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मशहूर शायर राहत इंदौरी का निधन

rahat_1597148034बेबाक अंदाज में अपनी बात रखने के लिए मशहूर शायर राहत इंदौरी का मंगलवार शाम निधन हो गया। रविवार को तबीयत बिगड़ने के बाद वह इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे। उसके बाद उनका कोविड टेस्ट हुआ था। कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें अरबिंदो अस्पताल में शिफ्ट किया गया। अरबिंदो में भर्ती होने के बाद उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई।

राहत के लिखे गीतों और नज्मों ने न सिर्फ मंचों पर शोहरत हासिल की, बल्कि फिल्मों में भी उनके लिखे गीतों ने अलग ही मुकाम बनाया। 1992 में आई जानम फिल्म में राहत साहब का लिखा एक गीत था- दिल जिगर के जान अच्छा है, इसके बाद 1993 में रिलीज हुई सर के लिए लिखा था- आज हमने दिल का हर किस्सा। इन फिल्मों के बाद उन्होंने 1994 में नाराज के लिए भी गीत लिखे।

टिकटॉक पर वायरल थी – बुलाती है मगर जाने का नईं
राहत साहब की लिखी एक रचना टिकटॉक वीडियोज में सबसे ज्यादा मशहूर थी- बुलाती है मगर जाने का नईं। ये लाइन्स कुछ इस तरह थीं-

बुलाती है मगर जाने का नहीं ये दुनिया है इधर जाने का नहीं,

मेरे बेटे किसी से इश्क़ कर मगर हद से गुज़र जाने का नहीं

वबा फैली हुई है हर तरफ अभी माहौल मर जाने का नहीं

वो गर्दन नापता है नाप ले मगर जालिम से डर जाने का नहीं

राहत साहब का आखिरी पोस्ट

कोरोना वायरस संक्रमित होने की खबर के साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर यह लिखा था कि- शाख़ों से टूट जाएं वो पत्ते नहीं हैं हम, कोरोना से कोई कह दे कि औक़ात में रहे।

गीतकार के रूप में राहत इंदौरी ने कई फिल्मों के लिए गीत लिखे। जिनमें सबसे खास मुन्ना भाई एमबीबीएस, मीनाक्षी, जानम, सर, खुद्दार, नाराज, मर्डर, मिशन कश्मीर, करीब, बेगम जान, घातक, इश्क, आशियां और मैं तेरा आशिक, दरार, गली गली में चोर है, हमेशा, द जेंटजलमेन, पहला सितारा, जुर्म, हनन, इंतेहा, प्रेम अगन, हिमालयपुत्र, पैशन, दिल कितना नादान है, वैपन, बेकाबू, याराना, गुंडाराज, नाजायज, टक्कर, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी और तमन्ना, जैसी फिल्में शामिल हैं।

अनु मलिक के साथ हिट रही जोड़ी

गीतकार-संगीतकार के रूप में राहत साहब के गीतों को सुरों में पिरोने का काम अनु मलिक ने कई बार किया। यह जोड़ी ‘नींद चुराई मेरी किसने ओ सनम’ और ‘चोरी चोरी जब नजरें मिलीं, पहली शर्त जुदाई है इश्क बड़ा हरजाई है, तुमसा कोई प्यारा कोई मासूम नहीं है, दिल को हजार बार रोका टोका, देखले आंखों में आंखें डाल, देखो देखो जानम हम दिल अपना, कोई जाए तो ले आए गीतों को कंपोज कर चुकी है।

टीवी शो में भी पहुंचे थे राहत साहब

पिछले 45 सालों से भी ज्यादा वक्त से राहत साहब मुशायरों की जान हुआ करते थे। मंचों और बड़े पर्दे के लिए गीत लिखने के बाद वे द कपिल शर्मा शो पर भी पहुंचे। पहली बार वे 2017 में शो पर कुमार विश्वास और शबीना अदीब के साथ गए थे। वहीं दूसरी बार अशोक चक्रधर के साथ जुलाई 2019 में पहुंचे थे। वे सब टीवी के शो वाह वाह क्या बात है में भी बतौर मेहमान पहुंचे थे।

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