Pages Navigation Menu

Breaking News

संघ कार्यालय पर संघी-कांग्रेसियों ने फहराया तिरंगा
पंपोर में मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए  
वाराणसी में केजरीवाल को दिखाए काले झंडे

असम में 40 लाख लोग अवैध नागरिक

India_Assam_2018_Outputदेश के पूर्वोत्तर राज्य असम में नागरिकता की लिस्ट जारी कर दी गई है, जिसके मुताबिक राज्य में बसे हुए 40 लाख लोग वैध नागरिक नहीं हैं. लिस्ट के मुताबिक, राज्य में रहने वाले 2.89 करोड़ लोग वैध नागरिक हैं. नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिज़नशिप, यानी NRC में उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम, पते और फोटोग्राफ हैं, जो 25 मार्च, 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में यह आश्वासन भी दिया गया है कि जो लोग वैध नागरिक नहीं पाए गए हैं, उन्हें निर्वासित नहीं किया जाएगा. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बहरहाल कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समूचे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.इस लिस्ट के आने के बाद से गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह मसौदा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बनाया गया है. इसमें केंद्र या राज्य का लेना-देना नहीं है. उन्होंने भी यह भी कहा कि  “यह ड्राफ्ट सूची है, अंतिम सूची (फाइनल लिस्ट) नहीं. अगर किसी का नाम फाइनल लिस्ट में भी नहीं आता है, तो भी वह विदेशी न्यायाधिकरण में जा सकता है. किसी के भी विरुद्ध बलपूर्वक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, इसलिए किसी को भी घबराने की ज़रूरत नहीं है.”

 असम में एनआरसी के मसौदे पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा कि हर राज्य में बाहर से आये लोग रहते हैं. असम में संवाद की सभी सेवाएं बंद कर दी गई हैं. महिलाओं और बच्चों को जेल भेज दिया गया है. यह एक चुनवी राजनीति है. क्या इन लोगों को जबरदस्ती बाहर निकाला जायेगा. उन्होंने कहा कि सरकार की नीति बांटो और राज करो की है. बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में जो लोग आये हैं वे भी भारतीय हैं. ममता ने कहा कि कई परिवार यहां पर 7 पुश्तें रहती हैं और सभी वैध दस्तावेज देने के बाद भी ऐसे लोगों लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है. उन्होंने केंद्र पर सवाल उठाते हुये कहा है कि सरकार ने इन लोगों के लिये कोर्ट में आवाज क्यों नहीं उठाया है. ममता बनर्जी ने कहा कि लोगों को एक गेम प्लान की तहत अलग-थलग किया जा रहा है. मुझे चिंता है कि लोगों को अपने ही देश में शरणार्थी बनाया जा रहा है.

8 बड़ी बातें
  1. जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को कड़ी सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है. सात जिलों – बारपेटा, दरांग, दीमा, हसाओ, सोनितपुर, करीमगंज, गोलाघाट और धुबरी – में CRPC की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गई है.
  2. अधिकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने संबंधित जिलों में संवेदनशील इलाकों की पहचान की है और किसी भी अप्रिय घटना, खासकर अफवाह फैलने के बाद होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए स्थिति पर बेहद सावधानी से नज़र रखी जा रही है.
  3. असम एवं पड़ोसी राज्यों में सुरक्षा चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए केंद्र ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 220 कंपनियों को भेजा है.
  4. असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने NRC मसौदा जारी होने के मद्देनज़र हाल में उच्चस्तरीय बैठक की थी और अधिकारियों से सतर्क रहने तथा मसौदे में जिन लोगों के नाम नहीं होंगे, उनके दावों एवं आपत्तियों की प्रक्रिया की व्याख्या एवं मदद के लिए कहा.
  5. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे NRC मसौदा सूची पर आधारित किसी मामले को विदेश न्यायाधिकरण को नहीं भेजें.
  6. मसौदे में जिनके नाम नहीं होंगे उनके दावों की पर्याप्त गुंजाइश होगी. अगर वास्तविक नागरिकों के नाम दस्तावेज़ में मौजूद नहीं हों, तो वे घबराएं नहीं. बल्कि उन्हें (महिला / पुरुष) संबंधित सेवा केंद्रों में निर्दिष्ट फॉर्म को भरना होगा.
  7. ये फॉर्म 7 अगस्त से 28 सितंबर के बीच उपलब्ध होंगे और उन्हें इसका कारण बताना होगा कि मसौदे में उनके नाम क्यों छूटे.
  8. इसके बाद अगले कदम के तहत उन्हें अपने दावे को दर्ज कराने के लिए अन्य निर्दिष्ट फॉर्म भरना होगा, जो 30 अगस्त से 28 सितंबर तक उपलब्ध रहेगा. आवेदक अपने नामों को निर्दिष्ट NRC सेवा केंद्र जाकर 30 जुलाई से 28 सितंबर तक सभी कामकाजी दिनों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक देख सकते हैं.
Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *