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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर की आधारशिला रखना ऐतिहासिक ; आडवाणी

ram advani with modiनई दिल्ली: अयोध्या  में राम मंदिर  के भूमि पूजन में अब चंद घंटों का ही समय बचा है. देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया उस घड़ी का इंतजार कर रही है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने हाथों से राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे. इस बीच भूमि पूजन को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे लाल कृष्ण आडवाणी  ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है. आडवाणी ने भूमि पूजन से ठीक एक दिन पहले कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर की आधारशिला रखना मेरे ही नहीं बल्कि सभी भारतीयों के लिए ऐतिहासिक और भावनात्मक दिन है.उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि राम मंदिर सशक्त, संपन्न और सौहार्दपूर्ण राज्य के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा जहां पर सभी को न्याय मिलेगा और कोई अलग-थलग नहीं होगा.उन्होंने आगे कहा कि भगवान राम विनीत भाव, मर्यादा और शिष्टता के गुणों से युक्त हैं और मेरा मानना है कि यह मंदिर सभी भारतीयों को उनके गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगा.वरिष्ठ नेता ने कहा कि मैं विनम्रता से भर जाता कि नियति ने राम जन्मभूमि आंदोलन में वर्ष 1990 में राम रथ यात्रा के माध्यम से मुझे महत्वपूर्ण दायित्व निभाने का मौका दिया.उन्होंने आगे कहा, ‘राम जन्मभूमि पर श्री राम के लिए एक भव्य मंदिर भारतीय जनता पार्टी के लिए एक इच्छा और मिशन रहा है। इस शुभ अवसर पर, मैं राम जन्मभूमि आंदोलन में बहुमूल्य योगदान और बलिदान देने वाले भारत और दुनिया के संतों, नेताओं और लोगों के स्कोर के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं।’

पूर्व उपप्रधानमंत्री ने यह भी कहा, “मेरा मानना है कि राम मंदिर सशक्त, संपन्न और सौहार्दपूर्ण राज्य के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा जहां पर सभी को न्याय मिलेगा और कोई अलग-थलग नहीं होगा.”
आडवाणी ने कहा, ‘मैं राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान और बलिदान देने वाले भारत और दुनिया के संतों, नेताओं और लोगों के स्कोर के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं. मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्णायक फैसले के कारण राम मंदिर का निर्माण शांति के माहौल में शुरू हो रहा है. यह भारतीयों के बीच के बंधन को मजबूत करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा.

मैं इस पर विनम्रता महसूस करता हूं कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान 1990 में भाग्य से मैंने सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा के रूप में एक महत्वपूर्ण कर्तव्य निभाया. जिसने इसमें शामिल होने वाले अनगिनत प्रतिभागियों की आकांक्षाओं, ऊर्जाओं और जुनून को मजबूती देने में मदद की. इस शुभ अवसर पर, मैं राम जन्मभूमि आंदोलन में बड़ी संख्या में बहुमूल्य योगदान और बलिदान देने वाले भारत और दुनिया के संतों, नेताओं और लोगों के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं.मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्णायक फैसले के कारण, श्री राम मंदिर का निर्माण शांति के माहौल में शुरू हो रहा है. यह भारतीयों के बीच के बंधन को मजबूत करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा. राम भारत की संस्कृति और सभ्यता की विरासत में एक सम्मानित स्थान पर काबिज हैं और अनुग्रह, गरिमा और अलंकरण के प्रतीक हैं. यह मेरा विश्वास है कि यह मंदिर सभी भारतीयों को उनके गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगा. यह मेरा विश्वास भी है कि राम मंदिर भारत का सभी के लिए एक मजबूत, समृद्ध, शांतिपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण और सभी के लिए न्यायपूर्ण राष्ट्र के रूप में प्रतिनिधित्व करेगा और किसी का भी बहिष्करण नहीं करेगा ताकि हम वास्तव में रामराज्य में सुशासन के प्रतीक बन सकें.

भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारी के नाते मोदी ने वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी की 1990 में हुई ‘राम रथ यात्रा’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जबकि आदित्यनाथ के गुरू स्वर्गीय महंत अवैद्यनाथ ने 1984 में बने साधुओं और हिन्दू संगठनों के समूह की अगुवाई कर मंदिर आंदोलन में अहम योगदान दिया था.साल 1989 में पालमपुर में हुए भाजपा के अधिवेशन में पहली बार राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया. आडवाणी ने अपनी प्रसिद्ध रथ यात्रा की शुरुआत गुजरात के सोमनाथ मंदिर से की थी. उनकी इस यात्रा को 1990 में प्रधानमंत्री वी पी सिंह के अन्य पिछड़ा वर्गो के आरक्षण के मकसद से शुरू की गई मंडल की राजनीति की काट के रूप में भी देखा जाता है.

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