Pages Navigation Menu

Breaking News

जेपी नड्डा बने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

जिनको जनता ने नकार दिया वे भ्रम और झूठ फैला रहे है; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत में शक्ति का केंद्र सिर्फ संविधान; मोहन भागवत

आसमान में ताकत; देश को मिला पहला राफेल विमान

rajnath_singh_1_19648381_235357995भारतीय वायुसेना आज 87 साल की हो गई है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस से पहला राफेल विमान प्राप्त कर लिया है। दशहरे के मौके पर शस्त्र पूजा करने के बाद अब राजनाथ सिंह राफेल में उड़ान भर रहे हैं। राफेल की हैंडओवर सेरेमनी में राजनाथ सिंह ने कहा कि आज दशहरा है और आज 87वां वायुसेना दिवस भी है। आज का दिन कई मायनों में अहम है। भारत-फ्रांस के राजनीतिक रिश्ते मजबूत हो रहे हैं।राजनाथ सिंह ने कहा, 36 राफेल एयरक्राफ्ट को लेकर 2016 में करार किया गया था। मुझे खुशी है कि राफेल विमानों की डिलीवरी तय समय पर हो रही है, मुझे विश्वास है कि इससे हमारी वायुसेना में और मजबूती आएगी।उन्होंने कहा कि राफेल एक फ्रेंच शब्द है। जिसका मतलब है ‘आंधी’। मुझे उम्मीद है कि राफेल अपने नाम को चरितार्थ करेगा। हमारा फोकस वायुसेना की क्षमता बढ़ाने पर है। मैं फ्रांस का शुक्रगुजार हूं।उन्होंने पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति जैकी शिराज को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, मैं भारत सरकार और देश जनता की तरफ पूर्व राष्ट्रपति जैकी सिराज को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक संबंध स्थापित करने में हमारे पूर्व पीएम अटलजी के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

 

आसमान में बढ़ेगी भारत की ताकत

एमबीडीए के भारत प्रमुख लोइक पिडवाशे ने कहा, राफेल एक शानदार विमान है, जिसमें जबरदस्त मारक हथियार शामिल हैं. दुनिया भर के कई देशों में यह बेहद अहम साबित हुए हैं. भारत को 36 राफेल सप्लाई का हिस्सा बनकर हम काफी खुश हैं.’ पिडवाशे ने कहा, मिटिओर को विजुअल रेंज मिसाइल की श्रेणी में दुनिया में सबसे खतरनाक माना जाता है. इसके अलावा स्काल्प दुश्मन के लक्ष्य को काफी अंदर तक भेदने में सक्षम है. इन दोनों मिसाइलों से भारत के पास निर्णायक हवाई क्षमता मौजूद होगी. उन्होंने आगे कहा, भारत के पास मौजूदा समय में ऐसी क्षमता नहीं है.मिटिओर नेक्स्ट जेनरेशन की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है. इसे एमबीडीए ने इंग्लैंड, जर्मनी, इटली, फ्रांस, स्पेन और स्वेडन की मांग को देखते हुए तैयार किया है. मिटिओर को एक्टिव रडार से गाइड किया जाता है, जिसे हर मौसम में प्रयोग में लिया जा सकता है. इस मिसाइल को लड़ाकू विमानों के अलावा यूएवी से भी छोड़ा जा सकता है.स्काल्प मिसाइल लंबी दूरी तक अंदर तक मार कर सकती है. इसके जरिए किसी निश्तिच लक्ष्य पर सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई आसानी से अंजाम दी जा सकती है. यह मिसाइल यूके की रॉयल एयर फोर्स और फ्रेंच एयरफोर्स का हिस्सा है. खाड़ी युद्ध में इस मिसाइल का जमकर इस्तेमाल किया गया था. बता दें कि भारतीय आसमान में पहला राफेल लड़ाकू विमान मई 2020 में दिखेगा. एयरफोर्स दिवस आठ अक्टूबर को है. भारत 36 राफेल लड़ाकू विमानों में से पहले चार विमान मई 2020 तक प्राप्त करेगा.

abhinandan-iafवायुसेना दिवस के अवसर पर गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  इससे पहले सेना प्रमुख बिपिन रावत, भारतीय वायु सेना प्रमुख आरके सिंह भदौरिया और नौसेनाध्यक्ष करमबीर सिंह ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी बीच वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने वायुसेना दिवस पर कहा, ‘इस (बालाकोट एयरस्ट्राइक) की रणनीतिक प्रासंगिकता आतंकवादियों को दंडित करने के लिए राजनीतिक नेतृत्व का संकल्प है।’उन्होंने आगे कहा कि, आतंकवादी हमलों से निपटने के सरकार के तरीके में बदलाव आया है। पड़ोस का वर्तमान सुरक्षा वातावरण चिंता का गंभीर विषय बना हुआ है। पुलवामा हमला रक्षा प्रतिष्ठानों पर होने वाले लगातार खतरे की याद दिलाता है।’भदौरिया ने आगे कहा कि, पड़ोस में वर्तमान सुरक्षा वातावरण चिंता का एक गंभीर कारण है। पुलवामा हमला रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए लगातार खतरे की याद दिलाता है।

भारत और पाकिस्तान में जानिए हवा में कौन कितना है ताकतवर?

                               भारत        पाकिस्तान
कुल एयरक्राफ्ट          2082        1342
लड़ाकू विमान            520           348
हमलावर विमान        694           438
ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट    248            51
ट्रेनर एयरक्राफ्ट         364           499
कुल हेलीकॉप्टर          692          322
लड़ाकू हेलीकॉप्टर       17        55

हालांकि भारत के मिग-21 विमान अब रिटायर होने वाले हैं। लेकिन अपाचे हेलीकॉप्टर और राफेल के शामिल होने से भारत की हवाई ताकत फिर से बढ़ गई है।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *