रस्ट की बैठक में देशभर की नदियों का जल और मिट्टी मंगवाकर मंदिर की नींव डालने के कार्यक्रम में मुहर लगी थी।

बदरीनाथ की मिट्टी और अलकनंदा का जल

उत्तराखंड के बदरीनाथ से मिट्टी और अलकनंदा नदी से जल अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भेजा गया। यहां से विश्व हिंदू परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल मिट्टी और जल लेकर अयोध्या के लिए सोमवार को रवाना हुआ।

सिर्फ पत्थरों से होगा मंदिर का निर्माण

अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण सिर्फ पत्थरों से किया जाएगा। राम मंदिर निर्माण के लिए खास तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर की वर्कशॉप के सुपरवाइजर अनुभाई सोमपुरा का कहना है कि मंदिर के निर्माण में अनोखी तकनीक और मशीनों का प्रयोग होगा।

मंदिर निर्माण का उत्सव शुरू, सरयू तट पर जलाए गए ‘दीप’

भूमि पूजन से पहले ही अयोध्या में जश्न का माहौल है। सीएम योगी आदित्यनाथ के 4 और 5 को भव्य दीपावली मनाने की तैयारी पूरी है ,लेकिन श्रद्धालु आराध्य के मंदिर निर्माण की खुशी रोक नहीं पा रहे हैं। बीती देर शाम को राजस्थान के बीकानेर से आए लोगों ने सरयू तट पर आंजनेय सेवा संस्थान के नित्य सरयू आरती स्थल पर सैकड़ों की संख्या में दीप जलाए। दल के मुखिया श्याम सिंह के मुताबिक मंदिर निर्माण की खुशी में दर्जनों की संख्या में वे लोग आएं हैं। उन्होंने बताया उनकी कोशिश रहेगी कि इसी तरह प्रतिदिन 5 अगस्त तक दीप जलाकर खुशी मनाएं।

एलईडी स्क्रीन से देख सकेंगे लाइव टेलिकास्ट

अयोध्या में भूमि पूजन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक, 50 तरह के ब्लॉक बनाए जाएंगे। एक ब्लॉक कारसेवकों के लिए होगा, एक ब्लॉक ऐडवोकेट के लिए, एक ब्लॉक बिजनसमैन के लिए तो एक ब्लॉक मंत्रियों और आरएसएस के लोगों के लिए होगा। प्रमुख इमारतों और मंदिरों में लाइट और दीये जलाए जाएंगे। जगह-जगह बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी जिसमें लोग कार्यक्रम का लाइव टेलिकास्ट देख सकेंगे।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *