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आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं ; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

modi-mann-ki-baat-580x395नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 35वीं बार मन की बात की। मोदी ने बातचीत की शुरुआत राम रहीम रेप केस के फैसले के बाद भड़की हिंसा से की। मोदी ने कहा, “किसी व्यक्ति या आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी। सबको कानून के मुताबिक सजा मिलेगी। देश और कोई भी सरकार हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगी।” मोदी ने दैनिक भास्कर समूह के ‘मिट्टी के गणेश-घर में ही विसर्जन’ अभियान की तारीफ की और इसे पर्यावरण के बचाव के लिए बड़ा बदलाव बताया।

मोदी की मन की बात के 7 प्वाइंट्स…
 1) हिंसा बर्दाश्त नहीं
– “मैंने लालकिले से कहा था कि आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी। चाहे वह सांप्रदायिक, धर्म, व्यक्ति, समूह और परंपरा के नाम पर हो। मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि सबको कानून के मुताबिक सजा मिलेगी। देश और कोई भी सरकार हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगी। कानून किसी को इसकी इजाजत नहीं देता है।”
– मोदी ने कहा, “हमारा देश विविधताओं से भरा है। 365 दिन में से कोई दिन शायद ही बिना त्योहार के गुजरता हो। हमारे त्योहार प्रकृति के बदलाव से जुड़े हुए हैं। जैन समाज को त्योहार की बधाई देता हूं। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि क्षमा वीरों का आभूषण है। शेक्सपीयर ने मर्चेंट ऑफ वेनिस में भी क्षमा का उल्लेख किया है।”
– “चारों ओर गणेश चतुर्थी की धूम मची है। तिलकजी ने 125 साल पहले गणेशोत्सव की शुरूआत की थी। ये पर्व 10 दिन तक चलता है। सभी देशवासियों को बहुत शुभकामनाएं। अभी केरल में ओणम का त्योहार हो रहा है। हमारे त्योहार लोगों के लिए टूरिज्म का आकर्षण बनते जा रहे हैं। जैसे बंगाल में दुर्गा पूजा देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। इस बीच में देशवासियों को ईद की भी शुभकामनाएं देना चाहूंगा। त्योहारों का मतलब है कि हम अपने चारों ओर साफ-सफाई पर ध्यान दें।”
2) भास्कर की ‘मिट्टी के गणेश’ पहल का किया जिक्र
– मोदी ने कहा, “बच्चे घरों में मिट्टी के गणेश बना रहे हैं। इस बार पर्यावरण के बचाव के लिए मीडिया हाउस भी बदलाव की पहल कर रहे हैं। लोग घरों में गणेश मूर्ति बनाने लगे हैं। मुझे किसी ने बताया कि एक शख्स ने गणेश विसर्जन के लिए खास कुंड बनाया है।”
– बता दें कि दैनिक भास्कर समूह पिछले कई सालों से ‘मिट्टी के गणेश-घर में ही विसर्जन’ करने का अभियान चला रहा है। इसका मकसद यही है कि हम अपने तालाब और नदियों को प्रदूषित होने से बचा सकें। इसलिए भास्कर अपने करोड़ों पाठकों से आग्रह किया है कि घर में मिट्टी के ही गणेशजी की स्थापना करें और घर में ही उनका विसर्जन करें।
3) बाढ़ की गंदगी हटाने में कई लोग सामने आए
– मोदी ने कहा, “पिछले दिनों गुजरात में बाढ़ आई। इसमें गंदगी फैल गई, कई संगठनों ने इसमें हाथ बंटाया और सफाई की। मैं चाहता हूं कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर एक साथ मिलकर सफाई का व्यापक आंदोलन चलाएं। सभी स्कूल, ऑफिस, पंचायतें और एनजीओ मिलकर गांधी के सपनों की स्वच्छता के लिए काम करें।”
– “मेरे सोशल मीडिया के दोस्त भी वर्चुअल मीडिया में अभियान चला सकते हैं और धरातल पर काम हो इसके लिए लोगों को प्रेरित कर सकते हैं। स्वच्छता के लिए प्रतियोगिताएं कराई जाएं और विजेताओं को अवॉर्ड दिए जाएं। 15 सितंबर से स्वच्छता ही सेवा का मंत्र लेकर अभियान में मेहनत करें। इस तरह बापू को श्रद्धांजलि देने के लिए हमारे अंदर आनंद प्राप्त होगा।”
4) मेहनतकश से मोल-भाव ने करें
– मोदी ने कहा, “मन की बात में मेरा प्रयास रहता है कि आपको ज्यादा से ज्यादा पढ़ूं, देखूं और सुनूं। मेरे पास पुणे से एक महिला का कॉल आया कि हम मॉल और बड़े स्टोर पर खुलकर पैसा खर्च करते हैं। लेकिन जब भी किसी मेहनतकश भाई-बहनों से कुछ खरीदना हो तो मोल भाव किए बिना नहीं रहते हैं। रेस्टोरेंट में खाने का बिल बिना देखे दे देते हैं। मेरी सहेली ने मॉल में 2000 रुपए की साड़ी खरीदी, रेस्टॉरेंट का बिल चुकाया लेकिन ऑटो वाले से 5 रुपए के लिए बहस की।”
– “हम गरीबों पर विश्वास नहीं करते हैं। दो-पांच रुपयों में उस गरीब के दिल पर क्या बीतती होगी। नौजवान साथियों मुझे विश्वास है कि आप इस पर ध्यान देंगे।”
5) मैदान में खुले आसमान के नीचे खेलें
– मोदी ने कहा, “29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जन्मदिवस है। खेल से जीवन में स्फूर्ति आती है।” – “आजकल ज्यादातर बच्चे कंप्यूटर पर गेम खेलते रहते हैं। आज बच्चे घर में ही खेलते रहते हैं। मै ये कहूंगा कि मैदान में खुले आसमान के नीचे खेलिए। अब तो मांएं कहती हैं कि बेटा तू कब घर से बाहर जाएगा। पहले इसका उल्टा होता था। मां कहती थी- बेटा, तू कब आएगा।”
– “खेल मंत्रालय ने खेल में उपलब्धियां रखने वाले लोगों के लिए एक पोर्टल की शुरूआत की है। आप इस पर रजिस्ट्रशन करें। चुनिंदा प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।”
6) टीच टू ट्रॉन्सफॉर्म
– मोदी ने कहा, “5 सितंबर को देश के पहले उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन जी का जन्मदिवस है। इसे हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। वे खुद को पहले शिक्षक मानते थे। हर किसी को 5 साल के लिए शिक्षा के संकल्प से बांधना चाहिए। हमारे देश में जब हम ट्रांसफार्मेशन की बात करते हैं। जैसे घर में मां की याद आती है वैसे ही जीवन में शिक्षक की भूमिका याद आती है। आइए टीच टू ट्रॉन्सफॉर्म, इस मंत्र से आगे बढ़ें।”
– “पिछले दिनों नेवी की 6 बेटियों से मिला। वे समंदर की परिक्रमा करके लौटी हैं। कई दिन पानी के ऊपर बिताए। मैं उन्हें सलाम करता हूं। मैं चाहता हूं कि वो अपने अनुभव शेयर करें। मैं भी नरेंद्र मोदी ऐप पर इसकी व्यवस्था करूंगा।”
7) जनधन योजना की दुनियाभर में चर्चा
– मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री जनधन योजना पूरे विश्व में आर्थिक पंडितों के लिए चर्चा का विषय रही है। 28 अगस्त को इसके तीन साल पूरे होने जा रहे हैं।”
– “देश का एक गरीब भी बैंक में आने जाने लगा है। पैसों की बचत करने लगा है। उसे लगने लगा है कि आने वाले दिनों में ये पैसे काम आएंगे। वो अमीरों की बराबरी का भाव महसूस करता है। जनधन खातों में 65 करोड़ रूपए जमा हुए हैं। सरकार ने एक रूपए के बीमे से गरीबों को लाभ दिया। करोड़ों नौजवानों को मुद्रा योजना से बिना गारंटी लोन मिले। उन्होंने बिजनेस के साथ एक दो लोगों को रोजगार दिए।”
– “बैंक के लोगों से अपील करता हूं कि वो नौजवानों के ट्रांसफर्मेशन की स्टोरी mygov.in पर शेयर करें। जिससे दूसरे लोगों को प्रेरणा मिल सके।”
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