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हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा- सेना से मदद क्यों नहीं ली गई?

courtदिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई, बेड और दवाओं की कमी को लेकर आज दिल्ली हाईकोर्ट में शनिवार को भी सुनवाई जारी है। इस दौरान कोर्ट ने दिल्ली सरकार को जमकर फटकारा है। वहीं, सुनवाई के दौरान दिल्ली के बत्रा अस्पताल ने हाईकोर्ट को बताया कि उनके यहां ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। बत्रा अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि हम आज सुबह 6 बजे से SOS में हैं, हमारे पास 307 मरीजौै भर्ती हैं, जिनमें से 230 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सब तनाव में हैं, यहां तक कि हम भी तनाव में हैं। हाईकोर्ट ने बत्रा हॉस्पिटल से कहा- आप डॉक्टर हैं, आपको अपनी नब्ज को पकड़ना होगा।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा है कि अगर आप सेना से अनुरोध करते, तो वे अपने स्तर पर काम करते। उनका अपना बुनियादी ढांचा है। दिल्ली में अधिक बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए सशस्त्र बलों की मदद लेने के सुझावों पर, दिल्ली सरकार के वकील ना कहा कि हम उच्चतम स्तर पर प्रक्रिया में हैं।सरकार इसे देख रही है। हम 15000 और बेड लेकर आ रहे हैं।

बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 12 मरीजों की मौत

कोरोना की दूसरी लहर के बीच दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस बीच राजधानी के बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने की वजह से 12 कोरोना मरीजों को जान गंवानी पड़ी।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अस्पताल की तरफ से बताया गया कि एक घंटे से भी ज्यादा समय तक ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं थी, इस वजह से 8 कोरोना मरीजों की मौत हो गई। मरने वालों में डॉक्टर भी शामिल है। अस्पताल में 307 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 230 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। कुछ देर बाद बत्रा अस्पताल के MD डॉ. एससीएल गुप्ता ने एक टीवी चैनल को 12 लोगों की मौत की जानकारी दी।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि पानी अब सिर से ऊपर चला गया है। अब हमें काम से मतलब है। अब आपको (केंद्र सरकार) हर चीज की व्यवस्था करनी होगी। हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया है कि किसी भी हाल में आज 490 MT ऑक्सीजन पहुंचनी चाहिए। अगर इसका पालन नहीं किया गया तो अदालत अवमानना की कार्रवाई कर सकती है।अगर ये काम पूरा नहीं होता है तो DPIIT के सचिव को अगली सुनवाई में अदालत के सामने हाजिर होना पड़ेगा। अब पानी सर से ऊपर चढ़ चुका है। यह कहते हुए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को तय कर दी।इससे पहले कोर्ट ने बत्रा हॉस्पिटल से कहा कि हर कोई थका हुआ है, यहां तक कि हम भी थक गए हैं। कोर्ट ने बत्रा अस्पताल से कहा कि आप डॉक्टर हैं, आपको अपनी नब्ज पकड़ने की जरूरत है। व्यवस्था बनाने के लिए वक्त दीजिए। अगर आप मैसेज करते रहेंगे, तो दूसरा काम करने वाला व्यक्ति इसमें व्यस्त हो जाएगा।

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा- सेना से मदद क्यों नहीं ली गई?
दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई, बेड और दवाओं की कमी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने कहा कि सरकार राजधानी में बेडों की संख्या 15 हजार तक बढ़ाई जा रही है, लेकिन हमारे पास इन बेड्स के लिए ऑक्सीजन नहीं है। इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि दिल्ली सरकार ने अब तक सेना की मदद के लिए कोशिश क्यों नहीं की? कोर्ट ने कहा कि अगर आप सेना से मदद लेंगे, तो अपने लेवल पर काम करेंगे। उनका अपना खुद का इंफ्रास्ट्रक्चर भी होगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार को

केजरीवाल बोले- हमें पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर केंद्र से गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, ‘मैं डिसीजन मेकर्स से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि दिल्ली को जल्द से जल्द ऑक्सीजन उपलब्ध कराएं।’ उन्होंने कहा कि सभी अस्पताल से ऑक्सीजन की कमी को लेकर SOS आ रहे हैं। हमने कोर्ट में अपनी बात रखी है और केंद्र को इस बारे में पत्र भी लिखा है। दिल्ली को रोजाना 976 टन ऑक्सीजन की जरुरत है। लेकिन हमें 490 टन ऑक्सीजन ही आवंटित की गई है। कल हमें 312 टन ऑक्सीजन ही मिली है। ऐसे कैसे चलेगा?

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