Pages Navigation Menu

Breaking News

संघ कार्यालय पर संघी-कांग्रेसियों ने फहराया तिरंगा
पंपोर में मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए  
वाराणसी में केजरीवाल को दिखाए काले झंडे

प्याज के दाम ने फिर निकाले आंसू

onionनई दिल्ली: मौसम के बदलाव के साथ प्याज के दामों में भी बढ़ता बदलाव नजर आया है। गत हफ्ते दामों में 32 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। बाजार में मांग और सप्लाई में काफी ज्यादा अंतर आ गया है जिससे कीमतों कमी के आसार बिल्कुल भी नहीं है। पिछले हफ्ते महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी में 1849 रुपये प्रति क्विंटल मिलने वाले प्याज 2450 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में बिके। दिल्ली आजादपुर मंडी में प्याज की कीमतों में करीब 18प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। उपभोक्ता मामले के विभाग के अनुसार दिल्ली में प्याज के खुदरा दाम 37 रुपये और मुंबई में 26 रुपये दर्ज की गई है।  आपको बता दें, लोकल बाजारों में दाम आंकड़ों से अधिक होते हैं।

क्या है कारण
प्याज की कीमतें में वृद्धि का कारण दक्षिण भारत में बारिश का होना बताया जा रहा है। क्योंकि बारिश के कारण नई फसल नहीं निकल पाती इसी कारण महाराष्ट्र से प्याज मंगाई जा रही है। जिसके चलते महाराष्ट्र की मंडियों में प्याज की मांग बढ़ी है। दिल्ली में आंध्रप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि राज्यों से प्याज मंगाई जाती है। इस समय आंध्रप्रदेश और कर्नाटक में बारिश के चलते प्याज ने निकल पाने से प्याज के दामों में इजाफा हुआ है।महाराष्ट्र की लासलगांव प्याज़ मंड़ी के अधिकारियों के मुताबिक़ बीते दस दिनों में प्याज़ के दाम 1600 रुपए प्रति क्विटंल से बढ़कर 2500-3000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं.एशिया की इस सबसे बड़ी प्याज़ मंडी के थोक व्यापारियों का कहना है कि नवंबर महीने के आख़िर तक प्याज़ और महंगा होता रहेगा.लासलगांव एग्रीकल्चर प्रॉड्यूस मार्केट कमिटी के थोक व्यापारियों का कहना है कि मांग और आपूर्ति में बढ़ते फ़ासले के कारण प्याज़ के दाम बढ़ रहे हैं.लासलगांव में प्याज़ की पिछली फसल चार महीने पहले आई थी. तब प्याज़ के दाम 400 रूपये प्रति क्विंटल थे. लेकिन, पिछले दस दिनों में प्याज़ की कीमतों में औसतन 70 से 80 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई है .नासिक में प्याज़ आज खुदरा बाज़ार में 40-50 रूपये प्रति किलो तक बिक रहा है.

लासलगांव प्याज़ मंडी में विक्रेताओं का कहना है कि पिछले दो से तीन दिनों में ही प्याज़ के दाम चढ़े हैं. इन बढ़े दाम का असर कुछ दिनों में खुदरा बाज़ार में दिखने लगेगा.लासलगांव एग्रीकल्चर प्रॉड्यूस मार्केट कमिटी के अध्यक्ष जयदत्ता होलकर बताते हैं, “दक्षिण भारत में बारिश की वजह से प्याज़ की फसल खराब हो गई है. मध्य प्रदेश में भी प्याज़ की कमी है. आपूर्ती और मांग में अंतर के कारण प्याज़ के दाम नासिक थोक बाज़ार में भी बढ़े हैं. लासलगांव और अन्य ज़िलों में मौजूद एपीएमसी दिवाली के पूरे हफ्ते प्याज़ की नीलामी नहीं करेंगे, और यह भी एक वजह है की विक्रेताओं ने प्याज़ के दाम बढ़ा दिए हैं.”जानकारों के मुताबिक नासिक में खुदरा बाज़ार में प्याज की क़ीमतें अभी और भी बढ़ सकती हैं.दिल्ली की आज़ादपुर मंडी में प्याज़ व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र बुद्धिराजा का कहना है कि आज़ाद पुर मंडी में इस वक्त प्याज़ 20 से 30 रूपये किलो बिक रहा है , लेकिन वो कहते हैं कि दिवाली के बाद यही दाम मंडी में 50 रूपए तक पहुंच सकते हैं.इसका असर दिल्ली के खुदरा बाज़ार में प्याज़ के दामों पर पड़ेगा.

भारतीय व्यापार मंडल में वित्तीय सलाहकार जी चंद्रशेखर का मानना है कि प्याज़ के दामों में बढ़ोत्तरी का मुख्य कारण कर्नाटक, महाराष्ट्र में हुई बे-मौसम बरसात है, जिससे फसल को काफी नुकसान पहुंचा है .प्याज़ के दामों में बढ़ोतरी के राजनीतिक प्रभाव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि, जब तक प्याज़ के दाम 80 से 100 रूपये के आसपास नहीं पहुंच जाते तब तक राजनीतिक असर नहीं होगा.लोकिन, दाम ज्यादा न बढ़े इसके लिए सरकार को इस बढ़ोत्तरी पर नज़र रखनी पड़ेगी.उनका ये भी मानना है कि नवंबर के पहले हफ्ते में जब फसल की नई पैदावार आना शुरू होगी तब दाम में कमी ज़रूर आएगी.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *