Pages Navigation Menu

Breaking News

संघ कार्यालय पर संघी-कांग्रेसियों ने फहराया तिरंगा
पंपोर में मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए  
वाराणसी में केजरीवाल को दिखाए काले झंडे

CWC बैठक में 2019 पर मंथन, राहुल हों गठबंधन का चेहरा!

cwc2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विपक्षी एकता की कोशिशों के बीच एक बार फिर महागठबंधन के चेहरे पर बात आ टिकी है. रविवार को दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी इस मसले पर चर्चा हुई. बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि महागठबंधन के केंद्र में कांग्रेस रहे और राहुल गांधी ही उसका चेहरा हों.

महागठबंधन बनने की स्थिति में कौन उसे लीड करेगा, इसे लेकर अभी कयासों के दौर ही चल रहे थे. कहीं से  ममता बनर्जी की आवाज उठ रही थी, तो कोई मायावती को इसके लिए उपयुक्त उम्मीदवार के तौर पर देख रहा था. लेकिन राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार हुई CWC की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि गठबंधन का चेहरा कांग्रेस नेता ही बने.

बैठक में राजस्थान कांग्रेस के नेता सचिन पायलट, शक्ति सिंह गोहिल और रमेश चेन्निथला जैसे कुछ नेताओं ने कहा कि हमें रणनीतिक गठबंधन बनाना चाहिए. साथ ही कोशिश करनी चाहिए कि गठबंधन के केंद्र में कांग्रेस हो. इन नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ‘हम सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरें और हमारे नेता राहुल गांधी गठबंधन का चेहरा हों.’

वर्किंग कमेटी की बैठक में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने भी महागठबंधन की बात पर सहमति जताई. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए साथ आना जरूरी है. सोनिया गांधी ने कहा कि समान विचारधारा वाले दल निजी महत्वाकांक्षाएं छोड़कर साथ आएं.

सोनिया गांधी ने कहा, ‘हम गठबंधन करने और उसे सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस प्रयास में हम सभी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हैं.’ उन्होंने कहा, ‘हमें खतरनाक शासन से लोगों को बचाना होगा जो भारत के लोकतंत्र को संकट में डाल रहा है.’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बयानबाजी उनकी इस ‘हताशा’ को दिखाती है कि मोदी सरकार के जाने की ‘उलटी गिनती’ शुरू हो गई है.

दूसरी तरफ पी. चिदंबरम ने बैठक में गठबंधन को लेकर प्रीजेंटेशन दी. उन्होंने बताया कि किस तरह गठबंधन रूप ले सकता है और पार्टी कहां और कैसे चुनाव में बाजी मार सकती है. राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की बात पर सभी नेताओं ने सहमति जताई. हालांकि, पंजाब को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी अलग राय रखी. उन्होंने बताया, ‘मैंने पंजाब में पार्टी की जीत के बारे में पार्टी को बताया है और पंजाब में गठबंधन को लेकर हाईकमान पर निर्णय छोड़ दिया है.

इस बैठक में कुल 239 लोग मौजूद हैं. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ जहां बीजेपी संस्थाओं, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और गरिबों पर हमले कर रही है वहीं कांग्रेस देश की आवाज बनने की अपनी भूमिका बखूबी निभा रही है.

सुरजेवाला ने बताया कि राहुल गांधी ने CWC का गठन एक ऐसे संस्था के रूप में की है जिसमें भूत, वर्तमान और भविष्य के अनुभव का समावेश है.बता दें कि CWC कांग्रेस पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई है, जिसमें उन्होंने अनुभवी और युवा नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है. सीडब्ल्यूसी में 23 सदस्य, 18 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 10 आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं. राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कार्य समिति में कई ऐसे नेताओं को जगह नहीं मिली है जो सोनिया गांधी के अध्यक्ष रहते हुए कार्य समिति के प्रमुख सदस्य हुआ करते थे.

जनार्दन द्विवेदी, दिग्विजय सिंह, कर्ण सिंह, मोहसिना किदवई, ऑस्कर फर्नांडीस, मोहन प्रकाश और सीपी जोशी को नई कार्य समिति में जगह नहीं मिली है. सीडब्ल्यूसी के सदस्यों में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी के कोषाध्यक्ष मोती लाल वोरा, अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी और ओमन चांडी को जगह दी गई है.

इसके अलावा असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, कुमारी शैलजा, मुकुल वासनिक, अविनाश पांडे, केसी वेणुगोपाल, दीपक बाबरिया, ताम्रध्वज साहू, रघुवीर मीणा और गैखनगम भी शामिल हैं.

सीडब्ल्यूसी में स्थायी आमंत्रित सदस्यों में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, ज्योतिरादित्य सिंधिया, बालासाहेब थोराट, तारिक हमीद कारा, पी सी चाको, जितेंद्र सिंह, आरपीएन सिंह, पी एल पूनिया, रणदीप सुरजेवाला, आशा कुमारी, रजनी पाटिल, रामचंद्र खूंटिया, अनुग्रह नारायण सिंह, राजीव सातव, शक्तिसिंह गोहिल, गौरव गोगोई और ए. चेल्लाकुमार शामिल हैं.

विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर केएच मुनियप्पा, अरूण यादव, दीपेंद्र हुड्डा, जितिन प्रसाद, कुलदीप विश्नोई, इंटक के अध्यक्ष जी संजीव रेड्डी, भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष केशव चंद यादव, एनएसयूआई के अध्यक्ष फिरोज खान, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव और कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठक लालजीभाई देसाई को शामिल किया गया है.इसी साल मार्च में हुए कांग्रेस  में सर्वसम्मति से नयी सीडब्यूसी के गठन के लिए राहुल गांधी को अधिकृत किया गया था. गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में गुजरात विधानसभा चुनाव के समय राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *