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कोरोना की नई स्‍ट्रेन से दुनियाभर में हड़कंप

Coronavirus_Fusion-Medical-Animation_640नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस की नई म्‍यूटेटेड (यानी उत्‍परिवर्तित) स्‍ट्रेन मौजूदा वक्‍त में केवल ब्रिटेन की सरहद तक सीमित नहीं रह गई है।  रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका ने कहा है कि देश में कोविड-19 के नए प्रकार के वायरस के चलते संक्रमितों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। यही नहीं फ्रांस में इसके पहले से ही इस स्ट्रेन के फैलने की आशंका जताई जा रही है। ऑस्‍ट्रेलिया में नई स्‍ट्रेन के दो कंफर्म मामले सामने आए हैं। भारत सरकार ने भी ब्रिटेन से आने वाले विमानों पर 31 दिसंबर तक रोक लगा दी है। कई राज्यों की सरकारें भी इस संबंध में कदम उठा रही हैं। कर्नाटक सरकार ने बंगलूरू और मंगलूरू में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को निर्देश दिया है कि वह सात दिसंबर के बाद ब्रिटेन से आने वाले सभी यात्रियों की सूची उपलब्ध कराएं। राज्य सरकार ने कहा है कि ब्रिटेन से आने वाले सभी यात्रियों की आरटी-पीसीआर जांच की जानी चाहिए। इसमें ब्रिटेन के बाहर अन्य हवाई अड्डों में स्थानांतरित होने वाले लोग भी शामिल हैं।

सऊदी अरब ने बंद की अपनी सीमाएं

सऊदी अरब ने अस्थायी तौर पर सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल यह प्रतिबंध सात दिनों तक प्रभावी रहेगा और चिकित्सकों की सलाह पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। वायरस के नए प्रकार को रोकने के लिए सऊदी अरब ने देश की सीमाओं और बंदरगाहों को भी एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया है। सऊदी सरकार ने पिछले तीन महीनों के दौरान यूरोपीय देश से आए लोगों को तुरंत कोरोना टेस्ट कराने को कहा है। नए प्रतिबंधों का असर कार्गो विमान सेवा और सप्लाई चेन पर नहीं पड़ेगा।

Eurostar terminal at St Pancras International in London

इन देशों ने उड़ानों पर लगाई रोक 

वायरस का यह नया प्रकार पहले से 70 फीसद अधिक संक्रामक है। वायरस का नया स्ट्रेन मिलने के बाद कई देशों ने ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है। फ्रांस, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, डेनमार्क, बुल्गारिया, द आयरिश रिपब्लिक, तुर्की, कनाडा, हांगकांग, ईरान, क्रोएशिया, अर्जेटीना, चिली, मोरक्को और कुवैत ने ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंधों का एलान किया है। इजरायल ने सिर्फ ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर ही रोक नहीं लगाइ है बल्कि डेनमार्क और दक्षिण अफ्रीका से आने वाली उड़ानों पर भी प्रतिबंध का एलान किया है।

नया स्ट्रेन ज्यादा घातक नहीं: मूर्ति

भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर विवेक मूर्ति ने कहा है कि फिलहाल इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला है कि इंग्लैंड में मिला कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन ज्यादा घातक है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा देश के नए सर्जन जनरल नामित किए गए 43 वर्षीय मूर्ति ने कहा कि यह मानने का कोई कारण नहीं है कि कोरोना के लिए बनाए गए टीके नए स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी नहीं होंगे।

बचाव एकमात्र तरीका: हैनकॉक

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को बुलाई गई सरकार की आपातकालीन समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। उधर, यूरोपीय यूनियन से जुड़े देश भी ब्रसेल्स में बैठक कर सकते हैं। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने कहा है कि टियर-4 इलाकों में रहने वाले लोगों को इस तरह से व्यवहार करना चाहिए कि उनके पास वायरस हो सकता है। यही एकमात्र तरीका है, जिससे हम इसे नियंत्रण में रख सकते हैं। स्थिति बहुत गंभीर है और वायरस के नए प्रकार ने इसे और अधिक कठिन बना दिया है। बता दें कि टियर-4 सबसे कड़ा प्रतिबंध है, जिसे ब्रिटेन के कुछ इलाकों में लगाने का एलान किया गया है।

बहुत तेजी से फैल रहा नया प्रकार

लंदन स्थित इंपीरियल कॉलेज के डॉ. एरिक वोल्ज ने कहा कि फिलहाल जो दिखाई दे रहा है, उसके मुताबिक यह बहुत तेजी से फैल रहा है। इस पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। उधर, ब्रिटिश सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार पैट्रिक वालेंस ने कहा कि इसकी मौजूदगी अन्य देशों में भी हो सकती है, लेकिन इसकी शुरुआत ब्रिटेन से हुई है।

नए स्ट्रेन में 23 तरह के परिवर्तन

परिवहन मंत्री ग्रांट शैफ्स ने कहा कि वायरस के नए प्रकार में पुराने के मुकाबले 23 तरह के परिवर्तन देखने को मिले रहे हैं। अधिकांश परिवर्तन वायरस में मिलने स्पाइक प्रोटीन से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने दूसरे देशों में मौजूद वायरस के म्यूटेशन का सबसे अच्छा वैश्विक विश्लेषण किया है। उधर, रूस द्वारा बनाई गई कोरोना वैक्सीन नए स्ट्रेन में पूरी तरह असरदार है। यह दावा वैक्सीन विकसित करने वाली रशियन डायरेक्ट इंवेस्ट फंड के सीईओ किरिल दिमित्रेव ने किया है।

इटली में भी पहुंचा नया वायरस 

इटली में ब्रिटेन से लौटे दो यात्रियों (पति-पत्नी) में कोरोना की नई स्‍ट्रेन की पुष्टि हुई है। इनकी फ्लाइट रोम के फिमिसिनो हवाई अड्डे पर लैंड हुई थी। एयरपोर्ट पर उनके संपर्क में आए लोगों को कोरोना की जांच कराने के साथ बाकी कोरोना प्रोटोकॉल पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। पीडि़त जोड़ा आइसोलेशन में है। इटली ने पिछले 14 दिनों से ब्रिटेन में मौजूद लोगों के देश में आने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

दक्षिण अफ्रीका में नई स्‍ट्रेन से बढ़े मामले 

सबसे पहले बात करते हैं दक्षिण अफ्रीका की। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण अफ्रीका में नई स्‍ट्रेन के चलते अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों और मृतकों की संख्या बढ़ रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के नए मामलों में 501.वी-2 के रूप में पहचाने गए नए वायरस के मामले प्रमुखता से पाए गए हैं। मंत्रिस्तरीय सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर सलीम अब्दुल करीम का कहना है कि संक्रमण की दूसरी लहर में नया वायरस हावी हो रहा है।

फ्रांस में नई स्‍ट्रेन के पहले ही फैलने की आशंका 

समाचार एजेंसी एएनआइ ने स्‍पुतनिक के हवाले से बताया है कि फ्रांस में कोरोना की नई स्‍ट्रेन के पहले से ही फैलने की आशंका है। फ्रांस के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ऑलीवर वेरान (Olivier Veran) ने कहा कि नई स्‍ट्रेन बेहद संक्रामक है। इस बात की पूरी आशंका है कि नया वायरस पहले से ही फ्रांस में फैल रहा है। हालांकि गनीमत की बात यह है कि अभी तक जीनोटाइप परीक्षणों में इसकी मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है।

ऑस्‍ट्रेलिया में दो मामले सामने आए 

समाचार एजेंसी रॉयटर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ऑस्‍ट्रेलिया ने सोमवार को नई कोरोना स्‍ट्रेन के दो मामलों की पहचान की। इसके साथ ही नए वायरस ने एशिश पेसिफिक क्षेत्र में भी दस्‍तक दे दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो मरीज कोरोना की नई स्‍ट्रेन से संक्रमित पाए गए हैं। ये मरीज ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स लौटे थे। दोनों क्वारंटीन हो गए हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने वायरस के इस प्रकार को सिडनी में संक्रमण में आई तेजी की वजह नहीं माना है।

स्‍पुतनिक-5 का दावा हमारी वैक्‍सीन इस वायरस पर भी कारगर 

इस बीच कोरोना वैक्‍सीन बनाने वाली स्‍पुतनिक-5 (Sputnik V) ने कहा है कि उसके द्वारा विकसित किया गया कोरोना का टीका उस नई कोरोना स्‍ट्रेन पर भी काफी प्रभावी है जो यूरोप में पाई गई है। समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, स्‍पुतनिक ने अपने ट्व‍िटर हैंडलर पर कहा कि हमारी वैक्‍सीन यूरोप में पाए जाने वाले कोरोना वायरस के नए प्रकार के खिलाफ उतना ही प्रभावी होगी जितना कि मौजूदा कोविड-19 के खिलाफ।

टीके कारगर होंगे या नहीं आशंका बरकरार

हालांकि दक्षिण अफ्रीका में पाई गई कोरोना की नई स्‍ट्रेन को लेकर अभी कोई मुकम्‍मल जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 का यह नया प्रकार ब्रिटेन में पाई गई नई स्‍ट्रेन से अलग है। सबसे बड़ी बात यह कि दक्षिण अफ्रीका में पाई गई नई स्‍ट्रेन मूल कोरोना वायरस की तुलना में अधिक संक्रामक है। वैसे दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिक इसका अध्ययन कर रहे हैं कि क्या कोविड-19 के खिलाफ अब तक के विकसित टीके नई स्‍ट्रेन से भी सुरक्षा प्रदान करेंगे।

कई टीकों का परीक्षण लेकिन मास्‍क ही उपाय

गौर करने वाली बात यह है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की ओर से विकसित की गई कोरोना वैक्‍सीन समेत कुछ टीकों का क्लीनिकल परीक्षण दक्षिण अफ्रीका में जारी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक कोरोना का कोई मुकम्‍मल समाधान नहीं खोज लिया जाता तब तक मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाने जैसे बचाव के उपाय ही महत्वपूर्ण हैं। नई स्‍ट्रेन की दस्‍तक के बाद दक्षिण अफ्रीका सरकार ने सख्त लॉकडाउन पाबंदियों की शुरुआत की है।

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