Pages Navigation Menu

Breaking News

सीबीआई कोर्ट ;बाबरी विध्वंस पूर्व नियोजित घटना नहीं थी सभी 32 आरोपी बरी

कृष्ण जन्मभूमि विवाद- ईदगाह हटाने की याचिका खारिज

सिनेमा हॉल, मल्टीप्लैक्स, इंटरटेनमेंट पार्क 15 अक्टूबर से खोलने की इजाजत

निर्भया के गुनहगारों की मौत की नई तारीख

nirbhya caseनिर्भया गैंगरेप केस के चारों दोषियों का नया डेथ वारंट कोर्ट ने जारी कर दिया है. चारों दोषियों को अब 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा. अब निर्भया के गुनहगारों की जिंदगी सिर्फ 350 घंटे ही बची है. इससे पहले मामले में दोषी मुकेश की दया याचिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज कर दिया.आपको बता दें कि पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों को 22 जनवरी सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाने की तारीख तय की थी, लेकिन इसके बाद दोषी मुकेश सिंह ने राष्ट्रपति के सक्षम दया याचिका लगा दी थी. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा निर्भया के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज होने के बाद कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी किया है.

वहीं, इस मामले में नया डेथ वारंट जारी होने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि जब तक दोषियों को फांसी पर नहीं लटका दिया जाता है, तब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा. मुझको पिछले सात साल से तारीख पर तारीख दी जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारा सिस्टम ऐसा है कि जहां दोषी की सुनी जाती है. हर जगह निर्भया के गुनहगारों का ही मानवाधिकार देखा जा रहा है. हमारा मानवाधिकार कोई नहीं देख रहा है.शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया कांड के दोषी मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी थी. गुरुवार रात गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति कोविंद के पास दया याचिका की फाइल भेजी थी और उसे खारिज करने की सिफारिश की थी. अदालत निर्भया के चारों दोषियों को फांसी की सजा पहले ही सुना चुका है.

आपको बता दें कि 16 दिसंबर 2012 को हुए निर्भया कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. 23 वर्षीय निर्भया के साथ चलती बस में गैंगरेप किया गया था और उसकी बुरी तरफ पिटाई की थी. बाद में अस्पताल में निर्भया की मौत हो गई थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से एक नाबालिग था. नाबालिग को किशोर अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जबकि राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी. इसके अलावा बाकी 4 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *