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6 करोड़ किसान परिवारों के खाते में पहुंचे 12 हजार करोड़ रुपये

modi kissanतुमकुर (कर्नाटक )प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार दो दिवसीय दौरे पर कर्नाटक पहुंचे। तुमकुर में उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तीसरी किस्त जारी की। मंच पर से ही उन्होंने टैबलेट पर बटन दबाकर ये राशि जारी की। इस दौरान पीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत आठ करोड़वें किसान के खाते में पैसा जमा किया गया। साथ ही आज इस कार्यक्रम में एक साथ देश के छह करोड़ किसान परिवारों के खाते में 12 हजार करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कई राज्यों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-केएसएएन) को राजनीति की वजह से लागू नहीं किया है। ऐसी राजनीतिक मानसिकता ने किसानों को लंबे समय तक चोट पहुंचाई है।

pmkisan-aniपीएम मोदी ने कहा, ‘हर ब्लॉक और जिले से विशिष्ट उत्पादों की पहचान करने और इसके मूल्य को जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों की अलग पहचान उनके निर्यात मूल्य में वृद्धि सुनिश्चित करेगी। मुझे उम्मीद है कि नए साल में, उन सभी राज्यों ने जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लागू नहीं किया है। वे अपने राज्यों में किसानों की मदद करने के लिए राजनीति से ऊपर उठकर इसे लागू करेंगे। इस तरह की राजनीतिक मानसिकता ने किसानों के लाभ को लंबे समय तक चोट पहुंचाई है।’उन्होंने कहा, देश में एक समय था जब सरकार द्वारा गरीब लोगों के लिए भेजे गए धन का एक बड़ा हिस्सा बिचौलियों द्वारा खा लिया जाता था। गरीब के लिए एक रुपये भेजा जाता था तो सिर्फ 15 पैसे ही उसतक पहुंचते थे। बाकी के 85 पैसे बिचौलिए मार जाते थे। आज सारा धन सीधे गरीबों और किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

किसान सम्मान निधि की तीसरी किश्त जारी
प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि की तीसरी किश्त जारी की। उन्होंने किसानों को कृषि सम्मान पुरस्कार भी बांटे। पहली दो किश्त में देशभर के एक करोड़ से अधिक किसानों के लिए करीब दो हजार करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इस योजना में हर चार माह में प्रत्येक लाभार्थी को 2,000 रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। प्रधानमंत्री ने आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लाभार्थियों को इसका प्रमाण पत्र सौंपा।प्रधानमंत्री उत्कृष्ट किसानों को कृषि कर्मण अवॉर्ड और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इसके अलावा, मोदी ने तमिलनाडु के चयनित किसानों को गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाली नौकाओं और ट्रांसपोर्डर्स की चाबी सौंपी। उन्होंने कर्नाटक के चुनिंदा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी बांटे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की स्थिति में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।उन्होंने कहा, ‘दशकों से चली आ रही सिंचाई योजनाएं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और अन्य सभी योजनाएं किसानों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए बनाई गईं हैं। हमारी सरकार ने देश के किसानों की मांगों के अनुरूप न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 1.5 गुना वृद्धि की है। हमारे सरकार के प्रयासों के कारण, भारत में मसाले के उत्पादन में 25 लाख टन से अधिक की वृद्धि हुई है, और इसका निर्यात भी 15 हजार करोड़ से बढ़कर लगभग 19,000 करोड़ रुपये हो गया है।

पूर्व की सरकारों पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए याद दिलाया, देश में एक वो दौर भी था जब देश में गरीब के लिए एक रुपए भेजा जाता था तो सिर्फ 15 पैसे पहुंचते थे. बाकी के 85 पैसे बिचौलिए मार जाते थे. आज जितने भेजे जा रहे हैं, उतने, पूरे के पूरे सीधे गरीब और किसान के खाते में पहुंच रहे हैं. दशकों से लटकी सैकड़ों सिंचाई परियोजनाएं हों, फसल बीमा से जुड़े नियमों में बदलाव हो, सॉयल हेल्थ कार्ड हो या फिर यूरिया की शत- प्रतिशत नीम कोटिंग, हमने हमेशा किसानों के हितों को प्राथमिकता दी.
पीएम ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
पीएम मोदी ने कहा, किसानों को अपने पशुओं की बीमारियों और उनके इलाज पर कम से कम खर्च करना पड़े, इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है. किसान अपने खेत में ही सौर ऊर्जा पैदा करके उसे नेशनल ग्रिड में बेच सके, इसके लिए पीएम कुसुम योजना शुरू की गई है. हमारी सरकार इस बात का भी ध्यान रख रही है कि नारियल के किसानों को भी उचित दाम मिले. इसके लिए नारियल किसानों से जुड़े संघ और सोसाइटी बनाये जा रहे हैं, मुझे बताया गया है कि यहां कर्नाटक में ही करीब 550 ऐसी संस्थाए बनाई जा चुकी हैं.

किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा से जुड़े मछलीपालकपीएम मोदी ने कहा, कर्नाटक सहित पूरे भारत में जल संकट की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुंचाने का संकल्प लिया है. इस अभियान के तहत कर्नाटक सहित देश के 7 राज्यों में भूजल स्तर को ऊपर उठाने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं. Deep sea fishing के लिए मछुआरों की नावों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और ISRO की मदद से मछुआरों की सुरक्षा के लिए नेविगेशन डिवाइस नावों में लगाए जा रहे हैं.

आज यहां तमिलनाडु और कर्नाटक के अनेक किसानों को इसका लाभ लेते हुए आपने भी देखा है. मछलीपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ा जा चुका है. उनकी सहूलियत के लिए बड़ी नदियों और समंदर में नए फिशिंग हार्बर बनाए जा रहे हैं.

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