प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जयकिशन कहते हैं कि शीला दीक्षित सरकार के 15 साल के कार्यकाल में दिल्ली ने जितना विकास किया था, आज दिल्ली उतनी ही पीछे चली गई है।  एक नया अस्पताल नहीं बना, अस्पतालों की क्षमता नहीं बढ़ी। बस मोहल्ला क्लीनिक बनाकर अपनी वाहवाही बटोरने का काम किया। स्वास्थ्य ही नहीं, हर मोर्चे पर यह सरकार विफल साबित हुई है। एक नया स्कूल- काॅलेज नहीं बना। सड़कों की मरम्मत और नालों की सफाई तक नहीं होती। सबसे ज्यादा दुखद यह कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वयं अपनी गलती मानने, उसमें सुधार करने की बजाए सभी को गुमराह करने में लगे रहते हैं। यही हरकत उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में की। मुख्यमंत्री बनते हुए उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ तो ली, लेकिन उसका मतलब नहीं समझ पाए। इसीलिए स्वयं की वाहवाही की मंशा से इतनी उच्च स्तरीय बैठक की गरिमा ही भूल गए। निस्संदेह उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।