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देश में हर दिन तीन किसान आत्महत्या करते हैं; मल्लिकार्जुन खड़गे

Mallikarjun-Kharge-Letter-768x402नई दिल्ली: पिछले चार वर्षों में विपक्ष की ओर से नरेंद्र मोदी नीत राजग सरकार के खिलाफ पेश किए गए पहले अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को लोकसभा में चर्चा शुरू हो गई. चर्चा की शुरूआत तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा)के जयदेव गल्ला ने की. उल्लेखनीय है कि तेदेपा आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों को पूर्ण रूप से लागू करने और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने की मांग को लेकर राजग गठबंधन से अलग हो गई थी. चर्चा शुरू होने पर अविश्वास प्रस्ताव रखने वाले तेदेपा के केसी नेनी ने स्पीकर सुमित्रा महाजन से अपने स्थान पर अपनी पार्टी के जयदेव गल्ला को बोलने का मौका देने का आग्रह किया.

लोकसभा में अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर बहस के अपडेट

6.25 PM: मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, देश के किसानों की बात सरकार ने कभी नहीं की, सरकार ने सिर्फ अडानी और अंबानी की बात की है. उन्होंने कहा, किसान आत्महत्या कर रहे हैं, मर रहे हैं.

6.20 PM: मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 2014 में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि किसानों को स्वामीनाथन आयोग के मुताबिक फसल के दाम दिए जाएंगें और उन्होंने दूसरा झांसा दिया कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी. लेकिन आपने स्वामीनाथन आयोग के हिसाब से दाम नहीं दिया पर दावा आप ऐसा कर रहे हैं कि किसानों को लेकर ऐसा कभी किसी ने नहीं किया. मनमोहन सरकार के समय भी एमएसपी के दामों को बढ़ाया गया है. ऐसा सभी सरकारें करती रही हैं लेकिन आप यह नहीं बताते हैं. आप सिर्फ अपनी बात जोर से बोलते हैं.

6.10 PM: कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, भाजपा के मुंह में राम और बगल में छुरी है. हमने 6,10,000 गांवों को दिया था बिजली कनेक्शन, क्या यह उपलब्धि नहीं है. लोकपाल को लेकर आप एक संशोधन नहीं कर पाए हो और बड़ी बड़ी बात लोकतंत्र को लेकर करते हो.

5.50 PM: केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने जजों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मांग की आईएएस/आईपीएस की तरह जजों की नियुक्ति के लिए न्यायिक सर्विस बने. रामविलास पासवान ने कहा कि एससी/एसटी में बदलाव हमें मंजूर नहीं और जरूरत पड़ी तो सरकार इस मामले पर अध्यादेश लाएगी. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार रही लेकिन गरीबी बरकरार है. आज भी लोगों को रहने के लिए छत नहीं है. हमारी प्राथमिकता गरीबों के लिए काम करने की होनी चाहिए. मुझे खुशी है कि मोदी सरकार इस दिशा में काम कर रही है. पासवान ने राहुल गांधी को इंगित करते हुए कहा कि आप मेहनत करिए यह अच्छी बात है लेकिन 2019 तक प्रधानमंत्री की कोई वैकेंसी नहीं है. आप 2024 के बारे में सोचिए.

4.00 PM: सीपीएम सांसद मोहम्मद सलीम ने सरकार से पूछा क्या हुआ तेरा वादा? स्विस बैंकों में काला धन बढ़ गया है, वित्त मंत्री कहते हैं काला धन मिल आंकड़े नहीं, इसका क्या अर्थ है. मुंह में कुछ, घोषणा में कुछ, विज्ञापन में कुछ. किसानों को क्या जवाब देगी सरकार? डिजिटल इंडिया में नोटबंदी के आंकड़े क्यों नहीं?

3.25PM: लोकसभा में मुलायम सिंह मे कहा कि अगर सरकार किसान, नौजवानों के लिए कुछ कर दे तो ही काम हो जाए. उन्होंने कहा कि किसान की पैदावार को दोगुना कर दें तो किसान को बहुत राहत मिलेगी. मुलायम ने कहा कि किसान को पैदावार पर घाटा हो रहा और खाद से लेकर बीज, पानी, सिंचाई सब महंगी हो गई है. देश में 2 करोड़ पढ़े-लिखे नौजवान बेरोजगार हैं उनके लिए कुछ करना चाहिए.  उन्होंने कहा कि इस सरकार के दौरान किसान और कारोबारी परेशान हैं और बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिल सकी है.

02.55 PM: लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगात राय ने कहा, पश्चिम बंगाल में रैली के लिए पीएम गुजरात वाले अपने मोटा भाई को भेजे, पीएम क्यों घूम-घूमकर रैली कर रहे हैं, यह शर्म की बात है. उन्होंने कहा कि पीएम को फेरी वाले की तरह घूमना नहीं चाहिए लेकिन आज पीएम को इसकी आदत पड़ गई है. पीएम की विदेश यात्रा पर 1800 करोड़ रुपये का खर्चा हुआ है.

बीजद सांसद सदन से वाकआउट कर गए

इससे पहले बीजू जनता दल (बीजद) के सदस्य अविश्वास प्रस्ताव का बहिष्कार करते हुए सदन से वाकआउट कर गए. सदन में बीजद के 19 सदस्य हैं. बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने तेदेपा के एस केसीनेनी को अविश्वास प्रस्ताव पेश करने को कहा था.

अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस कांग्रेस, राकांपा, तेदेपा आदि दलों ने दिया था. पिछले बजट सत्र में इस विषय पर अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया था लेकिन सदन में व्यवस्था नहीं होने के कारण इसे नहीं लिया जा सका था.

मानसूत्र सत्र के पहले दिन बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा था कि अविश्वास प्रस्ताव पर 20 जुलाई (शुक्रवार) को पूरे दिन चर्चा होगी और उसी दिन मत विभाजन होगा.

सदस्यों की ओर से चर्चा के लिए कुछ और समय बढ़ाने की मांग पर स्पीकर ने कहा कि सात घंटे का समय चर्चा के लिए रखा गया है. इस दिन प्रश्नकाल नहीं चलेगा और गैर-सरकारी कामकाज नहीं होगा. सिर्फ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी.

निचले सदन में भाजपा नीत राजग के सदस्यों की संख्या 313 है जबकि कांग्रेस नीत संप्रग के सदस्यों की संख्या 63, अन्नाद्रमुक के सदस्यों की संख्या 37, तृणमूल सदस्यों की संख्या 34, बीजद के 20, तेदेपा के 16 और टीआरएस के 11 सदस्य हैं.

मोदी सरकार को जनता का समर्थन प्राप्त: अनंत कुमार

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने शुक्रवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को जनता का समर्थन प्राप्त है और विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को पराजित कर राजग सरकार और अधिक मजबूत होकर उभरेगी.

संसदीय कार्य मंत्री ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि सदन में पूरे देश की भावना का प्रतिरूप उभरेगा और हम पहले से अधिक मजबूत होंगे. उन्होंने कहा कि विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार को राजग से बाहर के दलों का भी समर्थन मिलेगा. कुमार ने जोर दिया कि राजग के सभी सहयोगी एकजुट हैं और हम बड़े बहुमत से विजयी होंगे.

वहीं, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संवाददाताओं से कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हम 130 करोड़ लोगों की समस्याएं और सरकार की गलतियों को उठायेंगे.

उन्होंने कहा कि नोटबंदी, बेरोजगारी समेत महत्वपूर्ण मुद्दे अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उठाये जाएंगे. कांग्रेस नेता ने हालांकि कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए और समय मिलना चाहिए था. उन्होंने कहा कि हमारी तैयारी पूरी है और हम सरकार को तमाम मुद्दों पर घेरेंगे.

अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान अनुपस्थित रहेगी शिवसेना

शिवसेना नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में पेश अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाले मतदान में अनुपस्थित रहेगी. पार्टी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

गौरतलब है कि लोकसभा में शिवसेना के मुख्य सचेतक चन्द्रकांत खैरे ने गुरुवार को व्हिप जारी कर पार्टी के सभी सांसदों को प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में उपस्थित रहने और सरकार का समर्थन करने को कहा था.

लेकिन व्हिप जारी होने के कुछ ही घंटे के भीतर शिवसेना ने अपना रूख बदल दिया और कहा कि पार्टी अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार का समर्थन करने के संबंध में फैसला सुबह चर्चा शुरू होने से पहले लेगी. पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी सांसदों को दिल्ली में ही रहने को कहा है.

शिवसेना प्रमुख के करीबी सहयोगी ने बताया, ‘अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान उद्धव जी ने शिवसेना सांसदों से अनुपस्थित रहने को कहा है.’

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