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तो फुर्तीला लड़ाकू राफेल होगा गेमचेंजर….

Rafale-1280x720राफेल लड़ाकू विमान बुधवार को भारत पहुंच गए। हर तरफ इसकी मारक क्षमता, गति की बात हो रही है तो दुनिया के दूसरे शक्तिशाली लड़ाकू विमानों के साथ इसकी तुलना हो रही है। इस बीच, रक्षा विशेषज्ञों ने कहा है कि सटीक वार, बेजोड़ ताकत और बहुउद्देशीय भूमिका के लिए दुनिया भर में चर्चित राफेल विमानों से भारत की वायु सेना की क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। खासकर, पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों से सामना करते वक्त ये गेमचेंजर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि चीन के साथ सीमा पर तनाव के मद्देनजर राफेल विमानों को बेड़े में शामिल करने का समय भी बहुत अहम है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि वायु सेना के बेड़े में 36 राफेल विमानों को शामिल किया जाना भारत के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि ऐसी दक्षता और बेजोड़ इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली वाला विमान पड़ोस में किसी भी देश के पास नहीं है। वायु रक्षा, बेहद सटीकता से हमले, जहाज रोधी हमले की खासियत समेत इसकी अधिकतम रफ्तार 1.8 मैक है।

IAFअमेरिका के एफ-35 और एफ-22 लड़ाकू विमानों से भी इसकी तुलना की जाती है। पिछले कुछ वर्षों में राफेल ने अफगानिस्तान, लीबिया, माली, इराक और सीरिया में अपना दमखम दिखाया है। फ्रांस, मिस्र और कतर के बाद भारत चौथा ऐसा देश है जिसके पास यह अत्याधुनिक विमान है।एफ-35 से तुलना पर विशेषज्ञों ने कहा कि राफेल ज्यादा फुर्तीला है क्योंकि यह लंबे समय तक हथियारों को लेकर तेज गति के साथ उड़ान भर सकता है। हालांकि वैमानिकी और इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली के मामले में एफ-35, राफेल से आगे है। रक्षा विशेषज्ञ लक्ष्मण बेहेरा ने बताया, ”वैश्विक बाजार में उपलब्ध यह सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमान है। चीन में उपलब्ध लड़ाकू विमानों की तुलना में यह अत्याधुनिक है और मारक क्षमता भी अधिक है। निश्चित तौर पर भारत की रक्षा तैयारियों को इससे बढ़ावा मिलेगा। राफेल के आगमन का समय भी बिल्कुल उपयुक्त है।” चीन के लड़ाकू विमान जे-20 के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी तुलना राफेल से नहीं की जा सकती क्योंकि फ्रांस निर्मित विमान चीनी लड़ाकू विमान की तुलना में ज्यादा दक्ष है।

पूर्व वायु सेना प्रमुख फली होमी मेजर ने भी डॉ. बेहेरा की राय से सहमति प्रकट की। पूर्व वायु सेना प्रमुख ने कहा, ”राफेल और जे-20 के बीच कोई तुलना नहीं है। दुनिया जे-20 के बारे में नहीं जानती है। राफेल विमान भारतीय वायु सेना की क्षमता को और बढ़ाएंगे।”मनोहर पर्रिकर रक्षा अनुसंधान और विश्लेषण संस्थान में अग्रणी विशेषज्ञ डॉ. बेहेरा ने कहा, ”36 राफेल विमान आ जाने पर क्षेत्र में भारत के पास बेजोड़ हवाई ताकत होगी। भारत के लिए यह निर्णयकारी भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन ने लड़ाकू विमानों को बेड़े में शामिल किए जाने का जरूर संज्ञान लिया होगा। सरकार ने सोमवार को कहा कि सभी 36 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति 2021 के अंत तक हो जाएगी।

सात हजार किलोमीटर की यात्रा तय करके फ्रांस से भारत पहुंचे पांच राफेल विमानों ने बुधवार दोपहर अंबाला एयरबेस पर लैंडिंग की। सभी लड़ाकू विमानों ने दोपहर तीन बजे के बाद एयरबेस पर टचडाउन किया। पूरा देश लंबे समय से राफेल विमानों का इंतजार कर रहा था। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने अंबाला में विमानों की अगवानी की।अंबाला एयरबेस पर पहुंचते ही राफेल को पानी की बौछारों से वॉटर सैल्यूट दिया गया। लड़ाकू विमानों की लैंडिंग को लेकर रक्षा मंत्रालय ने वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में राफेल अंबाला एयरबेस की पट्टी को चूमते देखे जा सकते हैं। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पांचों राफेल विमानों की अंबाला में सुरक्षित लैंडिंग हुई।

उन्होंने कहा, ‘वायुसेना की ताकत में इससे क्रांतिकारी बढ़ोतरी होगी।  सेना के इतिहास में नए युग की शुरुआत हुई है।’ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय ने कहा कि भारतीय वायु क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद राफेल विमानों को दो सुखोई 30 एमकेआई ने अपने घेरे में ले लिया। एयरबेस पर लैंडिंग के ऐतिहासिक क्षणों के बीच बुधवार को ही राफेल लड़ाकू विमानों के पहले जत्थे ने भारतीय वायु क्षेत्र में प्रवेश किया। वहीं, फ्रांस के मेरिगनेक एयरबेस से सात घंटे से अधिक उड़ान भरने के बाद यूएई में सोमवार को अल धाफरा एयरबेस पर विमानों का जत्था उतरा था। यह फ्रांस से भारत के लिए उड़ान के दौरान एकमात्र पड़ाव था। 30,000 फुट की ऊंचाई पर एक फ्रांसीसी टैंकर से हवा में इन लड़ाकू विमानों में ईंधन भरा गया था। राफेल लड़ाकू विमान भारत के दो दशकों में लड़ाकू विमानों का पहली बड़ी आपूर्ति है और इनसे भारतीय वायु सेना की लड़ाकू क्षमताओं को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

दो सुखोई विमानों ने किया राफेल का एस्कॉर्ट

भारतीय वायु सीमा में जैसे ही पांचों राफेल विमानों ने प्रवेश किया, उसके बाद वायु सेना ने अपने दो सुखोई विमानों को भेजा। दोनों विमानों ने राफेल को एस्कॉर्ट किया। वायु सेना ने इन तस्वीरों को ट्वीट करते हुए लिखा कि सुखोई SU-30s ने विमानों का स्वागत किया। तस्वीरों में कुल सात विमान नजर आए, जिसमें से दो विमान सुखोई थे, जबकि अन्य पांच लड़ाकू विमान राफेल थे।

बेहतरीन लड़ाकू विमानों में एक है राफेल

निर्विवाद ट्रैक रिकॉर्ड वाले इन राफेल विमानों को दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। फ्रांस के बोरदु शहर में स्थित मेरिगनेक एयरबेस से 7,000 किलोमीटर की दूरी तय करके ये विमान आज दोपहर हरियाणा में स्थिति अंबाला एयरबेस पर उतरे।

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