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नए कृषि कानून किसी के लिए बंधनकारी नहीं।विकल्प दिया गया है; पीएम नरेंद्र मोदी

pm-modi-12पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। कृषि कानूनों पर विस्तार से जवाब देते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने भोजपुरी की एक कहावत के जरिए विपक्ष को खेल बिगाड़ने वाला बताया। पीएम ने कहा, ”ना खेलब ना खेले देब, खेलवे बिगाड़ब।”

पीएम मोदी ने यूपीए सरकार में कृषि मंत्री रहे शरद पवार के पुराने बयानों को सहारा लेकर घेरा। पीएम मोदी ने शरद पवारों के उन बयानों का जिक्र किया जिसमें उन्होंने एपीएमसी ऐक्ट में बदलाव और प्राइवेट मंडियों का समर्थन किया था। पीएम मोदी ने कहा, ”यह भी कहा कि विपक्षी दलों की सरकारें भी जिन राज्यों में हैं वहां कुछ ना कुछ रिफॉर्म किए हैं। हम तो वो हैं, जिन्होंने 1500 सौ कानून खत्म किए हैं। हम तो प्रोग्रेसिव पॉलिटिक्स में विश्वास करते हैं। और भोजपुरी में एक कहावत है कुछ लोग ऐसे हैं, ना खेलब ना खेले देब, खेलवे बिगाड़ब। ना खेलूंगा ना खेलने दूंगा, खेल ही बिगाड़ूंगा।” पीएम मोदी ने कहा, ”किसान आंदोलन को मैं पवित्र मानता हूं। भारत के लोकतंत्र में आंदोलन का महत्व है, लेकिन जब आंदोलनजीवी पवित्र आंदोलन को अपने लाभ के लिए अपवित्र करने निकल पड़ते हैं तो क्या होता है? दंगा करने वालों, सम्प्रदायवादी, आतंकवादियों जो जेल में हैं, उनकी फोटो लेकर उनकी मुक्ति की मांग करना, ये किसानों के आंदोलन को अपवित्र करना है।”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन नए कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए बुधवार को कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और उसे ”विभाजित और भ्रमित पार्टी करार देते हुए कहा कि वह न तो अपना भला कर सकती है और ना ही देश की समस्याओं के समाधान के लिए सोच सकती है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर यह हमला उस वक्त बोला, जब लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का वह जवाब दे रहे थे। कांग्रेस के सदस्य मोदी के भाषण के दौरान टोकाटोकी करने के कुछ समय बाद सदन से वॉकआउट कर गए।”

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री पूरे रौ में दिखे। खेती से जुड़े कानूनों का बचाव करते हुए जब वो बोलने लगे तो कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी टोकने लगे। इस पर मोदी ने पहले हंसते हुए उन्हें चुप कराया। नोक-झोंक के बीच मोदी ने स्पीकर से कहा – ये सब भी चलते रहना चाहिए लेकिन जब टोकाटकी बढ़ गई तो मोदी थोड़े गुस्से में आ गए।हो हंगामा तब हुआ जब नरेंद्र मोदी ने भाषण के दौरान कहा , “न कहीं मंडी बंद हुई , एमएसपी बंद हुई। इतना ही नहीं कानून बनने के बाद एमएसपी के तहत खरीद बढ़ी है। मोदी ने कहा कि सरकार किसानों की हर बात सुनने के लिए तैयार है और अगर कोई भी कमी है तो हम उसे दूर करने के लिए तैयार हैं।”इस पर अधीर रंजन चौधरी खड़े हो गए और हल्ल करने लगे। तब पीएम मोदी ने कहा, ये हो हल्ला , ये रूकावट डालने का प्रयास एक सोची समझी रणनीति के तहत है। जैसा बाहर करते हैं हो हल्ला वैसा ही अंदर करते रहो लेकिन इससे लोगों का विश्वास आपको हासिल नहीं होगा। पहले जो व्यवस्था थी, उसमें से कुछ भी इस कानून ने छीन लिया है क्या.. सब पुराना वैसा ही .. नया हुआ है कि उन्हें विकल्प दिया गया है।

किसान जहां ज्यादा फायदा हो वहां चला जाय, ये व्यवस्था की गई है। मोदी ने अधीर रंजन को टोका और कहा – अब ज्यादा हो रहा है.. बंगाल में भी टीएमसी से ज्यादा पब्लिसिटी आपको मिल जाएगी। अधीर रंजन जी प्लीज, अच्छा नहीं लगता है.. मैं आपका आदर करता हूं.. हद से ज्यादा क्यों कर रहे हो।ये नए कानून किसी के लिए बंधनकारी नहीं है। उनके लिए विकल्प दिया गया है। हां, अगर थोप दिया गया होता कुछ भी तो हम मान लेते। आंदोलन का नया तरीका है। आंदोलनजीवी ऐसा तरीका अपनाते हैं.. ऐसा हुआ तो ये होगा.. इस तरह भय पैदा करके आग लगाने का काम किया जाता है।

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