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रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति

kovind_oath_759रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को देश के 14वें राष्ट्रपति पद की शपथ ली. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जे एस खेहर ने उन्हें शपथ दिलाई. इसके बाद सम्मान में उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई. संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, लोकसभा स्पीकर सुमीत्रा महाजन सहित सभी केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहें.

अपने पहले भाषण में रामनाथ कोविंद ने देश की 125 करोड़ जनता का धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि वे देशवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे.

मुझे भारत के राष्ट्रपति पद का दायित्व सौंपने के लिए आभार व्यक्त करता हूं. सेंट्रल हॉल में मेरी कई स्मृतियां ताजा हो गई हैं. मैं संसद सदस्य रहा हूं. इसी सेंट्रल हॉल में आपमें से कई लोगों के साथ विचार-विमर्श किया है. सहमती-असहमती के बीच यहीं एकदूसरे के विचारों का सम्मान करना सीखा. यही लोकतंत्र की खूबसूरती है.

मैं छोटे से गांव से आया हूं. मैं मिट्टी के घर में पला-बढ़ा हूं. हमारे देश की भी यही गाथा रही है.

> हमारी सेना, पुलिस, किसान, वैज्ञानिक, शिक्षक, युवा और महिलाएं सभी राष्ट्र के निर्माता हैं.

> देश की संस्कृति, परंपरा और अध्यात्म पर गर्व है.

> विचारों का सम्मान लोकतंत्र की खूबी है. हमारी विविधता ही हमें महान बनाता है. हम बहुत अलग हैं, लेकिन फिर भी एक और एकजुट हैं.

> हमें गांधी जी और दीनदयाल उपाध्याय के सपनों के भारत का निर्माण करना है.

> आज पूरे विश्व में भारत का महत्व बढ़ा है. विश्व के दूसरे देश अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के लिए भारत की ओर देख रहे हैं.

> वे आदिवासी जो हमारे पर्यावरण की रक्षा कर रहे हैं वे राष्ट्र निर्माता हैं.

> मंगल तक देश के अंतरिक्ष मिशन को ले जाने वाला राष्ट्रनिर्माता.

> गांधीजी ने हमें मार्ग दिखाया, सरदार पटेल ने देश का एकीकरण किया और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने                    मानवीय गरिमा और गणतांत्रिक मूल्यों का संचार किया.

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